कल निफ्टी कैसा रहेगा, बढ़ेगा या गिरेगा? (15 तरीकों से पता करें)

Nifty की भविष्यवाणी कैसे करें, निफ़्टी कब बढ़ेगा या गिरेगा, कल निफ्टी कैसा रहेगा, Nifty 50 kal kya hoga, कल निफ़्टी कितना ऊपर जाएगा या नीचे कैसे पता करें?

कुछ समय पहले हमने एक पोस्ट में बताया था कि शेयर मार्केट की भविष्यवाणी करना संभव है या नहीं, आज भी हम इसी विषय से संबंधित टॉपिक पर चर्चा करने वाले हैं।

तो आज का टॉपिक है निफ्टी की भविष्यवाणी यानी निफ्टी कब ऊपर जाएगा और कब नीचे. अगले दिन निफ्टी का क्या होगा, कैसे पता करें कल निफ्टी कितने पॉइंट ऊपर जाएगा या नीचे?

जी हां यह सच है कि सेंसेक्स और निफ्टी कितना ऊपर या नीचे जाएगा इसका 100% सही अनुमान लगा पाना बहुत मुश्किल है

लेकिन कुछ तरीके होते हैं जिनके जरिए काफी लोग Nifty का almost सही- सही Prediction कर पाते हैं.

आज हम ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में आपको विस्तार से बताएंगे.

Contents

निफ़्टी कब ऊपर जाएगा या नीचे, कैसे पता करें? (How to predict Nifty movement)

Nifty 50 kal kaisa rahega, nifty kal kya hoga
निफ्टी की भविष्यवाणी कैसे करें?

निफ़्टी कब ऊपर जाएगा या नीचे इसका पता करने के लिए आपको मार्केट डायरेक्शन का बारीकी से एनालिसिस करना होगा. साथ ही कुछ टेक्निकल इंडिकेटर्स, सपोर्ट रेजिस्टेंस, मूविंग एवरेज, चार्ट पेटर्न्स, ऑप्शन चेन डाटा, Put call रेश्यो आदि का उपयोग करके निफ़्टी कल कितना ऊपर जाएगा या नीचे इसकी भविष्यवाणी की जा सकती है।’

जैसा कि आपको पता है कि;

  • Nifty50 इंडिया की टॉप 50 कंपनियों का इंडेक्स है जिसका मूवमेंट अगले दिन किस दिशा में होगा यह इन्हीं 50 कंपनियों की परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है।

लेकिन इसके अलावा काफी सारे ग्लोबल फैक्टर्स भी निफ़्टी चार्ट को ऊपर नीचे करने में भूमिका निभाते हैं जैसे Global market में कोई बुरी खबर आ जाना जिससे निवेशकों के बीच negative सेंटीमेंट क्रिएट होता है और इसका असर अगले दिन शेयर मार्केट पर दिखता है।

लेकिन इसी बीच कुछ लोग निफ्टी की भविष्यवाणी करके रोजाना लाखों रुपए का प्रॉफिट कमा लेते हैं तो आखिर ये लोग ऐसा कैसे कर पाते हैं और आप यह कैसे कर सकते हैं?

बेशक कोई भी ऐसा कर सकता है लेकिन इसके लिए आपको टेक्निकल एनालिसिस और ट्रेडिंग की थोड़ा बहुत जानकारी होनी चाहिए. साथ ही derivatives जैसे फ्यूचर ऑप्शन, put call ratio, charts, और अलग-अलग indicators के बारे में भी थोड़ा बहुत पता होना चाहिए।

  • देखिए कोई भी यह गारंटी नहीं दे सकता कि कल निफ्टी का प्राइस बढ़ेगा ही या फिर घटेगा ही, ट्रेडर्स केवल कुछ पैरामीटर्स के जरिए nifty में तेजी या गिरावट का एक अनुमान लगाते हैं जिससे निफ्टी के परफॉर्मेंस का काफी हद तक सही अंदाजा मिल जाता है।

आज हम ऐसे ही कुछ पैरामीटर्स के बारे में बात करेंगे जिनके बारे में जानकर और सीखकर आप खुद से पता लगा सकते हैं कि निफ़्टी कल कैसा रहेगा, कितना बढ़ेगा या कितना ऊपर जाएगा.

तो आइए अब एक-एक करके सभी पॉइंट्स के बारे में discuss कर लेते हैं―

1. NASDAQ का चार्ट देखें

NASDAQ अमेरिकन शेयर मार्केट का IT इंडेक्स होता है जिस तरह से इंडिया में Nifty IT का परफॉर्मेंस देख कर पता चलता है कि इंडिया की टॉप आईटी कंपनियां जैसे; TCS, Infosys, wipro आदि कैसा परफॉर्म कर रही हैं

ठीक उसी तरह से अमेरिका में Nasdaq का चार्ट देखकर उसमें शामिल टेक्नोलॉजी कंपनियों जैसे एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल आदि के परफॉर्मेंस का पता चलता है.

आप बात आती है कि आखिर nasdaq का चार्ट देखकर हम कैसे पता लगा सकते हैं कि इंडिया में अगले दिन निफ्टी का परफॉर्मेंस कैसा रहेगा?

तो देखिए आपको पता होगा कि दुनिया के अधिकतर मार्केट में movement अमेरिकन मार्केट के वजह से आती है जिसका असर सबसे ज्यादा यूरोपियन मार्केट और फिर एशियन मार्केट पर पड़ता है।

अमेरिकन मार्केट में दो मुख्य इंडेक्स हैं― Nasdaq और Dow jones जिसमें से हम नैस्डेक को ज्यादा closely track करते हैं क्योंकि एक तो नैस्डेक में 100 शेयर्स हैं और दूसरा इसमें आईटी stocks और फाइनेंसियल स्टॉक्स का weitage सबसे ज्यादा है

इसलिए NASDAQ बाकी इंडेक्स की अपेक्षा अमेरिकन मार्केट को ज्यादा clearly represent करता है।

अब कुछ लोगों का सवाल होगा कि हमने S&P 500 को क्यों नही लिया क्योंकि यह भी तो अमेरिका का ही इंडेक्स है. तो देखिए हमने इसे इसीलिए नहीं लिया क्योंकि इसमें 500 शेयर्स हैं जो काफी ज्यादा ओवर डायवर्सिफाई हो जाते हैं और मार्केट की क्लियर picture नहीं दिखाते।

जबकि NASDAQ इंडेक्स dow jones ( इसमें 30 stocks हैं) और s&p 500 के बीच का इंडेक्स है जो अमेरिकन मार्केट का प्रेडिक्शन काफी हद तक सही देता है।

कल निफ़्टी कैसा रहेगा इसका पता करने के लिए आपको nasdaq के daily, weekly और monthly चार्ट्स को analyse करना होगा.

अगर आप इसका daily वाला चार्ट देखते हैं और क्लोजिंग low पर होती है तो काफी चांसेस है कि अगले दिन मार्केट नीचे जाएगा और अगर closing उस दिन के high पर होती है तो काफी चांसेस है कि अगले दिन मार्केट या nifty नीचे जाएगा

ठीक इसी तरह weekly और monthly चार्ट में भी अगर weak या month के अंत में nasdaq index का closing प्राइस उसके वीकली या मंथली High के करीब बंद होता है तो काफी संभावना है कि अगले हफ्ते या महीने मार्केट ऊपर जा सकता है

और अगर closing price low के करीब बंद होता है तो बहुत चांसेस है कि अगले हफ्ते या महीने बाजार नीचे जाएगा।

2. S&P Vix पर नजर रखें

S&P Vix एक volatility index है जो मार्केट में इन्वेस्टर्स के बीच कैसा माहौल है वह दिखाती है मतलब अगर पूरे बाजार में डर (fear) का माहौल है और इन्वेस्टर्स पैनिक में आकर selling कर रहे हैं तो S&P Vix ऊपर जाता है.

इसके विपरीत जब मार्केट में तेजी आती है तो S&P Vix नीचे जाने लगता है मतलब इन्वेस्टर्स के बीच लालच (greed) बढ़ जाता है।

आपने देखा कि यह इंडेक्स मार्केट से उल्टा चलता है मतलब अगर बाजार बढ़ता है तो यह इंडेक्स नीचे जाएगा और जब बाजार में गिरावट होती है तो यह index ऊपर जाने लगता है।

  • S&P Vix देखने से आपको पता चलता है कि अमेरिकन मार्केट में इन्वेस्टर्स के बीच सेंटीमेंट कैसा है अगर आपको वहां के सेंटीमेंट के बारे में पता होगा तो बहुत चांसेस है कि इंडिया के इन्वेस्टर्स के बीच भी वही सेंटीमेंट होगा

क्योंकि ग्लोबल मार्केट अमेरिका से directly ओर indirectly काफी हद तक linked हैं।

3. Nifty के सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल देखें

टेक्निकल एनालिसिस में सपोर्ट और रेजिस्टेंस को देखे बिना ट्रेडिंग हो ही नहीं सकती.

चार्ट पर Support और Resistance इस तरह दिखते हैं―

Nifty 50 kal kya hoga
Source: stockschart

अगर आप nifty का चार्ट देखते हैं तो आपको इसके सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पता करने होंगे जिसके लिए आप अलग-अलग ट्रेंडलाइन का उपयोग कर सकते हैं और निफ़्टी का अगला टारगेट क्या होगा, ये पता कर सकते हैं।

4. बैंकनिफ्टी के चार्ट देखें

  • निफ़्टी इंडेक्स में बैंक निफ्टी का योगदान 30-40% है इसीलिए निफ्टी के ऊपर या नीचे जाने में बैंक निफ्टी का बहुत बड़ा हाथ होता है और यही कारण है कि nifty prediction करने के लिए बैंक निफ़्टी का चार्ट देखना बहुत जरूरी हो जाता है.

एक बात तो क्लियर है कि अगर बैंक निफ्टी गिरेगा तो निफ्टी में भी गिरावट होगी और अगर कल बैंक निफ़्टी ऊपर जाएगा तो बहुत चांसेस हैं कि कल निफ्टी भी ऊपर ही जाएगा इसलिए मार्केट का एनालिसिस करते वक्त banknifty का chart जरूर देखें।

5. Indiavix पर नजर रखें

जिस तरह S&P Vix अमेरिका का वोलेटिलिटी इंडेक्स है उसी तरह Indiavix इंडिया का वोलैटिलिटी इंडेक्स है जो मार्केट में मौजूद greed और fear के सेंटीमेंट को दर्शाता है. यह इंडेक्स आपको काफी हद तक एक अनुमान या संकेत दे देता है कि अगले दिन निफ्टी या सेंसेक्स कहां जा सकता है.

6. SGX Nifty पर नजर रखो

इंडिया में ज्यादातर ट्रेडर्स निफ्टी का अनुमान लगाने के लिए SGX यानी सिंगापुर निफ्टी को ही देखते हैं। इंडिया में मार्केट खुलने से पहले ही आप sgx nifty का चार्ट देख सकते हैं जिससे आपको एक अंदाजा मिल जाता है कि 9:15 पर जब इंडियन स्टॉक मार्केट खुलेगा तो आप वही prediction करेंगे जो movement आपने सिंगापुर निफ्टी में देखी है।

सिंगापुर निफ़्टी का भारतीय शेयर बाजार पर बहुत गहरा असर पड़ता है इसलिए आपको यह पोस्ट जरूर पढ़नी चाहिए―

7. Option chain डेटा पढ़कर

क्या आप NSE की वेबसाइट पर जाकर ऑप्शन चैन डाटा का एनालिसिस करते हैं? अगर नहीं तो आप nifty prediction की यात्रा में एक कदम पीछे रहते हैं.

मैं समझ सकता हूं कि जब आप पहली बार ऑप्शन चैन का डाटा देखते हैं तो कोई भी घबरा जाएगा लेकिन जब आप इसे पढ़ना सीख जाएंगे तो यह आपको काफी सिंपल लगने लगेगा.

Option chain data कुछ इस तरह दिखता है―

Nifty kab badhega, Nifty kab upar jayega
Option chain data on NSE website

Option chain डेटा की मदद से आप निफ्टी के near सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पता कर सकते हैं हालांकि सपोर्ट और रेजिस्टेंस का पता आप चार्ट के द्वारा भी कर सकते हैं लेकिन ऑप्शन चैन डाटा के अनुसार जो सपोर्ट और रेजिस्टेंस levels निकलते हैं वह ज्यादा accurate होते हैं।

इसके अलावा ऑप्शन चेन डेटा का उपयोग अगले दिन की ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बनाने में भी किया जाता है।

साथ ही यह डाटा आपको यह पता करने में भी मदद करता है कि अगर आपको ट्रेड से प्रॉफिट बनता है तो option की expiry होने तक उसे book करना है या hold करना चाहिए इसीलिए nifty की भविष्यवाणी करते वक्त option chain डेटा को पढ़ना काफी important है.

8. Put call रेश्यो देखकर

Put Call Ratio को शार्ट में PCR भी बोलते हैं और इसी PCR डाटा को देखकर लोग मार्केट की डायरेक्शन पता करने की कोशिश करते हैं क्योंकि PCR data आपको बाजार में खरीदारी और बिकवाली का माहौल दिखाता है

मतलब बाजार में buyers और sellers में से कौन ज्यादा हावी है अगर buyers ज्यादा हावी हैं तो मार्केट ऊपर जाएगा और अगर sellers ज्यादा हावी हुए तो मार्केट नीचे जाएगा।

पुट और कॉल दोनों ही ऑप्शन ट्रेडिंग का हिस्सा है अगर आप Put खरीदते हैं तो आप बाजार के गिरने पर शर्त लगा रहे हैं मतलब अगर अगले दिन बाजार गिरता है तो आपको प्रॉफिट होगा और अगर बाजार बढ़ता है तो आपको नुकसान होगा।

ठीक इसी प्रकार अगर आप call ऑप्शन खरीदेंगे तो इसका मतलब है कि आप बाजार के बढ़ने पर शर्त लगा रहे हैं और अगले दिन मार्केट ऊपर जाता है तो आपको फायदा होगा।

  • इंट्राडे में अधिकतर लोग PCR डाटा का ही उपयोग करते हैं जिसकी accuracy लगभग 70% होती है।

इसीलिए put और call रेश्यो का डाटा, मार्केट कल कैसा रहेगा यह पता करने के लिए बहुत जरूरी है।

9. Price Action देखकर

जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि आपको price को देखकर actions लेना है मतलब प्राइस के आधार पर ट्रेडिंग करना ही प्राइस एक्शन ट्रेडिंग कहलाता है.

बाजार में इसे देखना काफी इंपोर्टेंट माना जाता है क्योंकि कई बार किसी न्यूज़ के चलते मार्केट में सेंटीमेंट अलग होता है जबकि प्राइस कुछ और ही बता रहा होता है ऐसे में अधिकतर बाहर यह देखा गया है कि प्राइस के आधार पर लिया गया निर्णय mostly सही होता है.

Price Action ट्रेडिंग करके आप काफी हद तक निफ्टी की मूवमेंट का भी अनुमान लगा सकते हैं इसीलिए शेयर बाजार में ट्रेड करने वाले हर एक investor के लिए प्राइस एक्शन को समझना बहुत जरूरी है।

10. मूविंग एवरेज का उपयोग करके

मूविंग एवरेज एक इंडिकेटर है जो मार्केट के मूवमेंट को दर्शाता है यह बताता है कि किसी पार्टिकुलर टाइम में मार्केट कितना ऊपर जा सकता है या कितना नीचे जा सकता है.

Chart पर moving average कुछ इस तरह दिखता है―

निफ्टी की भविष्यवाणी कैसे करें,
Source: investopedia

अलग अलग लोग अलग अलग moving average का इस्तेमाल करते हैं. ट्रेडिंग करते समय कोई 50 day मूविंग एवरेज इस्तेमाल करता है तो कोई 20 day मूविंग एवरेज का यह कोई निश्चित नहीं होता है मतलब आप मूविंग एवरेज को कितना भी ले सकते हैं.

अगर आप निफ्टी का मूविंग एवरेज देखते हैं तो आपको एक अनुमान मिल जाएगा कि 1 हफ्ते या 1 महीने में निफ्टी कितना ऊपर या नीचे जा सकता है।

11. Indicators का उपयोग करके

वैसे तो टेक्निकल एनालिसिस में काफी सारे इंडिकेटर्स होते हैं लेकिन RSI इंडिकेटर इनमें काफी ज्यादा पॉपुलर है और बहुत सारे लोग इसी इंडिकेटर को देखकर buying या selling का निर्णय लेते हैं.

ये Indicators बताते हैं कि कोई शेयर कितना underbought या overbought zone में है. अगर किसी शेयर में खरीदारी बहुत ज्यादा हो चुकी है तो वह overbought zone में चला जाता है और अगर बिकवाली बहुत ज्यादा हो चुकी है तो वह underbought जोन में चला जाता है।

  • अगर आप निफ़्टी 50 का ओपन करके उस पर इंडिकेटर्स अप्लाई करते हैं तो आपको पता लग जाएगा कि nifty कितना underbought या overbought जोन में है।

इससे आपको एक अनुमान लग जाता है कि अगर आज मार्केट काफी overbought जोन में है तो काफी चांस है कि आने वाले दिनों में market में selling प्रेशर क्रिएट होगा और future में nifty जरूर गिरेगा।

12. Pivot levels चेक करें

अगर आप किसी भी तरह की ट्रेडिंग रणनीति बनाते हैं या price movement का अनुमान लगाना चाहते हैं तो आपके लिए pivot levels चेक करना अनिवार्य है।

Pivot levels को pivot points के जरिये देखा जाता है. यह कुछ ऐसे points होते हैं जो आपको किसी भी दिन के सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल बताते हैं.

Pivot points के जरिए मार्केट ऊपर जाएगा या नीचे इसका अनुमान लगाया जा सकता है.

उदाहरण के लिए;

  • अगर आज nifty कल के Pivot levels से ऊपर ट्रेड करता है तो यह एक संकेत है कि आज मार्केट बुलिश (bullish) है और आप खरीद कर निकल सकते हैं
  • जबकि अगर आज nifty कल के Pivot levels से नीचे ट्रेड कर रहा है तो इसका मतलब है कि आज बाजार बियरिश (bearish) है और आज आप बेचकर निकल सकते हैं।

इसलिए निफ्टी की भविष्यवाणी करने के लिए आप Pivot levels पर भी नजर रख सकते हैं।

13. कैंडलस्टिक पैटर्न्स पर नजर रखें

निफ्टी कितना गिरेगा या बढ़ेगा कैसे पता करें

कैंडलेस्टिक चार्ट देखते समय आपको अलग-अलग पेटर्न्स को समझना पड़ता है. आसान शब्दों में, अगर green candle बनती है तो यह बाजार के ऊपर जाने का संकेत है और red candle बनती है तो यह बाजार के नीचे जाने का संकेत है.

लेकिन यह इतना आसान नहीं है जितना लगता है कैंडलस्टिक चार्ट में इतनी सारी कैंडल्स और पैटर्न होते हैं कि जब आप पहली बार इन्हें समझते हैं तो किसी का दिमाग चकरा सकता है।

लेकिन जैसे-जैसे आप कैंडलेस्टिक पेटर्न्स की प्रैक्टिस करते जाएंगे आपको यह आसान लगने लगेगा और आप मार्केट की दिशा को predict करने में माहिर होते जाएंगे.

इसलिए अगर आप ही ट्रेडर हैं और कैंडलेस्टिक पेटर्न्स को अच्छे से समझते हैं तो निफ्टी कब ऊपर जाएगा और कब नीचे जाएगा इसका काफी हद तक सटीक अंदाजा दे सकते हैं।

14. Global factors पर नजर रखें

कई बार ऐसा होता है कि आपके सारे टेक्निकल एनालिसिस और ट्रेडिंग स्ट्रेटजी फेल हो जाती हैं जिसका कारण होता है― ग्लोबल मार्केट में किसी ऐसी घटना का हो जाना जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।

इसके कई सारे उदाहरण पास्ट में देखे गए हैं जैसे

  • 2008 का financial crisis, 2000 का डॉटकॉम बबल या 2020 का कोविड.

यह तो थे कुछ सबसे बड़े मार्केट क्रैश जिनकी किसी को उम्मीद नहीं होती है लेकिन इनके अलावा भी काफी सारी वैश्विक घटनाएं होती हैं जिनके द्वारा स्टॉक मार्केट अचानक से बहुत ज्यादा नीचे होता है

  • जैसे; रूस और यूक्रेन का विवाद, चाइना ताइवान का विवाद और माइकल बरी जैसे बड़े इन्वेस्टर के द्वारा अपने सभी स्टॉक्स को सेल कर देना.

अगर आप माइकल बरी के बारे में नहीं जानते तो आपको बता दूं कि ये वही शख्स हैं जिन्होंने 2008 का फाइनेंशियल क्राइसिस 2 साल पहले ही predict कर दिया था।

इसलिए आपको वैश्विक घटनाओं पर भी नजर रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आप मार्केट में समय समय पर आने वाली opportunity का फायदा उठा सकते हैं

उदाहरण के लिए;

  • रूस और यूक्रेन के संकट में सनफ्लावर ऑयल की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ गई थी जिसको इंडिया की केवल एक ही कंपनी पूरा कर सकती थी Adani wilmer

इसीलिए अदनी विल्मर का स्टॉक बहुत तेजी से भागा और जिन लोगों ने इसकी डिमांड का पहले ही अनुमान लगा लिया था उन्होंने बहुत पैसा कमाया इसीलिए वैश्विक घटनाओं पर नजर जरूर रखें।

15. ट्रेंड को फॉलो करें

अगर मार्केट की चाल का पता करना है तो आपको ट्रेंड के साथ चलना होगा क्योंकि जब तक आपको मार्केट का overall ट्रेंड किस ओर है यही पता नहीं होगा तो आप या सेंसेक्स या निफ्टी की भविष्यवाणी अच्छे से नहीं कर पाएंगे

आपने ये तो सुना ही होगा कि;

Trend is your Friend.

मार्केट में आपको 3 तरह के ट्रेंड के बारे में बताया है uptrend, downtrend और sideways trend (जिसमे मार्किट flat चलता है मतलब ऊपर नीचे कहीं ज्यादा move नहीं करता है).

निफ्टी मूवमेंट की भविष्यवाणी कैसे करें

लेकिन अगर समय के हिसाब से देखें तो ट्रेंड 3 प्रकार के होते हैं―

  1. सबसे पहला होता है इंट्राडे ट्रेंड (जो कि शार्ट टर्म होता है)
  2. दूसरा होता है weekly ट्रेंड (जिसे हम इंटरमीडिएट ट्रेंड भी बोलते हैं)
  3. और तीसरा होता है monthly ट्रेंड (जोकि होता है लांग टर्म ट्रेंड)

अगर आप इन तीनों ट्रेंड को ध्यान में रखकर बारीकी से निफ्टी के चार्ट का एनालिसिस करते हैं तो आप काफी हद तक निफ्टी के movement का सही प्रेडिक्शन कर सकते हैं।

निफ्टी कब बढ़ेगा या गिरेगा, कैसे पता करें?

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों साथ साथ ही चलते हैं मतलब जब सेंसेक्स ऊपर जाएगा तो निफ्टी भी बढ़ेगा और जब सेंसेक्स गिरेगा तो निफ्टी भी गिरेगा.

बस फर्क सिर्फ इतना है कि सेंसेक्स में इंडिया की टॉप 30 कंपनियां आती है जबकि निफ्टी में टॉप 50 कम्पनियां. लेकिन अब यह कैसे पता चलेगा कि यह दोनों index कब और कितने बढ़ते या गिरते हैं आइए जानते हैं―

जानिए निफ्टी कब बढ़ेगा―

  • जब भी मार्केट में buyers ज्यादा होते हैं तो निफ्टी ऊपर जाने लगता है मतलब जिस दिन खरीदारी ज्यादा होती है उस दिन nifty बढ़ेगा.

इसके अलावा निफ्टी के बढ़ने में FII  यानी विदेशी निवेशकों का भी बहुत बड़ा योगदान होता है जब है मार्केट में ज्यादा खरीदारी करने लगते हैं तो nifty बढ़ने लगता है।

जानिए निफ्टी कब गिरेगा―

जब निफ्टी लगातार गिर रहा होता है तो अधिकतर निवेशकों का सवाल होता है कि आखिर निफ्टी कब तक गिरेगा?

  • इसका जवाब यही है कि जब तक विदेशी निवेशक selling करते रहेंगे मतलब इंडियन मार्केट से पैसा निकालते रहेंगे तब तक निफ्टी भी गिरता रहेगा।

निफ्टी की भविष्यवाणी करते समय इन चीजों का ध्यान रखें―

1.रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखें

  • मार्केट में ट्रेड करते वक्त हमेशा अपनी risk को मैनेज करके चलें.
  • हमेशा अपने रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार ही बाजार में पैसा लगाएं.
  • दूसरे बड़े इन्वेस्टर्स को देखकर लेने की क्षमता के आधार पर कभी भी पैसा ना लगाएं।
  • शेयर मार्केट में केवल वही पैसा लगाएं जिसकी आपको लंबे समय तक कोई जरूरत नहीं पड़ने वाली है।

2. स्टॉप लॉस के साथ ट्रेड करें

  • स्टॉप लॉस के साथ शेयर करने से हमेशा आपका कैपिटल सुरक्षित रहता है।
  • जो लोग स्टॉप लॉस नहीं लगाते हैं उनका पूरा पैसा डूबने की संभावना रहती है।
  • Stop-loss एक प्रकार का सुरक्षा कवच है जो आपकी निवेश राशि को protect करता है।

3. सिर्फ दूसरों की टिप्स के भरोसे मत रहो

  • जब आप किसी से पूछते हैं कि निफ्टी कल कैसा रहेगा तो आपको tips देने वाले हजारों लोग मिल जाएंगे, कृपया उनसे दूर रहे.
  • बिना खुद से analyse किए दूसरों की टिप्स पर कभी भी ट्रेड मत करें।
  • सिर्फ न्यूज़ देखकर या किसी एक्सपर्ट की बात सुनकर किसी भी स्टाफ को खरीदने या बेचने का फैसला मत करें बल्कि अपनी खुद से रिसर्च करें।

FAQs (15 तरीकों से जानिए कल निफ्टी का क्या होगा)

कैसे पता करें अगले दिन निफ्टी का क्या होगा?

अगले दिन निफ्टी का क्या होगा यह पता करने के लिए आपको पहले ट्रेंड को देखना होगा कि किस ओर अग्रसर है इसके अलावा PCR डेटा, ऑप्शन चैन डाटा और अलग-अलग इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करके आप अगले दिन nifty की दिशा का अनुमान लगा सकते हैं।

क्या निफ्टी की भविष्यवाणी करना संभव है?

शेयर बाजार में कोई भी शत प्रतिशत गारंटी नहीं दे सकता कि बाजार ऊपर जाएगा या नीचे लेकिन आप इस पोस्ट में बताएगा तरीकों का इस्तेमाल करके काफी हद तक निफ्टी की prediction कर सकते हैं।

Nifty 50 कल कैसा रहेगा यह कैसे पता करें?

अगले दिन nifty50 कैसा रहेगा यह बाजार के सेंटीमेंट पर निर्भर करता है मतलब अगर स्टॉक मार्केट पॉजिटिव है तो बाजार ऊपर जाएगा और अगर मार्केट में कोई नेगेटिव खबर आ गई तो बाजार नीचे जाएगा यही हमेशा से मार्केट का नियम रहा है।

कैसे पता लगाएं कि भविष्य में मार्केट कितना ऊपर जाएगा?

वैसे तो मार्केट प्रिडिक्शन करने के लिए लोग अलग-अलग टेक्निकल इंडिकेटर्स का उपयोग करते हैं लेकिन अगर आप टेक्निकल एनालिसिस में माहिर नहीं है तो आप ग्लोबल फैक्टर्स पर नजर रख सकते हैं जो बताते हैं कि आने वाले समय में आखिर किस वजह से मार्केट बढेगा या घटेगा।

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Conclusion (निफ्टी की भविष्यवाणी कैसे करें)

इस पोस्ट में मैंने आपको 15 तरीके बताए हैं जिनकी मदद से आप पता लगा सकते हैं कि निफ्टी कल कैसा रहेगा, Nifty 50 कब बढेगा या गिरेगा और साथ ही निफ्टी की भविष्यवाणी करने के लिए कुछ ट्रिक्स बताए हैं जिन्हें आप फॉलो कर सकते हैं।

आप मुझे कमेंट में बताइए कि Nifty prediction करने के लिए आप किस तरीके का उपयोग करते हैं?

अगर आपका इस पोस्ट से संबंधित कोई सवाल है तो मुझसे कमेंट बॉक्स में जरुर पूछें.

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Deepak SenAbout Author
मेरा नाम दीपक सेन है और मैं इस ब्लॉग का Founder हूं। यहां पर मैं अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से शेयर मार्केट, निवेश और फाइनेंस से संबंधित उपयोगी जानकारी शेयर करता हूं। ❤️

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