म्यूच्यूअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है? म्यूचुअल फंड में कितना ब्याज मिलता है?

जानिए म्यूच्यूअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है, म्युचुअल फंड से मुझे कितने रिटर्न की उम्मीद करनी चाहिए और 1 साल में म्यूचुअल फंड कितना रिटर्न देता है?

म्यूच्यूअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है, Mutual fund me kitna return milta hai
जानिए म्यूच्यूअल फंड पर क्या रिटर्न मिलता है?

आज मैं आपको बताऊंगा कि म्यूचुअल फंड में आपको क्या रिटर्न मिलता है, आपको कौन से म्यूचुअल फंड में कितना ब्याज मिलता है, अगर हम 1 साल के लिए म्युचुअल फंड में पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो उस पर कितना रिटर्न मिलता है?

और ऐसे कौन-कौन से म्यूचुअल फंड हैं जिनमें इन्वेस्टमेंट करने पर अधिक से अधिक रिटर्न मिल सकते हैं? आइए जान लेते हैं कि–

इस पोस्ट में आप जानेंगे-

म्यूच्यूअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है?

म्यूचुअल फंड में एसआईपी करने पर औसतन 12% वार्षिक रिटर्न मिलता है। लेकिन ब्याज की दर mutual fund के साइज पर निर्भर करती है। जैसे अगर लार्ज कैप म्युचुअल फंड है तो उसमें 12% से 15% सालाना रिटर्न मिलता है जबकि स्मॉल कैप म्यूच्यूअल फंड में 20% से 25% ब्याज मिलता है।

इसके अलावा म्यूच्यूअल फंड का रिटर्न शेयर मार्केट की परफॉर्मेंस, रिजर्व बैंक की ब्याज दर में उतार-चढ़ाव, महंगाई और अन्य फैक्टर्स पर भी निर्भर करता है।

लेकिन ऐसे में अगर आप गलत म्यूचुअल फंड में पैसा निवेश कर देते हैं तो आपके रिटर्न कम हो सकते हैं. इसीलिए पैसा लगाने से पहले mutual fund के बारे में अच्छे से पता कर लें, जैसे–

  • उस फंड का पास्ट परफॉर्मेंस कैसा रहा है,
  • फंड मैनेजर को कितना एक्सपीरियंस है,
  • किस प्रकार की रेटिंग उसे प्राप्त है
  • और अब तक वह म्यूच्यूअल फंड अपने निवेशकों को कितना रिटर्न दे चुका है।

1 साल में म्यूचुअल फंड कितना रिटर्न देता है?

1 साल में अधिकतर म्यूच्यूअल फंड 12% से 15% रिटर्न देते हैं। हालांकि मार्केट में उतार-चढ़ाव के चलते फंड के रिटर्न कम या ज्यादा हो सकते हैं.

मतलब अगर बाजार में मंदी रही तो म्यूचुअल फंड रिटर्न 5% तक जा सकते हैं और तेजी होने पर तेजी होने पर म्यूच्यूअल फंड सालाना 18% या उससे ज्यादा भी रिटर्न मिल सकते हैं।

ध्यान रहेम्यूचुअल फंड में कितने प्रतिशत रिटर्न मिलेगा यह सिर्फ मार्केट मूवमेंट पर ही नहीं बल्कि इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने किस प्रकार का म्यूचुअल फंड खरीदा है।

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  • मतलब अगर आपने इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाया है तो रिटर्न भी लार्ज कैप स्टॉक्स के रिटर्न के बराबर मिलेंगे।
  • अगर डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में निवेश किया है तो मार्केट गिरने पर आपके पोर्टफोलियो रिटर्न पर उतना ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • लेकिन अगर आपने सेक्टर स्पेसिफिक कंपनियों वाले फंड में या फिर हाई रिस्क स्मॉल कैप म्युचुअल फंड में पैसा लगाया है तो साल के अंत में आपके रिटर्न के अधिक वोलेटाइल होने के चांसेस ज्यादा होते हैं।

इसलिए अगर आप स्मॉल कैप म्युचुअल फंड में केवल तभी इन्वेस्ट करें जब आप अधिक रिटर्न की उम्मीद करते हो लेकिन साथ ही थोड़ा रिस्क लेने को भी तैयार है।

लेकिन अगर आप बिना कोई जोखिम लिए 10% से 12% रिटर्न से भी संतुष्ट हैं तो आप लार्ज कैप इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।

क्या म्यूचुअल फंड में रिटर्न की गारंटी होती है?

आपको बता दें कि शॉर्ट टर्म में म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है लेकिन लंबी अवधि (5 से 10 साल) के लिए म्यूचुअल फंड में पैसा रखने पर लगभग 10 से 12% वार्षिक रिटर्न मिलने की संभावना होती है।

म्यूचुअल फंड में रिटर्न कम ज्यादा कैसे होते हैं?

म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न स्टॉक्स की परफॉर्मेंस पर डिपेंड करते हैं। अगर आपके फंड मैनेजर ने किसी कंपनी के शेयर में पैसा लगाया है और उस कंपनी के स्टॉक ने अच्छा परफॉर्म नहीं किया तो उसका शेयर प्राइस कम हो जाएगा जिससे mutual fund के रिटर्न भी कम हो जाएंगे।

इसी प्रकार आपके द्वारा खरीदे गए म्यूचुअल फंड में जिन कंपनियों की होल्डिंग हैं और जब वह कंपनियां शेयर बाजार में अच्छा परफॉर्मेंस दिखाती हैं तो आपके म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न भी बढ़ने लगते हैं।

उदाहरण के लिए

अगर आपने Nifty50 लार्ज कैप इक्विटी म्यूचुअल फंड में 5 लाख रुपये 1 साल के लिए निवेश किया।

अब अगर इस साल शेयर मार्केट में निफ्टी 14% बढ़ता है तो आपके म्यूच्यूअल फंड में आपको 13-14% रिटर्न मिलेंगे।

लेकिन मान लो अगर किसी साल निफ्टी ने अच्छा परफॉर्म नहीं किया तो उस साल आपकी म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न भी कम हो जाएंगे।

ऐसे ही अगर आपने IT स्टॉक्स के पोर्टफोलियो वाले म्यूचुअल फंड में निवेश किया है तो आपके रिटर्न आईटी सेक्टर की परफॉर्मेंस के हिसाब से तय होंगे।

  • मतलब अगर आईटी सेक्टर गिरता है तो आपका म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो भी डाउन हो जाएगा.
  • और जब आईटी सेक्टर में तेजी आएगी तो आपके म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न भी बढ़ने लगेंगे।

तो इस प्रकार से आपके द्वारा निवेश किए गए म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न में उतार-चढ़ाव होता रहता है।

कौन से म्यूचुअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है?

इस म्यूच्यूअल फंड में कितना रिटर्न मिलेगा यह जानने के लिए आपको म्यूच्यूअल फंड के प्रकार के बारे में जानना होगा। आपको बता दें कि म्यूचुअल फंड दो प्रकार के होते हैं पहला इक्विटी म्यूचुअल फंड और दूसरा डेट म्युचुअल फंड।

Equity Mutual Fund में कितना रिटर्न मिलता है?

इक्विटी म्युचुअल फंड ऐसे फंड होते हैं जो इक्विटी यानी स्टॉक्स में पैसा निवेश करते हैं। यह थोड़े रिस्की म्यूचुअल फंड माने जाते हैं क्योंकि इनके रिटर्न शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के परफॉर्मेंस पर निर्भर करते हैं।

आपके फंड मैनेजर ने किस कंपनी में आपका पैसा लगाया है यह चेक करने के लिए आप म्यूच्यूअल फंड की ‘होल्डिंग्स’ को ओपन कीजिए उसके अंदर आपको स्टॉक्स की लिस्ट दिख जाएगी।

  • इक्विटी म्यूचुअल फंड में लार्ज कैप मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों ही प्रकार की कंपनियां आती है।
  • लार्ज कैप या ब्लू चिप स्टॉक्स सबसे कम रिस्की होते हैं जबकि स्मॉलकैप या माइक्रो कैप सबसे ज्यादा रिस्की इन्वेस्टमेंट माने जाते हैं।

अगर रिटर्न की बात करें तो लार्ज कैप म्यूचुअल फंड में कम रिटर्न मिलते हैं लेकिन इनमें रिस्क भी बहुत कम होता है जबकि स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड में रिटर्न बहुत ज्यादा मिल सकते हैं लेकिन उसमें जोखिम भी उतना ही जाता लेना पड़ता है।

अच्छे रिटर्न प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है हाइब्रिड या डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में पैसा निवेश करें। क्योंकि इसमें आपका पैसा लार्ज कैप मिडकैप और स्मॉलकैप तीनों ही प्रकार की कंपनियों में डायवर्सिफाई किया जाता है जिससे लॉन्ग टर्म में आपको अच्छे रिटर्न मिल जाते हैं।

Debt Mutual Fund में कितना रिटर्न मिलता है?

ये वह म्यूचुअल फंड हैं जिनमें कंपनियों के सर्टिफिकेट में पैसा इन्वेस्ट किया जाता है. इस प्रकार के म्यूचुअल फंड थोड़ी कम रिस्की फंड होते हैं जिनमें स्टेबल या स्थाई रिटर्न मिलते हैं। मतलब अगर आप 1% भी रिस्क नहीं लेना चाहते तो डेट म्यूचुअल फंड आपके लिए बेस्ट है।

डेट म्युचुअल फंड रिटायर्ड या अधिक उम्र के लोगों के लिए सबसे बेस्ट फण्ड माने जाते हैं क्योंकि यह इक्विटी म्युचुअल फंड के मुकाबले बहुत कम रिस्की होते हैं और इनमें रिटर्न भी FD के मुकाबले ज्यादा मिलता है।

म्यूचुअल फंड में अधिक रिटर्न कैसे मिलता है?

अपने म्यूचुअल फंड के रिटर्न बढ़ाने के लिए आपको गिरे हुए मार्केट में इन्वेस्ट करना होगा. मतलब जब शेयर बाजार में गिरावट का माहौल होता है तब म्युचुअल फंड काफी सस्ते मिलते हैं और उस समय निवेश करने पर आपको कम समय में अधिक रिटर्न मिल सकते हैं।

ध्यान रखिएम्यूच्यूअल फंड में पैसा लगाने से पहले आपके दिमाग में एक निश्चित लक्ष्य निर्धारित होना चाहिए मतलब आप कितना पैसा लगाना चाहते हैं और उस पर कितने रिटर्न की उम्मीद करते हैं।

आपने किसी फ्लेक्सी कैप mutual fund में 5 साल के लिए 1 लाख रुपये निवेश किया है और आप 12% सालाना रिटर्न की उम्मीद करते हैं। तो 5 साल बाद जब आप का टारगेट पूरा हो जाए तो उस mutual fund से एग्जिट कर देना चाहिए।

  • अगर आप एक छोटे निवेशक हैं तो lumpsum अमाउंट इन्वेस्ट करने की बजाय आपको म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) करना चाहिए क्योंकि lumpsum पैसा लगाने पर आपको Rupee-cost averaging का फायदा नहीं मिलता है।
  • जबकि SIP में आपका पैसा हर तरह की मार्केट कंडीशन में इन्वेस्ट होता रहता है जिससे लॉन्ग टर्म में बेहतरीन रिटर्न मिलते हैं।

म्यूचुअल फंड के रिटर्न कैसे कैलकुलेट करें?

म्यूच्यूअल फंड रिटर्न कैसे पता करें (How to calculate mutual fund return in hindi)

चलिए अब Sip और Lumpsum दोनों में ही Mutual fund पर कितना रिटर्न मिलता है, इसका कैलकुलेशन करने के लिए आइये एक उदाहरण देखते हैं–

  • म्यूचुअल फंड के रिटर्न कैलकुलेट करने के लिए आपको उसके NAV यानी Net Asset Value के बारे में पता होना चाहिए।
  • जब आप किसी म्युचुअल फंड में पैसा लगाते हैं तो नीचे की ओर उसकी पास्ट परफॉर्मेंस का चार्ट दिया होता है.
  • उस चार्ट पर आपको time wise म्यूच्यूअल फंड का रेट दिखता है मतलब कौन से समय वह म्युचुअल फंड कितनी रेट पर बिका है, इसी रेट को NAV कहा जाता है।
  • मतलब जिस रेट पर आप म्यूच्यूअल फंड को खरीदते हैं उसे रेट को ही NAV कहा जाता है।
  • NAV की कीमत समय के साथ-साथ कम ज्यादा होती रहती है और इसी NAV के प्राइस के अनुसार ही आपको म्यूचुअल फंड यूनिट मिलते हैं।

सबसे पहले जानते हैं कि lumsum पैसा इन्वेस्ट करने पर म्यूचुअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है

मान लो आपने कोई XYZ mutual fund खरीदा, इस पर आपको सालाना कितने रिटर्न मिलेंगे, यह पता करने के लिए आपको तीन चीजों की जरूरत पड़ेगी;

  1. वह राशि जो आप म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करने वाले हैं,
  2. NAV की वैल्यू
  3. म्यूच्यूअल फंड यूनिट्स की संख्या

चलिए Lumsum की स्थिति में म्यूचुअल फंड रिटर्न कैलकुलेट करने का उदाहरण देख लेते हैं–

मान लो आज आप lumpsup 100000 रुपये किसी XYZ म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं और इस समय उस Fund के NAV की वैल्यू 50 रुपये चल रही है तो ऐसे में आपको इस mutual fund के 100000/50 = 2000 यूनिट मिलेंगे।

1 साल बाद आप इस mutual fund बेच देते हैं और उस समय NAV की वैल्यू बढ़कर 60 रुपये हो जाती है तो आपको टोटल अमाउंट मिलेगा: 2000×60 = 120000 रुपये

मतलब आपको कुल प्रॉफिट हुआ: 120000–100000= 20000 रुपये

जो आपके 1 लाख के इन्वेस्टमेंट पर 20% ब्याज होता है।

इस प्रकार आपने देखा कि Lumpsum 1 लाख रुपये XYZ म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने पर साल के अंत में अगर आपको 1 लाख 20 हजार रुपये मिलते हैं तो यह इस mutual fund पर 20% का रिटर्न होता है।

NOTEयाद रखिए जिस दिन आप म्युचुअल फंड बेचेंगे उस दिन उसके NAV की वैल्यू पहले के मुकाबले बढ़ी होनी चाहिए तभी आपको प्रॉफिट होगा. अगर यह बढ़ने की बजाय घट जाती है और घटी हुई वैल्यू पर आप म्यूच्यूअल फंड बेच देते हैं तो आपको नुकसान हो जाएगा।

अब आप यह जान चुके हैं कि lumpsum पैसा निवेश करने पर म्युचुअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है और ऐसे कैसे कैलकुलेट करते हैं

चलिए अब SIP करने पर म्यूचुअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है, इसको कैलकुलेट करने का उदाहरण देख लेते हैं–

SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में हर महीने आपका पैसा बैंक अकाउंट से कटता रहता है और यह आपके द्वारा सिलेक्ट किए गए म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट होता रहता है।

म्यूचुअल फंड में एसआईपी करते समय आपको एक निश्चित अमाउंट चुनना होता है जितना पैसा आप इन्वेस्ट करना चाहते हैं.

मान लो अगर आप किसी mutual fund में 10000 रुपये की Sip करते हैं तो हर महीने 10 हजार रुपए आपके लिंक किये गए बैंक अकाउंट से deduct होते रहेंगे.

आपको पता होगा कि हर महीने NAV के रेट भी बदलते रहते हैं इसीलिए 10000 रुपये में किसी महीने आपको कम तो किसी महीने अधिक mutual fund यूनिट मिलेंगे

इस प्रकार साल के अंत में आप 10000 monthly sip के हिसाब से आप 120000 रुपये इन्वेस्ट कर चुके होंगे. वहां पर NAV की एक औसत वैल्यू आपको दिखाई देगी.

और इसी प्रॉफिट के अनुसार आपको प्रॉफिट होगा और इसी प्रॉफिट को देखकर आप म्युचुअल फंड के रिटर्न कैलकुलेट कर सकते हैं।

अगर 1 साल बाद औसत NAV का प्राइस 70 रुपये और यूनिट की कुल संख्या 2000 है तो इस समय आपके म्यूच्यूअल फंड की वैल्यू होगी 2000×70 = 140000 रुपये

मतलब आपको 140000–120000 = 20000 रुपये प्रॉफिट हुआ,

और 20000 रुपये आपके इन्वेस्ट किये गए 1 लाख 20 हजार रुपये के इन्वेस्टमेंट पर 16.66% सालाना रिटर्न होते हैं।

Mutual fund के रिटर्न का कैलकुलेशन आप इस फॉर्मूला की मदद से कर सकते हैं–

म्यूचुअल फंड रिटर्न = (प्रॉफिट × 100) ÷ Invested amount

उम्मीद करता हूं अब आप lumsum और sip दोनों में ही म्यूच्यूअल फंड रिटर्न कैसे पता करते हैं यह समझ गए होंगे।

Also Read–

नीचे दी गई वीडियो में बताया गया है कि म्यूचुअल फंड में पैसा निवेश करने पर कितने रिटर्न मिलते हैं और उन्हें कैसे कैलकुलेट किया जाता है–

FAQ’s (Mutual fund me kitna return milta hai)

म्यूचुअल फंड से मुझे कितने रिटर्न की उम्मीद करना चाहिए?

अगर आप कम जोखिम वाले लार्ज कैप ब्लूचिप म्युचुअल फंड में पैसा निवेश करते हैं तो आपको 10-12% सालाना रिटर्न की उम्मीद करना चाहिए। जबकि मिडकैप में 15-18% रिटर्न और स्मॉल कैप म्युचुअल फंड में 20-30% रिटर्न की उम्मीद करना चाहिए।

5 साल में म्यूचुअल फंड कितना रिटर्न देता है?

अधिकतर इक्विटी म्युचुअल फंड 5 साल के अंतराल में सालाना 10-15% सालाना रिटर्न देते हैं।

10 साल में म्यूचुअल फंड कितना रिटर्न देता है?

10 साल में म्यूचुअल फंड पर 12% से अधिक रिटर्न मिलता है। यह लंबी अवधि का निवेश होता है इसलिए इसमें पैसा डूबने के चांस ना के बराबर होते हैं।

20 साल में म्यूचुअल फंड कितना रिटर्न देता है?

20 साल में कोई भी एसआईपी म्यूच्यूअल फंड 15% वार्षिक ब्याज की दर से सालाना रिटर्न देने की क्षमता रखता है। इतनी लंबी अवधि के लिए इन्वेस्ट करने से आपको कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।

म्यूच्यूअल फंड कितना रिटर्न देता है – ‘निष्कर्ष’

इस पोस्ट में आपने जाना कि म्यूचुअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है, कौन सा म्यूच्यूअल फंड कितना रिटर्न देता है और म्यूच्यूअल फंड से आपको कितने रिटर्न की उम्मीद करना चाहिए।

अगर आपको इस लेख में दी गई जानकारी उपयोगी लगी हो तो नीचे कमेंट करके जरूर बताइए और और आपका ऐसा आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो भी हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं।

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