कौन से शेयर खरीदना चाहिए – वारेन बुफे के अनुसार (10+ टिप्स)

आज हम बात करेंगे दुनिया के सबसे अमीर वारेन बुफे के अनुसार कौन से शेयर खरीदना चाहिए और कौन से शेयर खरीदने पर सबसे ज्यादा मल्टीबैगर रिटर्न मिल सकते हैं?

जब भी शेयर मार्केट investing की बात आती है तो Warren Buffet का नाम जरूर आता है और हम सभी लोग उनकी investment strategy के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।

लेकिन आपको हर बार वही पुराने घिसे पिटे नियम और उनके quotes सुनने को मिलते हैं लेकिन हमें ये कोई नहीं बताता कि―

  • वॉरेन बफेट मल्टीबैगर स्टॉक्स कैसे चुनते हैं,
  • बिजनेस को कैसे analyse करते हैं,
  • शेयर की intrinsic value कैसे निकालते हैं,
  • और वह किस दाम पर शेयर को खरीदते हैं,

ये सब बातें आपको कोई नहीं बताता जबकि यह सब चीजें वारेन बुफे हर साल अपनी कंपनी Berkshire Hathaway की annual meeting में शेयरहोल्डर्स के साथ discuss करते हैं।

आज इस आर्टिकल में हमने उनकी investment strategy को इस आर्टिकल में समाहित किया है जिसके जरिए हम जानने की कोशिश करेंगे कि वॉरेन बफेट के अनुसार कौन से शेयर खरीदना चाहिए?

कौन से शेयर खरीदना चाहिए? (Konse share kharide)

कौन से शेयर खरीदना चाहिए, Konse share kharidna chahiye

ना जाने कितने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट आए और चले गए लेकिन warren buffet का नाम इस लिस्ट में पिछले 30 सालों से लगातार बना हुआ है. इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वारेन बुफेट के अनुसार कौन सा शेयर खरीदना चाहिए यह बात कितनी important हो जाती है।

आइए जानते हैं उनके अनुसार कौन से शेयर खरीदे और वह शेयर खरीदते समय कौन सी चीजें देखते हैं, उनकी investing रणनीति क्या रहती है एक-एक करके जान लेते हैं―

1. उस कंपनी के शेयर खरीदें जिसके बिजनेस को आप समझते हों

सबसे पहला नियम है आपको उसी कंपनी के शेयर खरीदना चाहिए जिसका बिजनेस आप समझते हैं। ऐसी किसी भी कंपनी का शेयर मत खरीदे जिसका बिजनेस आप समझ नहीं पाते फिर चाहे वह शेयर कितना भी पॉपुलर हो, कितने ही सस्ते प्राइस पर मिल रहा हो और बिजनेस प्रॉफिट कितना ही ज्यादा क्यों ना हो यह सब चीजें मैटर नहीं करती।

मैटर करता है उस कंपनी का बिजनेस मतलब;

  • कंपनी के प्रोडक्ट या सर्विस क्या -क्या है
  • और क्या आप खुद उस कंपनी के प्रोडक्ट या सर्विस use करते हैं,
  • कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है,
  • कंपनी के कंपीटीटर्स कौन है,
  • क्या कंपनी के पास कोई competitive advantage है जिसके द्वारा वह कंपटीशन से बच सकती है मतलब कंपनी में ऐसी क्या खूबी है जिससे कंपटीशन उसका मार्केट शेयर या प्रॉफिट छीन नहीं पा रहे हैं।

competitive advantage किसी भी बिजनेस में एक बहुत ही important factor होता है जो कंपनी को long term प्रॉफिट कमाने में मदद करता है।

  • उदाहरण के लिए; हिंदुस्तान युनिलीवर और एशियन पेंट के पास उनका डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क ही competitive advantage है, इसी तरह pidilite के पास उनकी customer bonding ही कॉम्पिटेटिव एडवांटेज है जो sector की बाकी कंपनियों से आगे रखता है।

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2. कंपनी के 10-20 सालों के प्रॉफिट का अनुमान लगाएं

आपको उस कंपनी के शेयर खरीदना चाहिए जिसके प्रोडक्ट आप खुद use करते हैं। क्योंकि तभी आप यह estimate कर पाएंगे कि अगले 10 से 20 साल तक कंपनी कितना प्रॉफिट कमाएगी।

  • उदाहरण के लिए; ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज जिसके बिस्कुट आप रोजाना खाते हैं तो आपको पता है कि इस कंपनी की डिमांड सालों साल रहने वाली है इसीलिए यह कंपनी लगातार प्रॉफिट काम आएगी इस प्रकार आपके लिए उसके अगले कुछ सालों का प्रॉफिट का अनुमान लगा पाना ज्यादा मुश्किल नहीं है।

लेकिन जिस कंपनी के प्रोडक्ट आप इस्तेमाल ही नहीं करते या फिर जिस के बिजनेस को आप समझते ही नहीं हैं उस कंपनी के प्रॉफिट का अंदाजा लगा पाना बहुत मुश्किल है जैसे–

आजकल अदानी ग्रीन कंपनी का स्टॉक बहुत चर्चा में है क्योंकि आने वाले समय में रिन्यूएबल एनर्जी की डिमांड बढ़ने वाली है और यह कंपनी इसी सेक्टर में काम करती है लेकिन क्या आपको अदानी ग्रीन का शेयर खरीदना चाहिए?

आपको तभी इस कंपनी का शेयर लेना चाहिए जब आप रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को अच्छे से समझते हों वरना अगर आप दूसरों की भीड़ में आकर stocks को खरीदते हैं तो आप speculation करते हैं ना की investing.

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3. मैनेजमेंट एनालिसिस करना चाहिए

कंपनी का मैनेजमेंट एनालिसिस करना इसलिए जरूरी है क्योंकि बिजनेस कितना भी अच्छा और प्रॉफिटेबल हो लेकिन मैनेजमेंट ईमानदार नहीं है, आपसे कुछ छुपा रहा है या वह कंपनी कैसे फ्रॉड केस में पकड़ी जाती है तो चांसेस है कि आपका पूरा पैसा डूब सकता है।

इसीलिए कंपनी के टॉप मैनेजमेंट मतलब CEO, डायरेक्टर, चेयरमैन आदि का ट्रैक रिकॉर्ड चेक करें।

Business analyse करने के बाद आपको उस कंपनी के शेयर खरीदना चाहिए जिसका मैनेजमेंट पूरी तरह से transperent हो मतलब;

  • मैनेजमेंट को अपने शेयर होल्डर्स के साथ सभी चीजें शेयर करना चाहिए
  • अगर मैनेजमेंट ने कोई गलती की है तो उन्हें अपनी
  • गलतियां माननी चाहिए
  • अगर कंपनी ने कोई नया प्रोडक्ट लॉन्च किया और वह फेल हो गया तो मार्केट को blame करने की बजाय खुद की कमियां माननी चाहिए और उन्हें सुधारना चाहिए।

यह बहुत ही इंपॉर्टेंट पॉइंट है क्योंकि अगर मैनेजमेंट अपनी गलतियां accept करता है तो चांसेस है कि वह उन्हें सुधरेगा भी।

इसीलिए शेयर खरीदते समय मैनेजमेंट पर research करना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर मैनेजमेंट ईमानदार नहीं है तो कहीं ना कहीं वह चोरी करके भागने की ही सोचेगा इसीलिए हमेशा उसी कंपनी का शेयर खरीदना चाहिए जिसका मैनेजमेंट पूरी तरह से ईमानदार हो।

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4. शेयर की फाइनेंसियल क्वालिटी देखकर खरीदना चाहिए

शेयर की financial क्वालिटी चेक करने के लिए आपको 4 चीजें देखना जरूरी है–

  1. Debt to Equity Ratio: कंपनी का डेट इक्विटी रेशों 1 से कम होना चाहिए या फिर अगर कंपनी डेट फ्री है तो invest करने के लिए और भी अच्छा है क्योंकि जब कंपनी पर debt नहीं होता है तो वह कभी बंद नहीं होती है।
  2. PEG Ratio: कंपनी ओवरवैल्यूड है या अंडरवैल्यू इसका पता करने के लिए लिए PEG रेश्यो देखो अगर ये 1 से कम है तो कंपनी undervalue है, 1 है तो फेयर वैल्यू और 1 से ज्यादा है तो overvalue.
  3. High Return on Equity: रिटर्न ऑन इक्विटी का मतलब है कि अपने शेयर होल्डर के लिए 1 रुपये के ऊपर अभी हर साल कितने % प्रॉफिट कमा रही है। वैसे आपको उसी कंपनी का शेयर खरीदना चाहिए जिसका ROE 20% से ज्यादा हो।
  4. High profit margin: एक अच्छे बिजनेस का प्रॉफिट मार्जिन हमेशा ज्यादा होता है। अगर किसी कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन कम है तो उसका मतलब है कि कंपनी को अपना प्राइस बढ़ाने में दिक्कत आ रही है और इसी कारण काय कंपटीशन से आगे नहीं निकल पा रही है।

इन चारों के अलावा आप डिविडेंड और फ्री कैश फ्लो पर भी नजर रख सकते हैं।

Dividend:

ऐसी कंपनी के शेयर खरीदे जो अपने बचे हुए प्रॉफिट डिविडेंड के रूप में शेयरहोल्डर को देती हो लेकिन अगर कंपनी डिविडेंड नहीं देती है तो उस बचे हुए प्रॉफिट (retained earning) से शेयर प्राइस बढ़ना चाहिए।

क्योंकि प्रॉफिट पर shareholders का हक होता है और अगर कंपनी डिविडेंड नहीं देती है तो कम से कम शेयर प्राइस को बढ़ाकर आपका फायदा कर सकती है लेकिन अगर शेयर प्राइस भी नहीं पड़ रहा तो इसका मतलब है कि कंपनी अपने cash को सही तरीके से use नहीं कर रही है तो फिर कंपनी का प्रॉफिट कमाने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वह shareholders तक पहुंचा ही नहीं।

Free cashflow: आपको कंपनी का फ्री कैश फ्लो भी चेक करना चाहिए क्योंकि कंपनी के पास जितना ज्यादा फ्री कैश होगा वह फाइनेंशली उतनी ही ज्यादा मजबूत होगी।

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5. शेयर कम दाम पर मिलना चाहिए

आपको हमेशा उस कंपनी के शेयर खरीदना चाहिए जो कम कीमत पर मिल रही हो मतलब उसका वैल्यूएशन उसकी असली इंटरिंसिक वैल्यू की अपेक्षा बहुत कम हो।

सस्ते वैल्यूएशन पर शेयर में निवेश करने के लिए सबसे पहले आपको कंपनी की intrinsic value पता करना चाहिए। इंट्रिसिक वैल्यू हमेशा एक अनुमान या estimate होता है क्योंकि आप किसी भी शेयर की एक्चुअल वैल्यू पता नहीं कर सकते।

अनुमानित intrinsic value निकालने के बाद उसे कंपनी के मार्केट प्राइस से compare करें अगर वह शेयर आपकी estimated इंटरिंसिक वैल्यू से कम कीमत पर मिल रहा है तो आप उसे खरीद सकते हैं और अगर intrinsic value से महंगा है तो इंतजार कर सकते हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि कंपनी के intrinsic value कैसे निकालते हैं तो इस पर हमने एक detailed आर्टिकल लिखा है जिसे आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं–

Intrinsic value क्या है और इसे कैसे कैलकुलेट करते हैं?

6. कंपनी के revenue और प्रॉफिट हर साल 15% से grow करना चाहिए।

अगर कंपनी सेल्स और प्रॉफिट को तेजी से बढ़ा पा रही है तो यह एक अच्छा संकेत है बिजनेस के मजबूत होने का।

मान लीजिए अगर किसी कंपनी का प्रॉफिट 2022 में 1 करोड़ है तो अगले साल 2023 में वह कम से कम 1.15cr हो जाना चाहिए मतलब 15% minimum ग्रोथ होनी चाहिए।

Ralated: शेयर कब खरीदना और बेचना चाहिए?

7. भविष्य की योजनाओं पर नजर रखें

कंपनी के फ्यूचर प्लांस के बारे में जानना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी आने वाले समय में कैसा परफॉर्म करेगी इस बात का अंदाजा आपको उसके future plans से ही पता लगेगा

कंपनी की ग्रोथ पता करने का सबसे बढ़िया तरीका है annual report पढ़ना। इसके अलावा आपको मैनेजमेंट की earning calls सुनना चाहिए मैं आपको पता चलता है कि कंपनी फ्यूचर में ग्रो करने के लिए क्या steps लेगी।

कोई भी कंपनी 3 तरह से ग्रो करती है–

  1. कोई नया प्रोडक्ट लांच करके
  2. पुराने प्रोडक्ट को नए लोगो तक पहुचाकर
  3. अपने बिज़नेस के उस पार्ट को बन्द करके जो loss में।

भविष्य के नजरिए से नीचे दिए गए आर्टिकल पढ़ें,

8. फाइनेंसियल स्टेटमेंट पढ़ें

फाइनेंसियल स्टेटमेंट के अंतर्गत तीन चीजे आती हैं;

  1. बैलेंस शीट
  2. प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट
  3. कैश फ्लो स्टेटमेंट

जिसने कंपनी का शेयर आप खरीदना चाहते हैं उसमें ये तीनों चीजें जरूर चेक करें जैसे आपको कंपनी की आर्थिक स्थिति का पता चलेगा।

FAQ’s (कौन सी कंपनी का शेयर खरीदना चाहिए)

कौन सी कंपनी के शेयर में पैसा लगाना चाहिए?

जिस कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हो, मैनेजमेंट ईमानदार हो, कंपीटिटिव एडवांटेज हो और कंपनी साल दर साल प्रॉफिट तेजी से बढ़ा रही हो इस तरह की कंपनियों में पैसा इन्वेस्ट करना चाहिए।

कौन सा शेयर खरीदना अच्छा है?

जिन कंपनियों का business भविष्य में तेजी से बढ़ने वाला है और उसके प्रोडक्ट डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है ऐसी कंपनी का शेयर खरीदना अच्छा होता है।

लंबी अवधि के लिए कौन सा शेयर खरीदना चाहिए?

अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो ऐसी कंपनी के शेयर खरीदने जिसमें ग्रोथ की संभावना हो और कंपनी के प्रोडक्ट डिमांड भविष्य में भी बनी रहे साथ ही कंपनी का मैनेजमेंट भी ईमानदार होना चाहिए।

निष्कर्ष (konse share kharidna chahiye)

मुझे उम्मीद है आपको यह पोस्ट वारेन बुफे के अनुसार कौन से शेयर खरीदना चाहिए जरूर पसंद आई होगी। इसे पढ़ने के बाद आपको कौन से शेयर में पैसा लगाना चाहिए यह समझ आ गया होगा।

मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि हर आर्टिकल में readers को कुछ नया सीखने को मिले और इसीलिए मैं हर जानकारी विस्तार से देने की कोशिश करता हूं।

अगर आपका इस पोस्ट से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें।

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Deepak SenAbout Author
मेरा नाम दीपक सेन है और मैं इस ब्लॉग का Founder हूं। यहां पर मैं अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से शेयर मार्केट, निवेश और फाइनेंस से संबंधित उपयोगी जानकारी शेयर करता हूं। ❤️

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