ऑप्शन ट्रेडिंग में ITM, ATM, OTM क्या होते हैं? Option Trading Basics in Hindi

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Option trading basics for beginners in hindiशेयर मार्केट में बहुत सारे beginners हैं जो ऑप्शंस में ट्रेडिंग करते हैं और ज्यादातर लोगों का नुकसान ही होता है। इसका सबसे बड़ा यह कारण है कि लोगों को ऑप्शन ट्रेडिंग के basics ही पता नहीं होते और ना ही उन्हें ऑप्शन ट्रेडिंग की पूरी knowledge होती है फिर भी ऑप्शन्स में खूब सारा पैसा लगाकर ट्रेड करने की गलती करते हैं जिसके कारण अधिकतर लोगों को नुकसान होता है।

दूसरी गलती लोग यह करते हैं कि जो कॉल या पुट ऑप्शन सस्ते होते हैं उन्हें खरीद लेते हैं मतलब जिन ऑप्शंस के प्रीमियम का प्राइस कम होता है उन्हें buy करने की गलती करते हैं और बाद में पछताते हैं।

तो अगर आप भी ऑप्शन ट्रेडिंग में अपने नुकसान को खत्म करके प्रॉफिट कमाना चाहते हैं तो यह पोस्ट आपके लिए है। लेकिन इसके लिए सबसे पहले आपको ऑप्शन ट्रेडिंग के basics सीखना होगा क्योंकि अगर आपको बेसिक चीजें ही नहीं पता होगी तो आप कभी भी एक सफल ऑप्शन ट्रेडर नहीं बन पाएंगे।

इसीलिए आज इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा कि ऑप्शन ट्रेडिंग में ITM, ATM और OTM क्या होते हैं? ITM, ATM, OTM की Full Form क्या होती है, यह सभी कैसे काम करते हैं और इनमें से कौन सा ऑप्शन खरीदना ज्यादा फायदेमंद होता है.

दोस्तों अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग में beginner है तो यह पोस्ट आपके लिए बहुत उपयोगी होगी. इसीलिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढियेगा क्योंकि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके ऑप्शन ट्रेडिंग से संबंधित बहुत सारे basic concepts क्लियर हो जाएंगे।

तो आइए अब सबसे पहले जानते हैं कि–

ऑप्शन ट्रेडिंग में ITM, ATM, OTM क्या हैं? What is ATM, ITM, OTM in option trading in hindi

ITM ATM OTM meaning in option trading in hindi, option trading basics in hindi
ITM ATM OTM Meaning in Hindi

शेयर मार्केट में ITM, ATM और OTM अलग-अलग स्ट्राइक प्राइस के ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट होते हैं जो Call या Put कुछ भी हो सकते हैं। ऑप्शन ट्रेडिंग में ITM का मतलब इन द मनी, OTM का मतलब आउट द मनी और ATM का मतलब एट द मनी होता है।

Full form of ITM, ATM, OTM in hindi

  1. ITM: In The Money
  2. ATM: At The Money
  3. OTM: Out The Money

आप आईटीएम, एटीएम और ओटीएम पर Call option (CE) भी खरीद सकते हैं और Put option (PE) भी। इन तीनों ही option contracts में प्रीमियम के prices अलग-अलग होते हैं, ऐसा क्यों होता है इसके बारे में हम आगे बात करने वाले हैं।

अभी हो सकता है आपको कुछ चीजें समझ नहीं आ रही होंगी लेकिन चिंता मत कीजिए इस पोस्ट के अंत तक आपको सब कुछ क्लियर हो जाएगा.

Option Trading Basics in Hindi

इस पोस्ट में आगे बढ़ने से पहले आपको option trading के कुछ basics पता होना चाहिए जैसे;

अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो आप तो ही चीजें कर सकते हैं–

  1. या तो आप option buying कर सकते हैं
  2. या फिर आप option selling कर सकते हैं।

Option trading basics for beginners in hindi–

  • अगर आप ऑप्शन buy करते हैं तो आप एक option buyer कहलाते हैं और अगर आप ऑप्शन sell करते हैं तो आप option seller कहलाते हैं।
  • आपको पता होना चाहिए कि ऑप्शन ट्रेडिंग में 80% लोग option buying करते हैं और सिर्फ 20% लोग ही ऐसे हैं जो option selling करते हैं।
  • इसका मतलब है कि शेयर मार्केट में 80% लोग option buyer हैं जबकि केवल 20% लोग ही option seller हैं।
  • Option buyers की संख्या इतनी ज्यादा होने का कारण यह है कि option buying कोई भी कर सकता है क्योंकि यह बहुत ही कम पैसों से शुरू हो जाती है. यहां तक कि आप 100 रुपये से भी option buy कर सकते हैं
  • जबकि option selling में आपको लाखों रुपए की जरूरत पड़ती है इसीलिए ऑप्शन ट्रेडिंग में जितने भी नए लोग आते हैं वे सभी option buying से ही ऑप्शन ट्रेडिंग की शुरुआत करते हैं।

अब आपके मन मे सवाल आना चाहिए कि कौन ज्यादा पैसा कमाता है– option buyer या option seller?

तो आपको बता दूं कि;

  • ऑप्शन ट्रेडिंग में 80% पैसा सिर्फ option sellers कमाते हैं जबकि सिर्फ 20% option buyers ही पैसा कमाते हैं

Option buyer की बजाए अधिकतर option sellers ही पैसा कमाते हैं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप खुद सोच कर देखिए कि जो व्यक्ति अधिक पैसा लगाकर ऑप्शन ट्रेडिंग कर रहा है जाहिर सी बात है कि वही ज्यादा पैसा कमाएगा.

क्योंकि अगर कोई beginner है जो सिर्फ 10000 Rs से ऑप्शन ट्रेडिंग की शुरुआत करता है तो सिंपल सी बात है कि उसका सीधा कंपटीशन option sellers के साथ है जो लाखों रुपए से options ट्रेड कर रहे हैं तो इसकी संभावना बहुत ज्यादा है कि अंत में option seller ही पैसा कमाएगा और option buyer का नुकसान होगा।

  • Option buyer और option seller की सोच एक दूसरे से बिल्कुल अलग होती है।
  • एक option buyer कम पैसे लगाकर अधिक रिटर्न कमाना चाहता है और इसीलिए वह नुकसान करता है
  • जबकि एक Option seller बहुत सारा पैसा लगाकर भी कम रिटर्न की उम्मीद करता है इसीलिए वह पैसा कमाता है।

ऑप्शन ट्रेडिंग में एक इंसान का केवल तभी फायदा होगा जब दूसरे का नुकसान होगा. अब वह इंसान option buyer या option seller कोई भी हो सकता है लेकिन अगर हम history देखें तो अधिकतर option sellers ही पैसा बनाते हैं जबकि option buyers पैसा गंवाते हैं।

यहां पर कुछ लोग सोच सकते हैं कि मैं आपको option seller बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहा हूं लेकिन मेरा ऐसा कोई मकसद नहीं 😐 है। मैं आपको सिर्फ सच बता रहा हूं।

लेकिन अगर आप मेरी या किसी विशेषज्ञ की बात सुनकर सीधा option selling में कूद पड़ते हैं तो गारंटी है कि आपको नुकसान ही होगा। क्योंकि ऐसा नहीं है कि option selling में नुकसान नहीं होता बल्कि इसमें नुकसान तो और भी बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है और आपके लाखों रुपए के बैंक अकाउंट खाली हो सकते हैं अगर आपने समझदारी से ट्रेड नहीं किया तो.

अभी के लिए आप बस इतना याद रखें कि चाहे option buying हो या option selling दोनों के अपने-अपने plus point और minus point हैं।

अब तक हमने बात करी option buying और option selling की. अब तक आपको एक बात तो क्लियर हो चुकी होगी कि अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग में एक beginner हैं तो आपको शुरुआत option buying से ही करनी चाहिए क्योंकि अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग को बिना सीखे सीधा ही option selling में कूद पड़ते हैं तो आप को एक साथ लाखों रुपए का नुकसान हो सकता है।

मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप option selling से शुरुआत नहीं कर सकते लेकिन अधिकतर लोग ऑप्शन ट्रेडिंग में option buying से ही शुरुआत करते हैं और करनी भी चाहिए क्योंकि अगर आपने समझदारी से सीखकर option buying करी तो आप कम capital से भी अधिक पैसा कमा सकते हैं।

  • हमें इतना तो पता है कि अगर मार्केट ऊपर जाता है तो हमें call option यानी CE खरीदने पर फायदा होता है और अगर मार्केट नीचे जाता है तो आपको PE यानी put option खरीदने पर फायदा होगा.
  • जबकि option selling में इसका बिल्कुल उल्टा होता है अगर आपको लगता है कि मार्केट ऊपर जाएगा तो आप PE को sell करेंगे और अगर आपको लगता है कि मार्केट नीचे जाएगा CE को sell करेंगे।

आइए अब इसका उदाहरण देख लेते हैं इस उदाहरण से आपको अपने मुख्य टॉपिक ITM, ATM, OTM को समझने में मदद मिलेगी–

Option Trading for beginners in hindi (ITM, ATM, OTM meaning in hindi)

ITM, ATM और OTM को अच्छे से समझने के लिए आपको इस उदाहरण को ध्यान से देखना होगा–

मान लीजिए अभी बैंकनिफ्टी 43000 पर चल रहा है मतलब banknifty का spot price 43000 है। तो यहां से सिर्फ दो चीजें हो सकती हैं या तो banknifty ऊपर जाएगा या फिर banknifty नीचे जाएगा।

अगर आपको लगता है कि बैंकनिफ्टी ऊपर जाएगा तो आप कॉल ऑप्शन यानी CE खरीदेंगे.

इसके लिए आप अपनी ब्रोकर ऐप में F&O वाले सेक्शन में जाकर type करेंगे ‘BANKNIFTY 43000 CE’

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इतना टाइप करते ही आपको नीचे आपको banknifty 43000 के सभी कॉल ऑप्शन (CE) दिखने लगेंगे. साथ ही आपको इस कॉल ऑप्शन की expiry भी दिखेगी

जो सबसे नजदीक की expiry date वाला 43000 का call option है वह सबसे ऊपर दिखेगा और बाकी बाद के weekly expiry के call ऑप्शन नीचे दिखेंगे।

आपको ऊपर स्क्रीनशॉट में दिख रहा होगा कि Banknifty 43000 CE का premium 269 Rs है मतलब इस ऑप्शन को खरीदने के लिए आपको 269 रुपये देने पड़ेंगे।

अब जब आपको लगता है कि मार्केट ऊपर जाएगा तो 43000 की बजाए अगर आप Banknifty 43100 CE सर्च करके देखें तो आपको इस 43100 के प्रीमियम खरीदने के लिए 219 Rs देने होंगे।

Option trading basics in hindi for beginners

अब कुछ लोग सोच रहे होंगे कि 43000 के CE का प्रीमियम 269 रुपये था लेकिन 43100 के CE के प्रीमियम 219 रुपये का है… आखिर इन दोनों में प्राइस का अंतर क्यों है? हो सकता है कि यह आपका भी सवाल हो, इसी सवाल का आज हम जवाब देंगे और यहीं से यह पोस्ट असल में शुरू होती है….

अब आपका सवाल होगा कि अगर मुझे लगता है कि बैंकनिफ्टी ऊपर जाएगी तो मैं 43000, 43100, 43200, 43300, 43400 या फिर 42900, 42800, 42700… कौन सा कॉल ऑप्शन खरीदूं जिससे कि मुझे फायदा हो।

ब्रोकर ऐप में सर्च करने पर आप देखते हैं कि 43000 Ce का प्राइस 269 Rs, 43100 Ce का प्राइस 219 Rs, 43200 Ce का प्राइस 175 Rs है और 42900 Ce का प्राइस 325 Rs, 42800 Ce का प्राइस 390 रुपये है मतलब सबके price अलग हैं

तो आपको कौन सा ऑप्शन खरीदना चाहिए और इन सभी का प्राइस अलग-अलग क्यों हैं?

एक बात और आपने observe की होगी कि जैसे-जैसे आप बैंकनिफ्टी के करंट प्राइस (43000) से ऊपर (OTM पर) जाते हैं तो प्रीमियम के प्राइस कम होते जाते हैं और नीचे (ITM पर) जाने पर प्रीमियम के प्राइस बढ़ते जाते हैं.

अब कुछ लोग सोचते हैं कि जिस ऑप्शन का प्राइस कम है तो उसे ही खरीद लेते हैं क्योंकि हमें कम पैसा देना पड़ेगा।

अब जरा ध्यान से समझिए–

सबसे पहले जैसा कि आपने देखा कि अगर अभी banknifty 43000 पर चल रहा है तो यह आपका ATM यानी AT THE MONEY ऑप्शन है,

43000 से नीचे (42900, 42800, 42700….) जितने भी ऑप्शन होंगे वे सभी ITM यानी IN THE MONEY ऑप्शन कहलाएंगे.

और 43000 से ऊपर (43100, 43200, 43000….) जितने भी ऑप्शन होंगे वे सभी OTM यानी OUT THE MONEY ऑप्शन कहलाएंगे.

मतलब NIFTY, BANKNIFTY या किसी स्टॉक का करंट स्ट्राइक प्राइस होता है वह एटीएम (ATM) कहलाता है, उससे नीचे के सभी स्ट्राइक प्राइस आईटीएम (ITM) और उससे ऊपर के सभी स्ट्राइक प्राइस ओटीएम (OTM) कहलाते हैं।

आप जानते हैं कि जब आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो आपको Lot में शेयर खरीदने पड़ते हैं जैसे– बैंक निफ्टी का एक lot 25 का है तो आपको मिनिमम 1 लॉट यानी 25 quantity खरीदना पड़ेगा और Nifty का 1 लॉट में 50 quantity हैं मतलब आपको निफ्टी में ऑप्शन ट्रेडिंग करने के लिए मिनिमम 50 unit buy करना होगा।

मतलब अगर Banknifty का 43000 का ATM कॉल ऑप्शन 269 Rs है तो आपको इसे खरीदने के लिए 269×25 = 6725 रुपये देने होंगे. यहां पर मैन 25 से multiply इसीलिए किया क्योंकि बैंकनिफ्टी के Lot में 25 यूनिट होती है।

यह तो बात हो गई index (Nifty और Banknifty) की.

अब अगर हम किसी शेयर में ऑप्शन ट्रेडिंग करने की बात करें तो stock भी आपको Lot में ही खरीदना पड़ता है मतलब आप ऑप्शन ट्रेडिंग में 1 शेयर नहीं खरीद सकते क्योंकि ऑप्शन ट्रेडिंग में आपको और शेयर का पूरा पैसा नहीं देना पड़ता बल्कि एक छोटा सा प्रीमियम ही देना पड़ता है.

उदाहरण के लिए–

मान लीजिए reliance का शेयर अभी 2600 रुपये के आसपास चल रहा है तो जब आप reliance का कॉल ऑप्शन खरीदेंगे तो यह आपको सिर्फ 76 रुपये का प्रीमियम देना पड़ेगा.

लेकिन जैसा कि मैंने बताया था कि आप एक शेयर नहीं कर सकते आपको Lot में खरीदना होगा तो रिलायंस का लॉट साइज 250 है मतलब आप को मिनिमम 76×250 = 19000 रुपये देने होंगे.

ऑप्शन ट्रेडिंग में आप जितना ज्यादा पैसा लगाएंगे उसमें Risk और Reward दोनों ही उतने ही ज्यादा हैं. मतलब अगर रिलायंस का CE जो आपने 76 Rs के प्रीमियम प्राइस पर खरीदा था अगर वह बढ़कर 80 Rs हो जाता है मतलब अगर प्रीमियम का प्राइस 4 Rs बढ़ जाता है तो आपको 4×250 = 1000 रुपये का प्रॉफिट होगा अगर आपने एक Lot buy किया होगा तो.

लेकिन अगर आपने 10 Lot खरीदे होते तो प्रीमियम का प्राइस 4 Rs ही बढ़ने पर आपका प्रॉफिट 10000 रुपये होता जाहिर सी बात है आपको अधिक प्रॉफिट कमाने के लिए अधिक पैसा भी लगाना पड़ता.

लेकिन वहीं दूसरी ओर अगर आपका 4 rs नुकसान हुआ होता मतलब प्रीमियम का प्राइस 76 Rs से घटकर 72 Rs हो जाता और अगर आपने रिलायंस का एक Lot खरीदा है तो आपको 4×250 यानी 1000 Rs का नुकसान हो जाता.

ऑप्शन ट्रेडिंग में आपको यह प्रॉफिट या नुकसान कुछ ही मिनटों में हो सकता है क्योंकि प्रीमियम के prices कुछ ही सेकंड में बहुत ज्यादा ऊपर नीचे होते रहते हैं. इसीलिए ऑप्शन ट्रेडिंग में आपको कुछ ही मिनटों में लाखों रुपए का प्रॉफिट भी हो सकता है और कुछ ही मिनटों में लाखों रुपए का नुकसान भी हो सकता है।

अब कुछ लोग सोच रहे होंगे कि मैंने बोला था कि आप 100 Rs से भी ऑप्शन ट्रेडिंग की शुरुआत कर सकते हैं और यहां पर तो हमें Lot में शेयर खरीदना पड़ता है जिसके लिए हमें हजारों रुपए की जरूरत पड़ती है.

आपका सोचना सही है लेकिन यह भी सच है कि आप मिनिमम 100 Rs लगाकर ऑप्शन ट्रेडिंग कर सकते हैं. याद कीजिए मैंने ऊपर बताया था कि जैसे-जैसे आप OTM में ऊपर बढ़ते चले जाते वैसे वैसे प्रीमियम का प्राइस कम होता चला जाता है मतलब 43100 CE का रेट 43000 से कम होगा, 43200 Ce का रेट 43100 Ce के रेट से भी कम होगा और 43300 ce का रेट 43200 ce से भी कम होगा

मतलब ATM मनी से जितना ऊपर जाते हैं Premium के प्राइस उतने ही कम होते जाते हैं और ATM से जितना नीचे आते हैं प्रीमियम के prices उतने ही बढ़ते जाते हैं।

अगर आप Banknifty के कुछ OTM देखेंगे तो वह आपको 1Rs या 2 Rs के भी मिल जायेगें जी हां… अगर आप बहुत ज्यादा OTM (Out the money) स्ट्राइक प्राइस के प्रीमियम देखेंगे तो इतने सस्ते भी आपको देखने को मिल जाएंगे।

और बैंक निफ़्टी का लोट साइज 25 होने के हिसाब से आप 100 Rs में आसानी से एक Lot खरीद सकते हैं मतलब यह तो प्रूफ हो गया कि 100 rs से भी ऑप्शन ट्रेडिंग की जा सकती है।

लेकिन आपको बता दूं कि इतने सस्ते ऑप्शन्स खरीदने का कोई मतलब नहीं है आपका पैसा सिर्फ waste ही होगा, आपका पैसा बढ़ने के chances बहुत ही rare होंगे।

तो अब आप यह तो समझ चुके होंगे कि जो लोग सोचते हैं कि मेरे पास पैसे कम है इसलिए सस्ते OTM ऑप्शन्स में पैसा लगा देते हैं ये वो लोग होते हैं जो ऑप्शन ट्रेडिंग में Loss करते हैं।

ITM, ATM, OTM में से क्या ज्यादा अच्छा है?

नीचे हमने ITM, ATM और OTM को एक दूसरे से तुलना करके दिखाया है कि कौन सा आप्शन ज्यादा बेहतर है.

ITM ATM OTM which is better in hindi–

आइए समझते हैं कि इन तीनों (आईटीएम, एटीएम और ओटीएम) में से क्या ज्यादा बेहतर है मतलब किसमें रिस्क ज्यादा है, किसमें फायदा जाता है, किसमें कितना पैसा देना पड़ता है. चलिए अब इसी के बारे में बात कर लेते हैं.

सबसे पहले आप नीचे दिया गया चार्ट देखिए–

ATM ITM OTM which is better in hindi

ऊपर इमेज में दिखाए गए चार्ट के अनुसार,

PREMIUM:

अगर हम प्रीमियम की बात करें तो, ITM में आपको सबसे ज्यादा प्रीमियम देना पड़ता है ATM में इससे थोड़ा कम और OTM खरीदने के लिए सबसे कम पैसा देना पड़ता है। इसीलिए आपको उसी कॉल ऑप्शन के OTM का प्राइस हमेशा सस्ता देखने को मिलेगा और ITM का प्राइस हमेशा महंगा देखने को मिलेगा।

RISK:

सबसे अधिक रिस्क ITM में होती है, उससे कम ATM में और सबसे कम रिस्क OTM में होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ITM में आपको सबसे अधिक पैसे देने पड़ते हैं, ATM में उससे कम और OTM में आपको सबसे कम पैसों पर रिस्क लेना पड़ता है।

REWARD:

सबसे अधिक reward ITM में होता है, उससे कम ATM में और सबसे कम प्रॉफिट OTM में मिलता है। मतलब जिसमें आप अधिक पैसा लगाते हैं उसमें Risk और Reward दोनों high है और जिसमें कम पैसा लगाते हैं उसमें Risk और Reward दोनों Low होते हैं।

PROFIT की संभावना:

पैसे कमाने की सबसे ज्यादा संभावना ITM में होती है उससे कम ATM में और सबसे कम OTM में होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ITM पर आपका टारगेट प्राइस सबसे पहले पहुंचता है उसके बाद ATM पर, फिर सबसे बाद में OTM पर पंहुचता है।

मैं उम्मीद करता हूं अब तक आपको ITM, ATM और OTM के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला होगा।

FAQ’s (What is ITM, ATM and OTM in option trading in hindi)

ITM, ATM और OTM में से कौन सा ऑप्शन खरीदना चाहिए?

ITM, ATM और OTM में से हर ऑप्शन को खरीदने के पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों साइड है. आपको देखना चाहिए कि किस ऑप्शन में आपको कितना पैसा देना पड़ता है किसमें Risk ज्यादा है, किसमें Profit ज्यादा है उसके बाद ही आपको आईटीएम, एटीएम या ओटीएम खरीदना चाहिए।

ITM और OTM में से कौन सा ऑप्शन ज्यादा फायदेमंद है?

अगर आप रिस्क ज्यादा नहीं लेना चाहते तो OTM आपके लिए अच्छा है लेकिन अगर आप risk लेकर अधिक प्रॉफिट कमाना चाहते हैं तो ITM आपके लिए बेस्ट है।

ITM, ATM और OTM में से किसमे अधिक पैसे देने पड़ते हैं?

ऑप्शन ट्रेडिंग में सबसे अधिक पैसे आपको ITM में देने पड़ते हैं और सबसे कम OTM में.

Conclusion (ITM, ATM and OTM meaning in hindi)

इस आर्टिकल (Option trading basics in hindi) में मैंने आपको बताया है कि ऑप्शन ट्रेडिंग में ITM, ATM और OTM क्या होते है, इसकी Full form क्या होती है और इन सभी का क्या मतलब होता है. इस पोस्ट का मकसद option trading basics को हिंदी में समझाना था ताकि beginners ऑप्शन ट्रेडिंग को सीखकर अपने नुकसान को कम कर सकें और ऑप्शन ट्रेडिंग से पैसा कमा सकें।

मैं उम्मीद करता हूं कि अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग में नए हैं तो इस आर्टिकल से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा। अगर आपका इस पोस्ट से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें।

इस पोस्ट को अंत तक पढ़ने और अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Deepak SenAbout Author
मेरा नाम दीपक सेन है और मैं इस ब्लॉग का Founder हूं। यहां पर मैं अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से शेयर मार्केट, निवेश और फाइनेंस से संबंधित उपयोगी जानकारी शेयर करता हूं। ❤️

2 thoughts on “ऑप्शन ट्रेडिंग में ITM, ATM, OTM क्या होते हैं? Option Trading Basics in Hindi”

  1. Hello sir, ITM खरीदने पर हमारा रिस्क ज्यादा कैसे हुआ। जैसे banknifty अभी 43000 चल रहा है or हम ITM 42800 की ce buy करते है, तो किसी कारण market नीचे जाने पर हमे हमारा premium तो वापिस मिल ही सकता है।

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