Aaj Share Market kyu gira: शेयर मार्केट क्यों गिरता है (10 बड़े कारण)

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क्या आपने कभी सोचा है कि शेयर मार्केट क्यों गिरता है? आज शेयर मार्केट क्यों गिरा और शेयर मार्केट क्यों गिर रहा है, इसके पीछे क्या कारण होता है?

दोस्तों शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन आज मैं आपको कुछ गिने-चुने उन्हीं चुनिंदा कारणों के बारे में बताने वाला हूं जिनकी वजह से अक्सर शेयर मार्केट में गिरावट (Share market fall) देखी जाती है।

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके मन में यह सवाल दोबारा कभी नहीं आएगा कि शेयर मार्केट क्यों गिरता है या फिर अभी शेयर मार्केट क्यों गिर रहा है? इसीलिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ना.

शेयर मार्केट क्यों गिरता है?

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शेयर मार्केट क्यों गिरता है इसका कारण है बाजार में डिमांड की अपेक्षा सप्लाई ज्यादा होना. या फिर ग्लोबल बाजार में कोई नेगेटिव न्यूज के कारण स्टॉक मार्केट में गिरावट होती है। आज कल देखा जाए तो वैश्विक बाजारों में आर्थिक मंदी के चलते शेयर बाजार गिर रहा है।

आप देखते होंगे कि अगर आज निफ्टी या सेंसेक्स गिरता है तो पूरा शेयर मार्केट गिरने लगता है क्योंकि निफ्टी और सेंसेक्स ही शेयर बाजार के गिरने का कारण होते हैं।

इसीलिए अगर आज शेयर मार्केट गिरा (down) है तो इसका मतलब है कि निफ्टी और सेंसेक्स की कंपनियों के शेयर को बेचा गया है। शेयर में बिकवाली जितनी ज्यादा होगी बाजार में गिरावट उतनी ही ज्यादा देखी जाएगी।

सेंसेक्स और निफ्टी इंडेक्स के अलावा बैंकनिफ्टी गिरने के कारण भी शेयर बाजार गिरता है क्योंकि बैंकिंग सेक्टर का वेटेज निफ्टी इंडेक्स में अच्छा खासा है। इसीलिए बैंक निफ्टी डाउन होने पर भी शेयर बाजार नीचे गिरने लगता है।

आज शेयर मार्केट गिर रहा है तो इसके पीछे का कारण कहीं ना कहीं ग्लोबल बाजार में निवेशकों के बीच नेगेटिव सेंटीमेंट का होना है। अतः जब तक वैश्विक बाजारों में तेजी नहीं आएगी तब तक शेयर मार्केट गिरता रहेगा।

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको यह पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि share market kyu gir raha hai या आज शेयर मार्केट क्यों गिरा? क्योंकि शेयर मार्केट में गिरावट के पीछे के सभी कारणों के बारे में नीचे मैंने विस्तार से बताया है.

आइए अब एक-एक करके सभी पॉइंट के जरिये जान लेते हैं कि आखिर शेयर मार्केट क्यों गिरता है (Why share market fall today)–

1. बाजार में महंगाई बढ़ने के कारण

शेयर मार्केट में गिरावट होने का सबसे बड़ा कारण है महंगाई (Inflation) का बढ़ना। देश में महंगाई और शेयर बाजार में गिरावट साथ साथ चलते हैं अतः शेयर प्राइस की ग्रोथ और महंगाई एक दूसरे के विपरीत होते हैं।

  • आप देखते होंगे कि जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया महंगाई दर बढ़ाने का अनाउंसमेंट करता है तो शेयर बाजार गिरने लगता है।
  • ऐसा इसलिए होता है क्योंकि महंगाई बढ़ने से चीजों (raw material) के दाम बढ़ जाते हैं

महंगाई बढ़ने पर कंपनियों को अपने प्रोडक्ट बनाने के लिए अधिक पैसों की जरूरत पड़ती है जिससे कंपनियों को अपने प्रोडक्ट महंगे दाम (High price) पर बेचने पड़ते हैं

और ऐसा करने से उनका माल पहले की तुलना में कम बिकने लगता है जिससे तिमाही नतीजे (quarterly results) खराब आते हैं

और आपको तो पता ही होगा स्टॉक मार्केट में लिस्टेड किसी भी कंपनी के तिमाही नतीजे जब खराब आते हैं तो कंपनी की बुरी परफॉर्मेंस के कारण शेयर होल्डर्स उस कंपनी के शेयर बेचने लगते हैं जिससे शेयर प्राइस गिरने लगता है।

और यह सब हुआ सिर्फ महंगाई बढ़ने के कारण.

तो अब आप समझ सकते हैं कि शेयर मार्केट के गिरने के पीछे महंगाई यानी inflation का कितना बड़ा हाथ होता है।

महंगाई का असर अधिकतर सर्विस सेक्टर वाली कंपनियों की तुलना में कमोडिटी या मैन्युफैक्चरिंग वाली कंपनियों पर ज्यादा पड़ता है।

2. ग्लोबल मार्केट में नेगेटिव न्यूज के कारण

शेयर बाजार गिरने का दूसरा कारण है ग्लोबल मार्केट में कोई बुरी खबर आ जाना. जैसे अभी बीच में रूस और यूक्रेन का युद्ध छिड़ गया था जिसकी वजह से इन्वेस्टर्स को शेयर मार्केट क्रैश का सामना करना पड़ा।

इसी प्रकार इजराइल फिलिस्तीन युद्ध में भी शेयर मार्केट में काफी गिरावट देखी गई.

इसका मतलब है कि वैश्विक बाजार में जब भी इस प्रकार की कोई घटना होती है जो दुनिया के लिए घातक साबित हो सकती है तो उसका असर शेयर बाजार पर गिरावट के रूप में जरूर दिखता है।

लेकिन आप चाहे तो शेयर बाजार की इस गिरावट का फायदा उठा सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको दुनिया के बाजारों पर नजर रखना होगा।

जब आपको पहले से किसी नेगेटिव खबर का पता चले तो उसके बारे में जांच-पड़ताल कीजिए और जब आप पूरी तरह से संतुष्ट हो जाए कि कोई बड़ा युद्ध छिड़ने वाला है या इस प्रकार की कोई घटना होने वाली है तो आप शार्ट सेल करके यानी शेयर बेचकर पैसा कमा सकते हैं।

या फिर आप शेयर बाजार गिरने पर ऑप्शन ट्रेडिंग में पुट खरीद कर प्रॉफिट कमा सकते हैं।

3. निफ्टी या सेंसेक्स में गिरावट होने पर

निफ्टी या सेंसेक्स के गिरने का सबसे बड़ा कारण होता है देश की बड़ी कंपनियों के स्टॉक प्राइस में गिरावट होना। चाहे भारतीय शेयर बाजार हो या दुनिया का कोई भी शेयर बाजार, अगर वहां की इंडेक्स में गिरावट होती है तो आपको वहां के शेयर मार्केट में भी गिरावट जरूर देखने को मिलेगी।

  • निफ्टी 50 में भारत की 50 सबसे बड़ी कंपनियां आती है तो इसका मतलब है कि अगर निफ्टी इंडेक्स गिरता है तो शेयर बाजार भी गिरेगा।
  • इसी प्रकार सेंसेक्स के गिरने से भी शेयर बाजार में गिरावट होती है क्योंकि इसमें देश की टॉप 30 कंपनियां आती है।

निफ्टी और सेंसेक्स का गिरना इस बात पर निर्भर करता है कि मार्केट में इन्वेस्टर्स का सेंटीमेंट कैसा है मतलब अगर शेयरहोल्डर्स किसी दिन मार्केट पर बुलिश हैं तो शेयर बाजार ऊपर जाएगा और अगर बियरिश हैं तो शेयर मार्केट नीचे गिरेगा।

4. वैश्विक बाजार में मंदी आने पर

दुनिया के बाजारों में जब मंदी आती है तो शेयर मार्केट गिरने लगता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पूरी दुनिया के शेयर बाजार एक दूसरे से कनेक्टेड है।

आपने देखा होगा कि अगर विदेशी बाजारों में गिरावट होती है तो इंडिया के शेयर मार्केट में भी गिरावट देखी जाती है और अगर विदेशी बाजार ऊपर जाते हैं तो इंडियन शेयर मार्केट भी बढ़ना शुरू होता है।

  • ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भारत की बहुत सारी कंपनियां विदेशों में व्यापार करती हैं यानी अपना माल भेजती (Export) करती हैं।
  • और विदेशों की बहुत सारी कंपनियां भारत में अपना माल सप्लाई करती हैं इस प्रकार एक देश की इकॉनमी दूसरे देश के साथ जुड़ी होती है।

आपने देखा होगा कि 2008 का जो लैमन ब्रदर्स फाइनेंशियल क्राइसिस हुआ था वह इंडिया में नहीं हुआ था लेकिन उसका असर इंडियन शेयर मार्केट पर भी देखा गया था। और इंडिया ही नहीं 2008 में हर देशों के शेयर मार्केट गिरने लगे थे।

इसी प्रकार जब दुनिया के किसी देश में बड़ी कोई दुर्घटना होती है तो उसका असर प्रत्येक देश के शेयर मार्केट (Stock Market) पर दिखता है।

अभी इस समय अमेरिका का शेयर मार्केट सबसे ज्यादा मजबूत है क्योंकि अमेरिकन इकोनामी दुनिया की सबसे मजबूत इकोनॉमी मानी जाती है। इसीलिए अगर अमेरिका में कोई बड़ी नेगेटिव घटना होती है तो उसका असर दुनियाभर के बाजारों पर प्रभावी गिरावट के रूप में दिखने लगता है।

5. विदेशी निवेशकों द्वारा शेयर बेचने पर

आपको पता होगा दो प्रकार के बड़े निवेशक होते हैं;

  1. घरेलू निवेशक (DII)
  2. और विदेशी निवेशक (FII)

इन दोनों ही निवेशको के खरीदारी और बिकवाली करने के कारण बाजार बढ़ने या गिरने लगता है।

आपने देखा होगा कि भारतीय बाजार में जब घरेलू निवेशक शेयर बाजार में पैसा डालते हैं यानी शेयर खरीदते हैं तो अचानक से शेयर मार्केट बढ़ने लगता है और जब विदेशी निवेशक पैसा निकालते हैं यानी अपने शेयर बेचने हैं तो अचानक से शेयर बाजार गिरने लगता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के पास बहुत बड़ी क्वांटिटी में शेयर होते हैं मतलब करोड़ों रुपयों का कारोबार वह कुछ ही मिनटों में करते हैं इसीलिए जब वह बिकवाली करते हैं तो शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी जाती है।

6. शेयर प्राइस ओवरवैल्यूड होने के कारण

कई बार कंपनियों के स्टॉक प्राइस बहुत ज्यादा ओवरवैल्यूड होने के कारण शेयर भी गिरावट देखी जाती है।

आपने देखा होगा कि कई बार किसी कंपनी के शेयर को बढ़ा चढ़ाकर इन्फ्लेट (overhyped) किया जाता है या उसकी हाइप इन्वेस्टर्स के बीच बहुत ज्यादा क्रिएट की जाती है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा उस कंपनी के शेयर खरीद सकें।

ऐसा होने से रिटेल निवेशक उस कंपनी के शेयर में निवेश करने लगते हैं और देखते ही देखते उस कंपनी का शेयर प्राइस अपने intrinsic वैल्यू से कई गुना मंहगा हो जाता है लेकिन कुछ समय बाद शेयर प्राइस में बड़ी गिरावट देखी जाती है क्योंकि उस कंपनी का पीई रेश्यो काफी बढ़ जाता है।

इसी प्रकार अगर शेयर मार्केट में निफ्टी और सेंसेक्स भी overvalued zone में चले जाते हैं तो इनमें भी हमें गिरावट देखने को मिलती है। जैसा की अभी देश में लॉकडाउन के बाद हमने देखा कि कंपनियों के शेयर प्राइस बहुत तेजी से बढ़ने लगे थे

लेकिन 2022 में उन सभी कंपनियों के शेयर में गिरावट देखी गई जिनके शेयर प्राइस 2 साल पहले बहुत तेजी से बढ़ गए थे लेकिन अब जाकर वह अपने एक्चुअल वैल्यू पर आ रहे हैं और इसे ही शेयर मार्केट करेक्शन कहते हैं।

7. कमोडिटी के भाव बढ़ने से

आपने कमोडिटी मार्केट के बारे में तो जरूर सुना होगा जिसमें सोना, चांदी, पीतल, तांबा, कच्चा तेल इत्यादि कमोडिटीज की ट्रेडिंग की जाती है। अगर वैश्विक बाजार में कमोडिटीज के दाम बढ़ जाते हैं तो शेयर मार्केट गिरने लगता है क्योंकि इसका सीधा संबंध महंगाई से है।

और जैसा कि मैंने ऊपर आपको बताया कि महंगाई बढ़ने से शेयर मार्केट में गिरावट होती है इसलिए कमोडिटीज वाले वस्तुओं के मूल्य बढ़ने से भी शेयर बाजार में गिरावट देखी जाती है।

8. क्रूड ऑयल का प्राइस बढ़ने पर

जैसा कि मैने ऊपर के पॉइंट में बताया कि क्रूड ऑयल भी एक कमोडिटी है जिसका प्राइस बढ़ने पर शेयर मार्केट गिरने लगता है।

क्रूड ऑयल का मतलब होता है कच्चा तेल जिसको रिफाइन या साफ करके पेट्रोल डीजल बनाया जाता है।

इंडिया का जो सबसे ज्यादा खर्चा होता है वह क्रूड ऑयल को विदेशों से खरीदने पर होता है। इसीलिए जब विदेशी बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सबसे ज्यादा असर इंडियन शेयर मार्केट पर दिखता है।

इसका अर्थ यह है कि जब तक इंडिया में पेट्रोल डीजल से चलने वाले वाहन इलेक्ट्रिक व्हीकल में तब्दील नहीं होंगे तब तक इंडिया क्रूड ऑयल के लिए बाहर के देशों पर निर्भर बना रहेगा।

9. राजनीतिक अस्थिरता के चलते

राजनीतिक अस्थिरता के चलते भी शेयर बाजार में गिरावट देखी जाती है। आपने देखा होगा कि आज से 20 साल पहले जब भारत में कोई भी स्थिर सरकार नहीं थी तो उस समय शेयर मार्केट में काफी उथल-पुथल होती रहती थी।

जब किसी देश में कोई सरकार बार-बार बदलती है तो वहां का शेयर मार्केट तभी अच्छा परफॉर्म नहीं कर सकता और इसका सबूत है इंडिया का 20 साल पहले का शेयर मार्केट.

लेकिन 2014 के बाद जब पूर्ण बहुमत वाली सरकार आई तभी से शेयर मार्केट स्थित होना चालू हुआ. यानी कि अगर किसी देश की सरकार स्थिर रहेगी तभी वहां की इकॉनमी आगे बढ़ेगी और तभी उस देश का शेयर मार्केट ग्रोथ करेगा।

काफी हद तक किसी देश की गवर्नमेंट स्टॉक मार्केट को कंट्रोल कर सकती हैं इसका सबूत जापान के स्टॉक मार्केट से देख सकते हैं।

  • अगर हम जापान के शेयर मार्केट का पिछले 20 साल का रिटर्न देखें तो बने बिल्कुल ना के बराबर है जिसका कारण है वहां की सरकार का उनके शेयर मार्केट पर कंट्रोल होना।

जापान के शेयर मार्केट के बारे में किसी और पोस्ट में विस्तार से चर्चा करेंगे अब बढ़ते हैं आखिरी पॉइंट की ओर-

10. शेयर होल्डर्स के पैनिक सैलिंग करने से

कई बार ऐसा होता है कि किसी बड़ी घटना के होने से पहले ही शेयर होल्डर्स पैनिक selling करने लगते हैं जिस कारण शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट देखी जाती है।

आपने देखा होगा कि वैश्विक बाजार में कोई बड़ी घटना होने से पहले ही शेयर बाजार पर उसका असर दिखने लगता है चाहे वह घटना अच्छी हो या बुरी।

इसका एक और अच्छा उदाहरण आप बजट (Budget) के दिन देख सकते हैं।

आप देखते हैं कि जब हमारे देश में अच्छा बजट आता है तो शेयर मार्केट बढ़ने लगता है और जब बजट आम जनता के अनुकूल नहीं होता तो शेयर मार्केट गिरने लगता है।

इसी प्रकार आप दुनिया का कोई भी इवेंट उठा कर देख ले आप पाएंगे कि उसके होने से पहले ही शेयर बाजार पर उसका असर देख चुका था।

अगर शेयर मार्केट गिर रहा है तो इसका मतलब है कि अभी कोई बड़ा इवेंट होने वाला है नाकि हो चुका है और हो सकता है कि इस बड़े इवेंट में कोई अच्छी खबर आ जाए और शेयर मार्केट की यह गिरावट उल्टी पड़ जाए।

इसीलिए जब भी आपको शेयर मार्केट में पैनिक सैलिंग देखने को मिले तो घबराने की वजह आपको एक समझदार निवेशक की तरह शेयर बाजार की इस गिरावट का फायदा उठाना चाहिए।

Aaj share market down kyu hai – FAQ’s

शेयर बाजार क्यों गिर रहा है?

शेयर बाजार इसलिए गिर रहा है क्योंकि अभी मार्केट में डिमांड से ज्यादा सप्लाई मौजूद है और यह तब तक करता रहेगा जब तक मार्केट की डिमांड नहीं बढ़ जाती। मतलब शेयर मार्केट कब तक गिरेगा जब तक डिमांड और सप्लाई बराबर नहीं हो जाती।

आज शेयर मार्केट गिरने का क्या कारण है?

अगर आज शेयर मार्केट गिरा है तो उसका कारण है निफ्टी सेंसेक्स में गिरावट होना। लेकिन इस गिरावट के पीछे दुनिया के बाजारों की स्टॉक मार्केट इंडेक्स का नीचे जाना है जो केवल तभी बढ़ेगी जब मार्केट में कोई अच्छी न्यूज आएगी। अगर किसी दिन या आज शेयर मार्केट गिर रहा है तो समझ जाइए कि बाजार में कोई नेगेटिव खबर चल रही है और इसी के चलते बियरिश निवेशक अपने शेयर बेच रहे हैं।

शेयर मार्केट कब तक गिरेगा?

शेयर मार्केट में गिरावट तब तक जारी रहेगी जब तक बियर लोग शेयर बेचते रहेंगे, विदेशी निवेशक घरेलू मार्केट से पैसा निकालते रहेंगे, डिमांड से ज्यादा सप्लाई बनी रहेगी और मार्केट में नेगेटिव न्यूज चलती रहेगी तब तक शेयर बाजार भी गिरता रहेगा। जब यह सभी हालात नॉर्मल होंगे तो शेयर मार्केट की गिरावट रिकवर होना शुरू होगी मतलब मार्केट ऊपर जाना शुरु होगा।

आज सेंसेक्स या निफ्टी क्यों गिरा?

सेंसेक्स और निफ्टी के गिरने के पीछे सबसे बड़ी वजह है भारत की टॉप बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट होती हैं। जब स्टॉक मार्केट में लिस्टेड सबसे बड़ी कंपनियों के शेयर गिरते हैं तो सेंसेक्स और निफ्टी भी गिरने लगता है।

निष्कर्ष: Aaj share market kyu gira

इस लेख में मैंने आपको समझाने का प्रयास किया है कि शेयर मार्केट क्यों गिरता है, आज शेयर मार्केट गिरने का क्या कारण है, शेयर मार्केट क्यों गिर रहा है, आज शेयर बाजार क्यों गिरा और शेयर बाजार की गिरावट कब तक जारी रहेगी।

अब आप निफ्टी या सेंसेक्स क्यों गिर रहा है इसके पीछे का कारण जान चुके होंगे। उम्मीद करता हूं आपको इस पोस्ट में की गई जानकारी उपयोगी लगी होगी।

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Deepak SenAbout Author
मेरा नाम दीपक सेन है और मैं इस ब्लॉग का Founder हूं। यहां पर मैं अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से शेयर मार्केट, निवेश और फाइनेंस से संबंधित उपयोगी जानकारी शेयर करता हूं। ❤️

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