शेयर बाजार में सफल कैसे बनें? | शेयर मार्केट में सफल होने के 10 उपाय

शेयर बाजार में सफल कैसे बनें, सफलता कैसे पाएं, शेयर मार्केट में सक्सेसफुल कैसे बनें, शेयर बाजार में सफलता के योग, सफलता के लिए मंत्र | How to get success in stock market in hindi

शेयर बाजार में सफल कैसे बने, शेयर बाजार में सफल होने के उपाय

दोस्तों शेयर बाजार में सफलता पाना इतना आसान नहीं है क्योंकि एक सक्सेसफुल इन्वेस्टर बनने के लिए आपको शेयर मार्केट के basics के साथ-साथ बहुत सारी बारीकियों को भी समझना पड़ता है.

शेयर बाजार में रोजाना लाखों नए लोग पैसा लगाते हैं लेकिन उनमें से केवल कुछ ही लोग सफल हो पाते हैं और बाकी सभी अपने मेहनत से कमाए हुए पैसे का नुकसान कर बैठते हैं।

भविष्य में अमीर बनने के लिए हर कोई शेयर बाजार में सफलता पाना चाहता है लेकिन कुछ लोग शेयर बाजार में सक्सेसफुल होने के लिए शॉर्टकट ढूंढते हैं जैसे;

  • जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में इंट्राडे ट्रेडिंग में नुकसान करना
  • सस्ते पेनी स्टॉक्स खरीद कर अप्पर सर्किट और लोअर सर्किट के खेल में फंस जाना
  • बिना कंपनी पर रिसर्च किए सिर्फ शेयर का प्राइस बढ़ता हुआ देखकर निवेश कर देना
  • शेयर मार्केट के बेसिक नियमों को ना समझना
  • बिना कुछ सीखें सीधे ही फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग में घुस जाना (क्योंकि ऑप्शन ट्रेडिंग में आप केवल कुछ मिनटों में ही अपना पैसा 10 गुना या 100 गुना भी कर सकते हैं इसलिए लोग इन्वेस्टिंग की बजाए ट्रेडिंग करके शॉर्टकट मारने की कोशिश करते हैं जो उन्हें शेयर बाजार में कभी सफल नहीं होने देता)

लेकिन मैं आपको बता दूं कि शेयर बाजार में सफलता हासिल करने का कोई शॉर्टकट उपाय नहीं है. दुनिया के जितने भी सफल इन्वेस्टर या ट्रेडर हुए हैं उन सभी ने कुछ important नियमों को फॉलो किया जिनसे उन्हें शेयर बाजार में सफलता मिली.

मुझे पूरा विश्वास है अगर आप भी शेयर बाजार के इन नियमों को फॉलो करते हैं तो निश्चित ही आप भी शेयर बाजार में सफलता हासिल कर पाएंगे.

आज आप इस आर्टिकल में शेयर बाजार में सफल बनने के उपाय के बारे में जानने वाले हैं जो आपको शेयर बाजार में success पाने में मदद करेंगे।

Contents

शेयर बाजार में सफल कैसे हों? शेयर मार्केट में सफलता पाने के 10 उपाय

कुछ लोग ऐसे भी हैं जो शेयर बाजार की भविष्यवाणी करके एक दिन पहले ही बता देते हैं कि आज शेयर बाजार में सफल होने का योग है या नहीं। ऐसे लोग इन सभी उपायों को शेयर बाजार में सफलता के मूल मंत्र का नाम देते हैं जबकि आपको ऐसे किसी भी शेयर मार्केट एक्सपर्ट की बातों में नहीं आना चाहिए बल्कि खुद से फंडामेंटल और टेक्निकल रिसर्च सीखकर निवेश करना चाहिए।

आइये अब शेयर बाजार में सफलता पाने के तरीकों के बारे में एक-एक करके जान लेते हैं;

1. शेयर मार्केट को पहले सीखें, फिर निवेश करें

शेयर बाजार में सफल ना होने का सबसे बड़ा कारण होता है बिना सीखे निवेश करना. लोगों को शेयर मार्केट की basic knowledge भी नहीं होती फिर भी जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में लाखों रुपए एक साथ इन्वेस्ट कर देते हैं जिससे बाद में उन्हें पछताना पड़ता है।

आपने टीवी या बिज़नेस न्यूज़ चैनल पर अक्सर देखा होगा कि;

  • किसी XYZ कंपनी का शेयर मल्टीबैगर बन गया
  • सिर्फ 1 हफ्ते में 100% से ज्यादा रिटर्न दे चुका है
  • शेयर प्राइस ₹10 से बढ़कर है ₹80 पर पहुंच गया है या फिर
  • XYZ कंपनी के आईपीओ में निवेश करके पाएं 100% Listing gain

लेकिन मैं आपको बता दूं यह सब चीजें फ्रॉड होती है जिन का जबर्दस्ती प्रमोशन किया जाता है इनमें केवल operaters (ऐसे लोग जो फ्रॉड या scam करते हैं) उनका फायदा होता है और छोटे रिटेल निवेशकों का नुकसान होता है।

जबकि अगर आप किसी भी कंपनी के शेयर को खरीदने से पहले उस पर खुद से research करते हैं तो आपको कंपनी की असली सच्चाई या आर्थिक स्थिति (economic condition) का पता चलता है और आप ऑपरेटर के जाल में फंसने से बच पाते हैं।

इसीलिए सबसे पहले अलग-अलग सोर्सेस के जरिए शेयर बाजार को जितना हो सके सीखने की कोशिश करें. अगर आप भी शेयर मार्केट में पैसा invest करते हैं तो आपको नीचे दी गई जरूरी चीजें पता होनी ही चाहिए जैसे―

इन सभी के अलावा हमने इस ब्लॉग पर शेयर बाजार से संबंधित बहुत सारी knowledge अलग-अलग आर्टिकल्स के जरिए प्रदान की है.

अगर आप हमारे ब्लॉग की सभी पोस्ट पढ़ते हैं तो ना सिर्फ अपने ज्ञान को बढ़ाएंगे बल्कि आप शेयर बाजार में एक्सपर्ट बन पाएंगे क्योंकि हमने सभी पोस्ट को इस तरह विस्तार से लिखा है ताकि आपको हर एक चीज detailed में पता चल सके.

इसीलिए अगर आप शेयर बाजार में सफल होना चाहते हैं तो शेयर मार्केट को सीखना ही एकमात्र उपाय है दूसरा कोई शॉर्टकट नहीं है.

आइए दूसरे पॉइंट पर बढ़ते हैं―

2. सफल होने के लिए ट्रेडिंग करें या इन्वेस्टिंग

शेयर बाजार में लोगों के मन में ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट को लेकर काफी confusion है जैसे;

  • Trading करना चाहिए या फिर investing
  • ट्रेडिंग में ज्यादा पैसा है या इन्वेस्टिंग में
  • क्या ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट दोनों एक ही है
  • ट्रेडिंग में सफल होना आसान है या इंवेस्टिंग में
  • सफल ट्रेडर बनना चाहिए या फिर सफल इन्वेस्टर….

ऐसे ही बहुत सारे सवाल लोगों के मन में Trading VS Investment को लेकर हमेशा उठते रहते हैं. लेकिन मैं आपको बता दूं कि ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग एक दूसरे से बिल्कुल अलग है।

बेशक trading एक शार्ट टर्म गेम है जबकि investing एक लॉन्ग टाइम जर्नी है. Trading के जरिए लोग दिन का लाखों रुपए भी कमा लेते हैं लेकिन उसमें पैसा खोने का risk भी उतना ही ज्यादा है जबकि investment में आपकी wealth शुरुआती स्टेज में धीरे-धीरे grow होती है लेकिन लंबी अवधि में compounding की पावर से आपका पैसा बहुत तेज रफ्तार से बढ़ता है।

ट्रेडिंग सीखने के लिए आपको Technical analysis सीखनी पड़ती हैं जैसे;

कैंडलेस्टिक चार्ट पेटर्न्स, मूविंग एवरेज, सपोर्ट रेजिस्टेंस, pivot level, प्राइस एक्शन, इंडीकेटर्स आदि (ये सभी चीजें टेक्निकल एनालिसिस के अंतर्गत आती हैं)

जबकि investing में आपको Fundamental analysis सीखना पड़ता है जैसे;

  • कंपनी का बिजनेस मॉडल समझना
  • फाइनेंसियल स्टेटमेंट पढ़ना जिसके अंतर्गत बैलेंस शीट प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट और कैश फ्लो स्टेटमेंट आते हैं.
  • अलग-अलग फाइनेंशियल Ratios को analyse करना.
  • मैनेजमेंट एनालिसिस करना
  • इंडस्ट्री एनालिसिस करना आदि।

फंडामेंटल और टेक्निकल रिसर्च दोनों की ही अपनी अलग importance है. ट्रेडिंग हो या इंवेस्टिंग, सफलता दोनों जगह मिलती है क्योंकि इतिहास में सफल trader भी हुए हैं और सफल इन्वेस्टर भी.

शेयर बाजार में कुछ लोग ट्रेडिंग के जरिए पैसा कमाते हैं तो कुछ लोग इन्वेस्टिंग के जरिए मतलब पैसा दोनों में ही है. अब फैसला आपके हाथ में है कि आपको ट्रेडर बनना है या इन्वेस्टर।

इस पॉइंट पर मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि अगर आप एक सफल ट्रेडर बनना चाहते हैं तो टेक्निकल एनालिसिस पर फोकस कीजिए और अगर आप एक सफल इन्वेस्टर बनना चाहते हैं तो फंडामेंटल एनालिसिस पर फोकस कीजिए।

बढ़ते हैं तीसरे पॉइंट पर―

3. लार्ज कैप Nifty50 कंपनियों में निवेश करके सफलता पाएं

शेयर मार्केट में सफलता पाने के लिए सबसे जरूरी है अपनी कैपिटल को save करना क्योंकि अगर आपके पास पैसा ही नहीं होगा तो आपका इन्वेस्ट करेंगे क्या? इसीलिए अपने पैसे को safe रखने के लिए large cap ब्लू चिप कंपनियां बेस्ट हैं.

इंडिया में Nifty50 का रिकॉर्ड है कि पिछले 20 सालों में एवरेज रिटर्न CAGR 15% है.

और 15% का सालाना रिटर्न किसी भी बाकी इन्वेस्टमेंट से बहुत अच्छा माना जाता है।

दुनिया के सबसे सफल इन्वेस्टर warren buffet भी कहते हैं कि अगर आपको बिना कुछ किए long term में अपनी wealth को increase करना है तो index fund में इन्वेस्ट कर दीजिए।

क्योंकि आज तक का रिकॉर्ड है nifty index fund हमेशा म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न को beat करता है. अगर आप भी इंडेक्स फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आप Nifty bees ETF में पैसा लगा सकते हैं आपका पैसा इंडिया की टॉप 50 कंपनियों में लग जाएगा।

इस प्रकार आप इंडेक्स फंड के जरिए बिना कुछ किए भारत की सबसे बड़ी कंपनियों (Nifty50 stocks) की ग्रोथ में शामिल हो सकते हैं।

हालांकि हर साल बहुत सारे मार्केट में बहुत सारे उतार-चढ़ाव आते हैं जिससे लिखती या सेंसेक्स में बहुत बड़ी खराब है भी होती हैं लेकिन आपको इससे घबराना नहीं है क्योंकि हर बड़ी गिरावट के बाद मार्केट वापस रिकवर होता है और पिछला हाई टूट जाता है।

इसलिए मेरा मानना है कि आपको मार्केट में हो रहे उतार-चढ़ाव से घबराना नहीं चाहिए बल्कि इसका फायदा उठाना चाहिए. कुछ लोग तेजी में पैसा कमाते हैं तो कुछ लोग मंदी में भी short selling करके बहुत पैसा कमाते हैं.

अगर आप नए निवेशक हैं और शेयर बाजार में सफल बनना चाहते हैं तो Nifty 50 में निवेश करना एक अच्छा उपाय होगा।

4. अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करके जोखिम को कम करें

अपना पूरा पैसा एक ही कंपनी के शेयर में लगाने के बजाय अलग-अलग कंपनियों में निवेश करें. ऐसा करने से आप का रिस्क काफी हद तक कम हो जाता है. अलग-अलग कंपनियों में निवेश करने से मेरा मतलब है अलग-अलग सेक्टर में निवेश करना।

मान लीजिए अगर आपके पोर्टफोलियो में TCS और इंफोसिस जैसे आईटी सेक्टर के शेयर हैं तो आपको अगला शेयर टेक महिंद्रा या एचसीएलटेक देखने के बजाय बैंकिंग, फार्मा, ऑटो आदि सेक्टर का खरीदना चाहिए।

कहने का मतलब यह है कि अगर आपके पोर्टफोलियो में 10 शेयर हैं तो वह वह कम से कम 4-5 अलग-अलग sectors के होने चाहिए. जब आप किसी भी सेक्टर की कंपनी में इन्वेस्ट करें तो कोशिश करें कि वह कंपनी मार्केट लीडर हो।

अगर आप कम पैसा होने के कारण सस्ते पेनी स्टॉक्स में भी पैसा लगाते हैं तो अपने investment को डायवर्सिफाई करिए।

उदाहरण के लिए–

अगर आपके पास केवल 10000 रुपये हैं तो पूरा पैसा 1 या 2 पेनी स्टॉक्स में निवेश करने के बजाए 1000 रुपये 10 अलग-अलग कंपनियों में invest कर दें। ऐसा करने से आपका Risk 10 कंपनियों में बराबर बंट जाता है.

बुरे से बुरे case में अगर 8 कंपनियां डूब जाती हैं या पूरी तरह से आपका इन्वेस्टमेंट zero भी कर देती हैं लेकिन बाकी बची 2 कंपनियां 10 गुना या 20 गुना मल्टीबैगर बन जाती है तो भी आप लॉन्ग टर्म में अच्छा खासा पैसा कमा लेंगे।

मतलब अगर आपके द्वारा 8 पेनी स्टॉक्स वाली कंपनियों में लगाया गया एक एक हज़ार रुपये जोकि टोटल 8000 रुपये हुआ अगर यह पैसा डूब भी गया

लेकिन बाकी दोनों कंपनियां जिनमें आपके 2000 rs लगे थे उनके stocks 10 गुना बढ़ गए तो आपका पैसा दो हजार से बढ़कर 20000 हो जाएगा मतलब आपके द्वारा लगाए गए 10 हज़ार रुपये के निवेश से आपने 20 हज़ार रुपये कमाए

मतलब 100% का प्रॉफिट हुआ.

अगर आपके दोनों share 10 गुना ना बढ़कर सिर्फ 5 गुना भी बढ़े तो भी आपका investment amount तो safe ही रहेगा और यहां पर हमने worst scenario की बात की क्योंकि ऐसा जरूरी नहीं है कि 10 में से 8 कंपनियां पूरी तरह से बर्बाद हो जाए

हो सकता है 10 में से 5 या 4 पेनी स्टॉक भी चल जाते हैं तो भी आप अपनी इन्वेस्टमेंट पर अच्छा खासा return कमा लेंगे

लेकिन यह सिर्फ तब होगा जब आपने पोर्टफोलियो और इन्वेस्टमेंट को डायवर्सिफाई किया होगा।

  • Note: ध्यान रखें कि जिन 10 कंपनियों में आप पैसा लगाएं तो randomly कोई भी 10 घटिया पेनी स्टॉक्स में पैसा उढेल दें आपको ऐसा नहीं करना है बल्कि सभी कंपनियों के फंडामेंटल चेक करना है और उनका बिजनेस मॉडल देखना है।
  • अगर कंपनी का बिजनेस अच्छा है और आपको लगता है कि फ्यूचर में बढ़ सकता है तो आप उस पर दाव लगा सकते हैं।

आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी―

“Don’t Put All your Eggs in One Basket”

सारांश यह है कि अगर शेयर बाजार में सफल होना है तो एक ही सेक्टर की कंपनियों में सारा पैसा लगाने की बजाए अलग-अलग sectors की कंपनियों में निवेश करें.

5. शेयर की फंडामेंटल रिसर्च करना सीखें

ऊपर मैंने आपको यह तो बता दिया कि अलग-अलग कंपनियों में डायवर्सिफाई करें लेकिन जिन कंपनियों में पैसा लगाना है उनके फंडामेंटल कैसे चेक करें?

मतलब शेयर की फंडामेंटल रिसर्च कैसे करें?

जिस तरह शेयर बाजार में सफल होने का कोई शॉर्टकट मेथड नहीं है उसी तरह फंडामेंटल एनालिसिस सीखना भी आसान नहीं है। इसके लिए आपको कंपनी के फाइनेंसियल स्टेटमेंट पढ़ना आना चाहिए जिसके अंतर्गत आपको–

  • कंपनी की बैलेंस शीट पढ़ना सीखना होगा
  • प्रॉफिट एंड लॉस (P&L) स्टेटमेंट देखना होगा
  • कैश फ्लो स्टेटमेंट को बारीकी से समझना होगा

फाइनेंसियल स्टेटमेंट के अलावा शेयर का पीई रेश्यो, पीबी रेश्यो, डेट टू इक्विटी रेशो आदि के द्वारा समझना पड़ता है कि कंपनी का बिजनेस कितना मजबूत है और उसकी आर्थिक स्थिति कैसी है।

इसके अलावा आपको शेयर की सही वैल्यू अर्थात intrinsic वैल्यू पता करनी होती है ताकि आप किसी भी शेयर को सही वैल्यूएशन पर खरीद सकें।

इसके अलावा भी फंडामेंटल एनालिसिस में बहुत सारी चीजें आती हैं जिसके बारे में किसी और आर्टिकल में विस्तार से बात करेंगे

लेकिन आप इतना समझ ले कि अगर आप शेयर बाजार के द्वारा भविष्य में investment करके wealth create करना चाहते हैं तो फंडामेंटल एनालिसिस ही सफलता का एकमात्र उपाय है।

6. ट्रेडिंग में सफल होने के लिए टेक्निकल रिसर्च सीखें

फंडामेंटल एनालिसिस में आपका पूरा फोकस कंपनी के बिजनेस पर होता है जबकि टेक्निकल एनालिसिस में focus शेयर के चार्ट और उसके प्राइस होता है।

ट्रेडिंग के द्वारा पैसा कमाना इन्वेस्टिंग की अपेक्षा जिसकी होता है क्योंकि short term में हर ट्रेडर पैसे गंवाता है जबकि long-term में हर investor पैसे कमाता है।

टेक्निकल रिसर्च सीखने के लिए भी आपको बहुत मेहनत करनी पड़ती है जैसे―

  • बहुत सारे कैंडलेस्टिक चार्ट पेटर्न्स को समझना पड़ता है जिसमें कोई भी कंफ्यूज हो जाएगा
  • बहुत सारे इंडिकेटर के द्वारा शेयर का प्राइस मूवमेंट समझना पड़ता है.
  • ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बनानी पड़ती है
  • प्राइस एक्शन को बारीकी से देखना होता है
  • टारगेट प्राइस, सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल, stop loss आदि का ध्यान रखना पड़ता है।
  • अलग-अलग मूविंग एवरेज try करके देखना पड़ता है कि आपकी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी के हिसाब से कौन सा MA (मूविंग एवरेज) ज्यादा suit करता है।

मेरा कहने का मतलब यह है कि अगर शेयर बाजार में कोई ट्रेडिंग में सफल होना चाहता है तो टेक्निकल एनालिसिस सीखना ही एकमात्र उपाय है।

7. सिर्फ शेयर प्राइस बढ़ता हुआ देखकर इन्वेस्ट मत करें

चाहे इन्वेस्टर हों या ट्रेडर, अक्सर यह गलती दोनों ही करते हैं कि लोग शेयर का प्राइस बढ़ता हुआ देखकर उसमें पैसा इन्वेस्ट कर देते हैं जिसका खामियाजा उन्हें बाद में अपने capital से हाथ धो कर भुगतना पड़ता है।

लोगों के मन में एक तरह का FOMO create किया जाता है कि अगर शेयर को अभी नहीं खरीदा तो आप बहुत बड़ा मौका गवा देंगे और यह भी दिखाया जाता है कि already वह शेयर XYZ % रिटर्न दे चुका है

और इसी लालच में शेयर मार्केट में नए लोग फस जाते हैं जिनको बाद में पता चलता है कि शेयर lower circuit में ट्रेड होने लगता है

मतलब शेयर में lower circuit लगने के कारण लोग अपने शेयर बेच नहीं पाते हैं और रोजाना धीरे-धीरे करके उनका सारा लगाया हुआ पैसा साफ हो जाता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कंपनी के बिजनेस में कोई दम नहीं होता है जिसका प्राइस जबरदस्ती बढ़ाया जाता है और शेयर के फंडामेंटल भी बहुत कमजोर होते हैं

जबकि आपको सोशल मीडिया पर उसी कंपनी का प्रमोशन करके ऐसा दिखाया जाता है कि कंपनी का शेयर प्राइस future में बहुत तेजी से बढ़ने वाला है.

ऐसा सुनते ही बहुत सारे लोगों की भीड़ उस शेयर में निवेश करने लगती है जिससे short term में शेयर का प्राइस बढ़ने लगता है लेकिन जब गिरना शुरू होता है तो ऑपरेटर तो आपने शेयर बेचकर निकल जाते हैं और फस जाते हैं बेचारे नए रिटेल निवेशक।

इसीलिए अगर शेयर बाजार में success पाना है तो आज ही इस तरह के trap से सचेत हो जाइए और खुद से रिसर्च करके निवेश करिए।

8. Lumpsum पैसा लगाने के बजाय SIP के रूप में निवेश करें

Lumpsum का मतलब होता है बहुत सारा पैसा एक ही बार में लगा देना. ऐसा बहुत सारे लोग करते हैं कि उनके पास जितना भी पैसा होता है वह शेयर बाजार में लगा देते हैं फिर जब मार्केट और ज्यादा गिरता है तो उनके पास अपने निवेश को average करने के लिए पैसा नहीं बचता।

इसलिए बेहतर यह होगा कि lumpsum इन्वेस्ट करना की बजाए SIP यानी systematic investment plan के रूप में निवेश किया जाए

मतलब एक Fix capital हर महीने या हर हफ्ते शेयर बाजार में इन्वेस्ट होता रहेगा।

मान लीजिए अगर आपका सिर्फ 3000 रुपये की monthly SIP ‘निफ़्टी इंडेक्स फंड’ में करते हैं तो आपका पैसा हर महीने शेयर बाजार में निवेश होता रहेगा जिसका फायदा आपको Future में compund होकर मिलेगा।

SIP करने का फायदा यह है कि जब भी मार्केट ऊपर होता है तो आपके कम NAV या लॉट ‘buy’ होते हैं और जब मार्केट में गिरावट होती है तो उतने ही अमाउंट से ज्यादा लॉट अपने आप खरीद जाते हैं।

इस प्रकार SIP करने से आपका investment धीरे धीरे grow होता रहता है जिसका फायदा आपको फ्यूचर में compound interest के रूप में मिलता है।

अगर आप 25 साल की SIP करते हैं तो सिर्फ 10 हजार रुपये महीने से आप 25 साल बाद करोड़पति बन सकते हैं।

अगर आपके पास कम पैसा है और शेयर बाजार में बिना किसी Risk के invest करना चाहते हैं और फ्यूचर में wealth क्रिएट करना चाहते हैं तो SIP investment सफलता का एक अच्छा उपाय है।

9. शेयर बाजार में सफल होने के लिए volatility की आदत डालें

volatility का मतलब होता है उतार-चढ़ाव होना। शेयर बाजार में कभी गिरावट तो कभी उछाल होना तो आम बात है आपको इसकी आदत डाल लेनी चाहिए।

ना तो आपको गिरावट में डर कर शेयर बेचना चाहिए और ना ही बुल मार्केट में लालची होकर शेयर खरीदना चाहिए बल्कि दोनों ही सिचुएशन में आपको market की वोलैटिलिटी का कारण समझना चाहिए।

निफ्टी और सेंसेक्स में रोजाना उतार चढ़ाव होता रहता है मतलब तेजी या मंदी दोनों ही मार्केट के तो important पहलू है। आपको समझना चाहिए कि;

बाजार में हर बड़ी गिरावट के बाद तेजी (bull run) आती है और हर बड़ी रैली (bull market) के बाद गिरावट (bear run) की शुरुआत होती है

इसका real life example देखें तो ―

  • साल 2000 में हुए dotcom bubble क्रैश के बाद मार्केट में बहुत बड़ी रैली आई।
  • 2008 में भी मार्किट लगभग 50% से ज्यादा नीचे आ गया था लेकिन कुछ ही महीनों बाद मार्केट में बहुत तेजी से रिकवरी हुई और उस रैली ने पिछले सभी high तोड़ दिए मतलब मार्केट जितना तेरा उससे कई गुना तेजी से ऊपर गया।
  • अभी 2020 के लॉकडाउन के बाद भी मार्केट में जबरदस्त तेजी आई।

कहने का मतलब यह है कि चाहे मार्केट ऊपर हो या नीचे, आपको ना तो डरना चाहिए और ना लालची होना चाहिए इसीलिए अगर शेयर बाजार में सफलता पाना चाहते हैं तो वोलैटिलिटी की आदत डाल लें।

10. इन्वेस्टमेंट करने की आदत डालें

क्या आपको पता है इंडिया में 4% से भी कम लोग शेयर बाजार में इन्वेस्ट करते हैं जबकि अमेरिका में यह नंबर 55% से भी ज्यादा है।

इसका कारण यह है कि इंडिया में लोग investing के प्रति जागरूक नहीं हैं। बहुत सारे लोग आज भी अपने बचे हुए पैसे को बैंक अकाउंट में ही रखते हैं या फिर ज्यादा से ज्यादा FD में इन्वेस्ट कर देते हैं

जबकि आजकल तो stock market में निवेश बहुत आसान हो चुका है आपको बस एक डिमैट अकाउंट खोलना पड़ता है फिर आप share को खरीद और बेच सकते हैं।

इन्वेस्टमेंट करना इसलिए जरूरी है क्योंकि शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने से करके आप आसानी से inflation यानी महंगाई को beat कर सकते हैं।

शेयर बाजार में सफल होने के लिए आज से ही investment करने की आदत अपने अंदर विकसित कर ले।

FAQ’s (Share market me safal kaise bane)

शेयर मार्केट में सफल होने का सबसे अच्छा उपाय क्या है?

शेयर बाजार में सफलता पाने का सबसे अच्छा उपाय है बाजार को सीखना और फिर निवेश करना।

शेयर बाजार में सफलता के क्या योग हैं?

शेयर मार्केट में आपकी सफलता के योग इस बात पर निर्भर करती है कि आपको बाजार का कितना अनुभव है.

शेयर बाजार में सफलता का मूल मंत्र क्या है?

शेयर बाजार में सफलता का एक ही मूल मंत्र है– मार्केट को सीखो, समझो, गलतियों से अनुभव प्राप्त करो, सुधार करो और फिर इन्वेस्ट करो।

निष्कर्ष (शेयर बाजार में सफल कैसे बनें)

इस आर्टिकल (शेयर बाजार में सफल कैसे बने) में मैंने आपको शेयर बाजार में सफल होने के 10 उपाय बताए हैं, अगर आप इन्हें फॉलो करते हैं तो यकीनन आप शेयर बाजार में सफल हो जाएंगे।

अगर आप सही तरीके से ऊपर बताई गई बातों को follow किया तो यकीनन आपको शेयर बाजार में सफलता मिलेगी। साथ ही आप सक्सेसफुल होने के साथ-साथ भविष्य में बहुत बड़ी वेल्थ के मालिक होंगे।

लेकिन अगर आप शेयर बाजार में पैसा कमाने के लिए मेहनत नहीं करना चाहते हैं तो आपको शेयर मार्केट में success पाने का भी कोई हक नहीं है।

ये भी पढ़ें–

अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर अन्य लोगों के साथ भी जरूर शेयर करें ❤️

5/5 - (3 votes)
Deepak SenAbout Author
मेरा नाम दीपक सेन है और मैं इस ब्लॉग का Founder हूं। यहां पर मैं अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से शेयर मार्केट, निवेश और फाइनेंस से संबंधित उपयोगी जानकारी शेयर करता हूं। ❤️

1 thought on “शेयर बाजार में सफल कैसे बनें? | शेयर मार्केट में सफल होने के 10 उपाय”

Leave a Comment