ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट कैसे पढ़ें और समझें | Option Trading Chart Analysis in Hindi

ऑप्शन ट्रेडिंग में कॉल या पुट ऑप्शंस को खरीदने से पहले चार्ट एनालिसिस करना बहुत जरूरी होता है। ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट देखने से आपको पता चलता है कि;

  • मार्केट में सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल कहां पर हैं,
  • चार्ट पर पेटर्न कौन सा बन रहा है,
  • बाजार का ट्रेंड किस ओर है,
  • Option buyers ज्यादा है या option sellers,
  • ट्रेडिंग वॉल्यूम कितना है आदि।

लेकिन अगर आप बिना चार्ट देखे या बिना कोई टेक्निकल एनालिसिस के ऑप्शंस के प्रीमियम खरीदने में पैसा लगाते हैं तो नुकसान होने की संभावना बहुत ज्यादा है क्योंकि ऐसा करने से आप बिना सोचे समझे सिर्फ हवा में तीर चला रहे हैं इसीलिए ऑप्शन चार्ट देखना प्रत्येक ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए बहुत important है।

इसीलिए आज मैं आपको बताऊंगा कि;

  • ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट कैसे देखें या पढ़ें,
  • ऑप्शन चार्ट एनालिसिस कैसे करें,
  • ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट टाइम फ्रेम क्या होना चाहिए,
  • ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट पर कौन से इंडिकेटर्स और सॉफ्टवेयर उपयोग करने चाहिए,
  • साथ ही एक प्रॉफिटेबल ऑप्शन चार्ट सेटअप क्या होना चाहिए,

तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढियेगा केवल तभी आप ऊपर दिए गए सभी टॉपिक को अच्छे से समझ पाएंगे।

आइए सबसे पहले जानते हैं कि–

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट कैसे देखें?

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट, Option trading chart analysis in hindi

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट देखने के लिए सबसे पहले आपको अपनी ब्रोकर ऐप को ओपन करना होगा। फिर निफ्टी या बैंकनिफ्टी के किसी स्ट्राइक प्राइस के कॉल या पुट को सर्च करना है। इसके बाद उस ऑप्शन के चार्ट सेक्शन में जाकर आप उस स्टॉक या इंडेक्स के ऑप्शन प्रीमियम का चार्ट देख सकते हैं।

ऑप्शन चार्ट देखते समय आपको कभी मार्केट ऊपर तो कभी नीचे जाता हुआ दिखाई देगा. लेकिन आपको ट्रेड तभी करना है जब चार्ट पर कोई ब्रेकआउट होने वाला हो मतलब जब प्राइस अपने सपोर्ट या रेजिस्टेंस लेवल तोड़ दे उस समय आपको एंट्री लेनी चाहिए।

अधिकतर ट्रेडर्स सिर्फ निफ्टी या बैंकनिफ्टी ऑप्शन्स में ही ट्रेड करना पसंद करते हैं क्योंकि इनमें लिक्विडिटी अच्छी खासी देखने को मिल जाती है।

जबकि अगर आप किसी स्टॉक में ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो कम लिक्विडिटी या low volume की समस्या आ सकती है।

इसीलिए अगर आप एक beginner है तो आपको बैंक निफ्टी की बजाए Nifty इंडेक्स में ऑप्शन ट्रेडिंग करना चाहिए क्योंकि निफ्टी के कॉल और पुट ऑप्शंस बैंकनिफ्टी ऑप्शंस की तुलना में कम वोलेटाइल होते हैं इसलिए आपको एक शुरुआती ऑप्शन ट्रेडर के तौर पर निफ्टी में ट्रेडिंग करना चाहिए।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट कैसे पढ़ें?

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट पढ़ने के लिए सबसे पहले आपको अलग-अलग टाइम फ्रेम पर बाजार का ट्रेंड देखना होता है। इसके बाद टेक्निकल एनालिसिस और ट्रेंडलाइन की मदद से चार्ट पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पता करें, चार्ट पेटर्न को पढ़ने की कोशिश करें।

ऑप्शन चार्ट पढ़ते समय आपको चार्ट पर काफी चीजें देखनी पड़ती है जैसे–

  • कौन सा चार्ट पेटर्न बन रहा है,
  • मार्केट का डायरेक्शन और मोमेंटम क्या है,
  • टेक्निकल इंडिकेटर्स क्या संकेत दे रहे हैं,
  • मार्केट में तेजी है या मंदी,
  • ट्रेडिंग वॉल्यूम कितना है,
  • मूविंग एवरेज क्या बता रहा है आदि।

ऑप्शन चार्ट को पढ़ने से आपको पता चल जाता है कि आज मार्केट में कितनी मूवमेंट होने वाली है और बाजार किस रेंज में ट्रेड होता हुआ दिखाई देगा।

लेकिन ऑप्शन चार्ट पढ़ने के लिए आपको तकनीकी विश्लेषण की जानकारी होना बहुत जरूरी है जिसके अंतर्गत प्राइस एक्शन, तकनीकी इंडिकेटर, वॉल्यूम, सपोर्ट रेजिस्टेंस, ट्रेंडलाइन इत्यादि आते हैं.

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लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है ऑप्शन चार्ट पर बनने वाले chart patterns को पढ़ना और समझना, आइये अब इसी के बारे में जानते हैं।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट पेटर्न

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट देखते समय आपको बहुत सारे चार्ट पेटर्न बनते हुए दिखेंगे जैसे; डबल टॉप, डबल बॉटम, हेड एंड शोल्डर, फ्लैट पेटर्न आदि। साथ ही आपको ऑप्शन चार्ट पर लाल और हरी कैंडल्स के द्वारा हैमर, हैंगिंग मैन, शूटिंग स्टार, डोजी आदि कैंडलेस्टिक पेटर्न का भी एनालिसिस करना पड़ता है।

लेकिन किसी भी चार्ट पेटर्न को देखते समय आपको उस पैटर्न पर ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन कहां पर होगा इसकी जानकारी होनी चाहिए।

क्योंकि अगर आपको यही पता नहीं होगा कि चार्ट पेटर्न बनने पर एंट्री और एग्जिट कहां पर करना है, टारगेट प्राइस कितना रखना है और स्टॉपलॉस कितने प्राइस पर लगाना है तो चार्ट पेटर्न एनालिसिस का कोई फायदा नहीं है।

इसीलिए जब भी आप किसी भी ऑप्शन चार्ट पेटर्न का एनालिसिस करें तो सबसे पहले उसके ब्रेकआउट और ब्रेकडाउन लेवल पता कर लें. फिर आपको टारगेट प्राइस और स्टॉप लॉस का पता करना है इसके बाद ही आप को उस शेयर या स्टॉक में एंट्री लेना चाहिए।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट टाइम फ्रेम

ऑप्शन ट्रेडिंग में सही चार्ट टाइम फ्रेम चुनना बहुत इंपोर्टेंट स्टेप होता है। अगर आप इंट्राडे ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो 5 मिनट या 15 मिनट चार्ट टाइम फ्रेम सबसे बेस्ट होता है। लेकिन अगर आप अगर आप ऑप्शंस को एक्सपायरी डेट तक होल्ड करते हैं तो डेली टाइम फ्रेम का ऑप्शन चार्ट देखना चाहिए।

जो लोग कॉल या पुट ऑप्शन खरीदकर स्काल्पिंग ट्रेडिंग करते हैं उनके लिए 1 मिनट टाइम चार्ट सबसे अच्छा होता है।

कितने टाइम फ्रेम का चार्ट देखना चाहिए यह आपके ट्रेडिंग स्टाइल पर निर्भर करता है मतलब अगर आप लंबे समय के लिए CE या PE ऑप्शन्स को खरीद कर होल्ड करते हैं तो डेली टाइम फ्रेम चार्ट उपयोग करें। लेकिन अगर आप इंट्राडे ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो 5 मिनट या 15 मिनट टाइम फ्रेम वाला चार्ट देखना सबसे अच्छा होता है।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट एनालिसिस कैसे करें?

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट एनालिसिस करने के लिए तकनीकी विश्लेषण, बाजार के ट्रेंड, चार्ट पेटर्न्स, प्राइस मूवमेंट, मूविंग एवरेज, वॉल्यूम और टेक्निकल इंडिकेटर्स को एनालाइज करना पड़ता है। ऑप्शन चार्ट एनालिसिस के द्वारा आप स्टॉक में सही समय पर प्रवेश और एग्जिट करके लाभ कमा सकते हैं।

लेकिन चार्ट एनालिसिस करना इतना आसान नहीं है इसके लिए आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना होगा जैसे;

  1. चार्ट पर बहुत सारे इंडिकेटर्स एक साथ ना लगाएं क्योंकि ऐसा करने से आप कंफ्यूज हो सकते हैं.
  2. कैंडल्स को अच्छे से समझने की कोशिश करें क्योंकि बहुत सारी कैंडल्स एक जैसी दिखती है और उन्हें देखकर आप गलत कैंडल में एंट्री ले सकते हैं इसीलिए पहले कैंडल्स को ध्यान से देखें और फिर एंट्री करने का निर्णय लें।
  3. ट्रेंड के विपरीत दिशा में ट्रेड मत करें क्योंकि अधिकतर ऐसा करने से आपको नुकसान ही होगा।
  4. किसी स्टॉक या इंडेक्स में ब्रेक आउट या ब्रेक डाउन होने पर उसमें एंट्री केवल तभी करना चाहिए जब उसमें वॉल्यूम अच्छा खासा हो।
  5. अगर वॉल्यूम बहुत कम है तो उसमें अच्छा मोमेंटम नहीं होगा और हो सकता है कि आपका स्टॉपलॉस भी हिट हो जाए।
  6. किसी भी कॉल या पुट ऑप्शन को खरीदने के बाद स्टॉप लॉस जरूर लगाएं आपका नुकसान असीमित हो सकता है मतलब आपकी ट्रेडिंग अकाउंट की पूरी कैपिटल खत्म हो सकती है।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट इंडिकेटर्स

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट पर मूविंग एवरेज और VWAP टेक्निकल इंडिकेटर्स उपयोग करके आप अच्छा प्रॉफिट या लाभ कमा सकते हैं। लेकिन आपको चार्ट पर वही इंडिकेटर लगाना चाहिए जिस पर आप की पकड़ अच्छी खासी हो जैसे; अगर आप RSI, MACD या बोलिंगर बैंड पर अच्छी पकड़ है तो इन्हीं indicators को इस्तेमाल करें।

लेकिन सिर्फ इंडिकेटर्स पर ही पूरी तरह से निर्भर होकर ट्रेड करना भी सही नहीं है आपको अन्य चीजें भी देखनी पड़ती है।

इंडिकेटर्स का काम होता है प्राइस हिस्ट्री यानी पिछले प्राइस का एनालिसिस करके भविष्य के प्राइस का आकलन करना मतलब इंडिकेटर आपको फ्यूचर प्राइस मूवमेंट की भविष्यवाणी करने में मदद करते हैं।

मान लीजिए अगर शेयर की कीमत कुछ महीनों से एक ही रेंज में ट्रेड कर रही है तो इंडिकेटर्स आपको प्राइस एनालिसिस करके बताएंगे कि आने वाले समय में उस स्टॉक का प्राइस कितना ऊपर या नीचे जा सकता है।

कुछ लोग जो इंट्राडे ऑप्शन ट्रेडिंग में कॉल या पुट ऑप्शन खरीदते हैं वह VWAP इंडिकेटर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा करते हैं।

  • VWAP का पूरा नाम है वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस. यह आपको बताता है कि किसी स्ट्राइक प्राइस के कॉल या पुट ऑप्शन पर सबसे ज्यादा वॉल्यूम कहां पर है और किस लेवल पर आकर प्राइस रिवर्स हो सकता है। यह इंडिकेटर चार्ट पर आपको एवरेस्ट की तरह एक सिंगल लाइन के रूप में दिखाई देता है।
  • अगर प्राइस बार-बार VWAP लाइन से टकराकर ऊपर या नीचे जा रहा है तो आप भी उसी दिशा में ट्रेड करके मुनाफा कमा सकते हैं।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट सॉफ्टवेयर

अगर ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट सॉफ्टवेयर की बात करें तो सेंसिबुल (Sensibull) सबसे बढ़िया ऑप्शन ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर है जो आपके नुकसान को कम करके प्रॉफिट को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही यह सॉफ्टवेयर ऑप्शन स्ट्रेटजी बनाने में मदद करता है। लेकिन चार्ट देखने के लिए ट्रेडिंगव्यू सॉफ्टवेयर सबसे बेस्ट है।

अधिकतर ट्रेडर्स चार्ट देखने के लिए ट्रेडिंग व्यू सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इसमें आपको टेक्निकल एनालिसिस करने के लिए सभी टूल्स उपलब्ध होते हैं जैसे; ट्रेंडलाइन, इंडिकेटर्स, वॉल्यूम आदि।

अगर सेंसिबुल की बात करें तो यह सॉफ्टवेयर खासकर ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए ही बनाया गया है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से आप ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रेटजी का इस्तेमाल और ही बेहतर ढंग से कर सकते हैं।

क्योंकि इसमें पहले से ही पता चल जाता है कि किसी ITM, ATM या OTM स्ट्राइक प्राइस पर कोई कॉल या पुट ऑप्शन खरीदने पर मैक्सिमम कितना प्रॉफिट या लॉस हो सकता है।

चाहे आप ऑप्शन buy करते हों या ऑप्शन sell करते हों, Sensibull दोनों ही टाइप के ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए एक उपयोगी टूल है क्योंकि यह आपको ऑप्शन स्ट्रेटजी बनाने में तो मदद करेगा ही साथ ही यह आपके नुकसान को भी काफी हद तक कम कर देगा।

अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग को लेकर काफी सीरियस हैं तो ही सेंसिबल का प्रीमियम वर्जन लें वरना इसके फ्री वर्जन में भी आपको बहुत सारे उपयोगी टूल्स देखने को मिल जाएंगे।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट सेटअप

एक परफेक्ट ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट सेटअप तैयार करने के लिए आपको पहले से ही अपनी ट्रेडिंग साइकोलॉजी बनानी होगी। साथ ही अपनी ऑप्शन स्ट्रेटेजी, इंडिकेटर्स, वॉल्यूम और चार्ट पेटर्न और टाइम फ्रेम पहले से ही निर्धारित कर लें जो कि एक प्रोफेशनल ट्रेडिंग चार्ट सेटअप के लिए जरूरी होता है।

किसी भी ऑप्शन चार्ट सेटअप को तैयार करते समय यह जरूरी नहीं होता कि आपको अलग-अलग चार्ट देखने के लिए कई कंप्यूटर्स स्क्रीन की जरूरत पड़ेगी तभी आप एक सफल चार्ट सेटअप तैयार कर पाएंगे बल्कि जरूरत होती है तो सही स्ट्रेटजी और सही माइंडसेट की।

इसलिए जब भी आप अपना ट्रेडिंग सेटअप तैयार करें तो पहले से निर्धारित करना कि आज आपको कौन सी स्ट्रेटजी इस्तेमाल करना है, किस टाइम फ्रेम का चार्ट इस्तेमाल करना है, कितना लॉस मैक्सिमम ले सकते हैं और कौन-कौन से तकनीकी इंडिकेटर्स उपयोग करना है.

जब आप इन सभी चीजों को पहले से ही निर्धारित कर देंगे तो आपका माइंड सेट पूरी तरह से क्लियर हो जाएगा जिससे आप एक क्लियर माइंडसेट के साथ unbiased होकर ट्रेडिंग कर पाएंगे।

FAQ’s About Option Trading Chart Analysis in Hindi

ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए कौन सा चार्ट सबसे अच्छा है?

ऑप्शन ट्रेडिंग करते समय कैंडलेस्टिक चार्ट देखना सबसे अच्छा होता है क्योंकि क्योंकि इसमें आपको बाकी चार्ट के मुकाबले अधिक जानकारी प्राप्त होती है।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट कैसे देख सकते हैं?

आप अपनी ब्रोकर ट्रेडिंग एप जैसे जीरोधा या अप स्टॉक्स में जाकर स्टॉक, निफ्टी या बैंक निफ्टी इंडेक्स का चार्ट देखना चाहते हैं तो आपको F&O सिलेक्ट करना है उसके बाद किसी भी कॉल या पुट ऑप्शन का स्ट्राइक प्राइस सर्च करके सेक्शन में जाकर आसानी से उसका चार्ट देख सकते हैं।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट पर कौन सा इंडिकेटर बेस्ट होता है?

अगर आप स्टॉक्स में ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो RSI (रिलेटिव स्ट्रैंथ इंडेक्स) इंडिकेटर सबसे बेस्ट होता है। लेकिन अगर आप निफ्टी या बैंक निफ्टी कॉल या पूत ऑप्शन में ट्रेड करते हैं तो आपको मूविंग एवरेज और VWAP तकनीकी इंडिकेटर का इस्तेमाल करना चाहिए।

ऑप्शन चार्ट पर कौन सा टाइम फ्रेम इस्तेमाल करना चाहिए?

ऑप्शंस में इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए आप 5 मिनट या 15 मिनट का चार्ट टाइम फ्रेम सिलेक्ट कर सकते हैं लेकिन अगर आप वीकली एक्सपायरी के लिए कॉल या पुट ऑप्शन को कॉल करते हैं तो आप डेली चार्ट उपयोग करना चाहिए।

ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट की पूरी जानकारी

इस लेख में मैंने आपको बताया है कि ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट कैसे पढ़ें, कैसे देखें, ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट देखते समय कौन-कौन से इंडिकेटर्स इस्तेमाल करना चाहिए, कौन सा टाइम फ्रेम सिलेक्ट करना चाहिए और ऑप्शन चार्ट एनालिसिस करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

उम्मीद करता हूं इस आर्टिकल (Option trading chart analysis in hindi) में बताई गई ऑप्शन ट्रेडिंग चार्ट से संबंधित जानकारी आपको उपयोगी लगी होगी।

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  • Option Trading in Hindi (ऑप्शन ट्रेडिंग की पूरी जानकारी विस्तार से)
  • Trading Meaning in Hindi ( ट्रेडिंग की A to Z पूरी जानकारी)

अगर आपका इस पोस्ट से संबंधित कोई सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछिए।

पूरा आर्टिकल पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Deepak SenAbout Author
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