शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स (17 Best Share Market Tips in Hindi)

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स, शेयर मार्केट में नुकसान से बचने के तरीके, शेयर बाजार में नुकसान से बचने के लिए क्या करें, Best share market tips to avoid loss in stock market in hindi.

आज मैं आपको शेयर मार्केट में नुकसान से बचने के लिए कुछ टिप्स देने वाला हूं। अगर आप इन सभी Share Market Tips को फॉलो करते हैं तो मुझे पूरा विश्वास है कि आपको शेयर मार्केट में कभी नुकसान नहीं होगा.

  • आपको पता होगा शेयर बाजार में आने वाले 80% से ज्यादा लोग सिर्फ नुकसान करते हैं जबकि केवल 20% लोग ही पैसा कमाते हैं.
  • अगर आप शेयर मार्केट में नुकसान (Loss) को कम करना चाहते हैं और प्रॉफिट को बढ़ाना चाहते हैं तो आपको अपनी गलतियों को सुधारना होगा.

अक्सर नए निवेशक स्टॉक मार्केट की भीड़ के साथ पैसा लगाते हैं जिससे उन्हें नुकसान होता है लेकिन अगर आप कंपनियों पर अच्छे से रिसर्च करके invest करें तो आपको शेयर बाजार में कभी नुकसान नहीं होगा और एक दिन जरूर आप शेयर बाजार से अमीर बनेगें।

इस आर्टिकल में मैंने शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स के बारे में बताया है जिन्हें अपनाकर आप शेयर बाजार में अपने नुकसान को कम कर सकते हैं और फायदे (मुनाफा) को बढ़ा सकते हैं।

तो आइए अब जान लेते हैं शेयर मार्केट में नुकसान से बचने के टिप्स के बारे में–

Contents

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स, शेयर मार्केट में नुकसान से बचने के टिप्स
शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स

दोस्तों शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स तो आपको बहुत मिल जाएगी लेकिन जरूरी यह है कि आप उनको अप्लाई करें केवल तभी आप अपने नुकसान को कम कर पाएंगे।

लेकिन नुकसान से बचने की इन Share Market Tips के बारे में जानने से पहले आपको यह पता होना जरूरी है कि आखिर शेयर बाजार में नुकसान क्यों होता है और उसके पीछे क्या कारण होते हैं?

एक बार जब आपको शेयर बाजार में नुकसान के कारण पता चल जाएंगे तो आपको समझ आएगा कि कैसे एक नए निवेशक का पैसा शेयर बाजार में डूबता है और वह आपके डिमैट अकाउंट से निकल कर कहां चला जाता है।

जब आप शेयर मार्केट की सभी बेसिक चीजों का अच्छे से समझ लेंगे केवल तब ही आप अपने नुकसान को कम कर पाएंगे वरना बाकी लोगों की तरह शेयर मार्केट में सफल होना आपके लिए भी आसान नहीं होगा।

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स

  1. सही डिमैट अकाउंट का चुनाव करें
  2. एक ही शेयर में पूरा पैसा निवेश मत करें
  3. नुकसान से बचने के लिए स्टॉप लॉस जरूर लगाएं
  4. शेयर बाजार को बिना सीखें निवेश मत करें
  5. शेयर मार्केट के न्यूज वाले स्टॉक में फंसने से बचें
  6. आईपीओ में पैसा लगाने से पहले अच्छे से जांच कर लें
  7. पेनी स्टॉक्स वाली कंपनियों की टिप्स से दूर रहें
  8. बिजनेस की ग्रोथ पर फोकस करके नुकसान से बचें
  9. शेयर बाजार के ऑपरेटर से बचने की कोशिश करें
  10. सर्किट लगने वाले शेयरों में इन्वेस्ट करने से बचें
  11. सिर्फ शेयर का प्राइस बढ़ता हुआ देखकर मत खरीदें
  12. स्टॉक मार्केट के ट्रेंड को फॉलो करें
  13. शेयर की फंडामेंटल एनालिसिस करें
  14. चार्ट पेटर्न्स देखना और टेक्निकल एनालिसिस करना सीखें
  15. दूसरे निवेशकों के पोर्टफोलियो को कॉपी मत करें
  16. शेयर बाजार में रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखें
  17. ट्रेडिंग करते समय लालच और डर पर कंट्रोल करें.

आइए एक-एक करके जान लेते हैं शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स के बारे में–

1. सही डिमैट अकाउंट चुनें

शेयर बाजार में नुकसान से बचने की सबसे पहली टिप्स है सही डिमैट अकाउंट सिलेक्ट करो। शेयर बाजार में शुरुआत करने का सबसे पहला कदम होता है डिमैट अकाउंट खुलवाना. कुछ लोग दूसरों के कहने पर, किसी ऑफर के चलते या सस्ते के चक्कर में किसी ऐसे ब्रोकर के पास डिमैट अकाउंट खुलवा लेते हैं जिसका नुकसान उन्हें हमेशा भुगतना पड़ता है।

इसीलिए हमेशा भरोसेमंद ब्रोकर के साथ डिमैट अकाउंट खुलवाएं. अगर आप शेयर मार्केट की शुरुआत कर रहे हैं तो Upstox और Zerodha आपके लिए बेस्ट discount broker app हैं जिन पर आप आंख बंद करके भरोसा कर सकते हैं। दोस्तों मेरा भी demat अकाउंट Upstox के साथ ही खुला है और मुझे आज तक कोई प्रॉब्लम नहीं आई।

दूसरी बात यह है कि डिमैट अकाउंट खुलवाने से पहले सभी ब्रोकरेज चार्जेस और अन्य hidden charges के बारे में पता कर लें. सामान्यतः इंट्राडे और डिलीवरी में शेयर खरीदने या बेचने पर Per Order अधिकतम 20 Rs ब्रोकरेज चार्ज लगता है. मतलब अगर आप इंट्राडे में शेयर खरीदते हैं और उसी दिन बेच देते हैं तो 40 Rs आपको सिर्फ ब्रोकरेज चार्जेस के देने पड़ेंगे.

इसके अलावा अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं और शेयर खरीद कर छोड़ देते हैं और बेचना भूल जाते हैं तो आपका ब्रोकर 3:30 बजे से पहले आपकी उस दिन खरीदी हुई positions को squre off कर देता है

मतलब अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर खरीद कर बेचना भूल जाते हैं तो आपका broker आपके behalf पर खुद ही उस दिन खरीदे हुए आपके सभी से शेयर sell कर देता है

अब क्योंकि आपके ब्रोकर को आपकी पोजीशंस square off करनी पडी इसलिए वह आप पर कुछ extra square off charges लगाता है जो आपका देने पड़ते हैं जोकि लगभग 50 Rs होते हैं।

इसलिए शेयर बाजार में नुकसान से बचने के लिए सही ब्रोकर के पास डिमैट खाता खुलवाएं और उसके brokerage charges और अन्य hidden charges की बारे में अच्छी तरह पता कर लें।

2. एक ही शेयर में पूरा पैसा मत लगाएं

शेयर बाजार में नुकसान से बचने का यह दूसरा टिप्स बहुत महत्वपूर्ण है। कभी भी एक ही शेयर पर पूरी तरह से निर्भर नहीं होना चाहिए मतलब सिर्फ एक ही शेयर में पूरा पैसा invest कभी मत करें. ऐसा करने से आप केवल अपने रिस्क को बढ़ाते हैं। आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी–

“Don’t put all your eggs in one basket.”

इसका कारण यह है कि किसी भी कंपनी पर आप पूरी तरह से 100% भरोसा नहीं कर सकते. क्योंकि किस कंपनी का मैनेजमेंट कब फ्रॉड निकल जाए यह कोई नहीं बता सकता. पिछले कुछ समय में हम ऐसे कई उदाहरण भी देख चुके हैं जिनमें कंपनी का मैनेजमेंट ईमानदार ना होने की वजह से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

इसलिए एक ही कंपनी में पूरा पैसा लगाने की बजाए अगर आप उसी investment को 4-5 अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में डायवर्सिफाई करते हैं तो आपका जोखिम काफी हद तक कम हो जाएगा।

3. स्टॉप लॉस जरूर लगाएं

शेयर मार्केट में नुकसान से बचने की यह Tip सभी ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स को फॉलो करनी चाहिए। स्टॉप लॉस का मतलब होता है अपने नुकसान को सीमित कर देना। जो लोग ट्रेडिंग करते हैं उनके लिए स्टॉप लॉस अधिक महत्वपूर्ण होता है।

अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो स्टॉप लॉस ना लगाने से आपका पूरा कैपिटल कुछ ही मिनटों में साफ हो सकता है। कुछ लोग लालची होते हैं इसलिए वह stop loss नहीं लगाते हैं और प्रॉफिट की उम्मीद करते हैं लेकिन अक्सर ऐसे ही लोग शेयर बाजार में बर्बाद होते हैं.

मेरा मानना है कि अगर आप stop loss नहीं लगाते हैं तो तो आप शेयर बाजार में कभी भी सफल ट्रेडर नहीं बन सकते। यहां पर मैं ट्रेडिंग को अधिक importace इसीलिए दे रहा हूं क्योंकि स्टॉप लॉस का फंडा लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट पर अप्लाई नहीं होता जबकि इंट्राडे ऑप्शन ट्रेडिंग में स्टॉप लॉस से जरूरी और कुछ नहीं होता।

मैं सभी शेयर मार्केट के ट्रेडर्स से दोबारा कहना चाहता हूं कि कोई  Share market tip फॉलो करें या ना करें लेकिन शेयर बाजार में नुकसान से बचने की यह टिप्स जरूर फॉलो करें मतलब ट्रेडिंग करते समय स्टॉपलॉस जरूर लगाकर रखें।

दोस्तों इस बात पर मैं इसलिए जोर दे रहा हूं क्योंकि कुछ लोग ऐसे हैं जिनके करोड़ों रुपए के कैपिटल का एक ही झटके में ट्रेडिंग में सिर्फ इसी गलती की वजह से नुकसान हो गया क्योंकि उन्होंने स्टॉपलॉस नहीं लगाया था।

4. बिना सीखे निवेश मत करें

शेयर मार्केट में नुकसान से बचने के लिए सबसे पहले शेयर बाजार के basics को सीखें उसके बाद ही निवेश करें. अगर आपको शेयर बाजार का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है मतलब अगर आप यह भी नहीं जानते कि शेयर मार्केट काम कैसे करता है… तो आपको शेयर बाजार में पैसा इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए।

आपको पता होना चाहिए कि शेयर बाजार में 2 तरह लोग ही होते हैं Bull और Bear जो मार्केट को ऊपर नीचे करते रहते हैं. जो लोग शेयर मार्केट को चाहते हैं या तेजी लाते हैं उन्हें Bulls कहां जाता है और जो लोग शेयर मार्केट को नीचे ले जाते हैं उन्हें Bears कहते हैं।

तो जितना हो सके शेयर मार्किट को अधिक से अधिक सीखने की कोशिश करें, पता करें कि–

सबसे पहले इस प्रकार की बेसिक चीजें सीखें उसके बाद ही शेयर मार्केट में investment करें। अगर आप शेयर बाजार को सीखकर इन्वेस्ट करते हैं तो मुझे पूरा विश्वास है कि आपको शेयर बाजार में कभी नुकसान नहीं होगा।

5. शेयर मार्केट के न्यूज वाले स्टॉक में फंसने से बचें

शेयर बाजार में नुकसान से बचने का अगला टिप्स यह है कि news वाले स्टॉक्स में निवेश करने से बचें. अक्सर न्यूज़ में आपको ऐसे स्टॉक्स बताए जाते हैं जिनके फंडामेंटल काफी कमजोर होते हैं और उन्हें सिर्फ ऑपरेटर्स मैनेज करते हैं.

ऐसी कंपनियों में कोई दम नहीं होता है लेकिन आपको दिखाया ऐसा जाता है कि ये सभी मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर हैं और इनका बिजनेस भी काफी स्ट्रांग है और इन कंपनियों का शेयर प्राइस कुछ ही समय में बढ़ने वाला है।

ऐसे न्यूज़ वाले शेयरों के चक्कर में छोटे निवेशक फस जाते हैं और उस शेयर में पैसा लगा देते हैं लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ता है। आप को समझना चाहिए कि अगर कोई स्टॉक न्यूज़ में आ रहा है तो उसका शेयर प्राइस पहले ही बढ़ चुका है और अब उसको जबरदस्ती प्रमोट किया जा रहा है।

इस प्रकार के stocks से आप केवल तभी बच सकते हैं जब आप कंपनियों की अच्छे से फंडामेंटल रिसर्च करना जानते हो. इसलिए मैं दोबारा कहता हूं कि शेयर बाजार में नुकसान से बचने के लिए news वाले स्टॉक से दूर रहें।

6. आईपीओ में पैसा लगाने से पहले अच्छे से जांच कर लें

शेयर मार्केट में नुकसान को कम करने के लिए हर आईपीओ में पैसा इन्वेस्ट करना बंद कर दीजिए। आपने देखा होगा अधिकतर आईपीओ bull market में ही आते हैं इसका कारण यह है कि जब मार्केट में तेजी होती है तो सभी निवेशक पैसा इन्वेस्ट करने को तैयार होते हैं चाहे कंपनी अच्छी हो या बुरी।

लेकिन अगर कंपनी का बिजनेस मजबूत नहीं है तो आपको बाद में नुकसान होता है।

कंपनियों का आईपीओ इस तरह से लाया जाता है ताकि इन्वेस्टर्स के बीच एक hype या FOMO (Fear of missing out) create किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग उस कंपनी के आईपीओ में इन्वेस्ट करने लग जाएं।

इसलिए दोस्तो आईपीओ में पैसा लगाने से पहले एक बार कंपनी का वैल्यूएशन जरूर चेक कर ले मतलब यह पता करने की कंपनी का शेयर जिस प्राइस पर लिस्ट होने जा रहा है उसकी intrinsic value उतनी है भी या नहीं।

क्योंकि बहुत बार देखा जाता है कि कुछ घटिया कंपनी के आईपीओ को सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल और एडवर्टाइजमेंट के जरिए बहुत ज्यादा प्रमोट किया जाता है जिसमें केवल कुछ लोगों का फायदा होता है और बाकी सब का नुकसान।

इसीलिए किसी भी कंपनी के आईपीओ में इन्वेस्ट करने से पहले उस कंपनी पर अच्छे से रिसर्च जरूर कर लें वरना आपको शेयर मार्केट में नुकसान होने से कोई नहीं रोक सकता।

7. पेनी स्टॉक्स वाली कंपनियों से दूर रहें

शेयर मार्केट में नुकसान को कम करने के लिए पेनी स्टॉक्स में निवेश करना बंद कर दीजिए. अधिकतर नए निवेशक कम कीमत वाले शेयर खरीदने के चक्कर में घटिया सस्ते शेयर में निवेश कर देते हैं और बाद में उनका पैसा डूब जाता है.

आपको इतना ज्ञान होना चाहिए कि;

  • पेनी स्टॉक्स वाली कंपनियां जिनका मार्केट कैप बहुत छोटा होता है उन्हें कोई भी आसानी से ऑपरेट कर सकता है।
  • अधिकतर ऑपरेटर ही पेनी स्टॉक्स वाली कंपनियों को चलाते हैं.
  • मतलब अगर किसी बड़े इंस्टिट्यूशन या हाई नेटवर्थ indivisual ने अपने सारे शेयर बेच दिए तो आपका 50% से भी ज्यादा पैसा एक ही झटके में खत्म हो सकता है।

इसके अलावा आपको पता होना चाहिए कि पेनी स्टॉक्स का शेयर प्राइस इसीलिए सस्ता है क्योंकि उन कंपनियों को कोई महंगा valuation देने को तैयार नहीं है जिसका कारण है उनके फंडामेंटल बहुत कमजोर होना. अधिकतर ऐसी कंपनियां स्मॉल कैप या माइक्रो कैप की कैटेगरी में आती हैं जिनमें Risk बहुत ज्यादा होता है।

छोटे रिटेल निवेशक ऐसे शेयरों की ओर आकर्षित होते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर कोई 10 रुपये का शेयर है तो जब उसका प्राइस 20 रुपये हो जाएगा तो उनका पैसा डबल हो जाएगा लेकिन असलियत में होता है इसका उल्टा है।

क्योंकि किसी भी share को खरीदने से पहले आपको यह पता होना चाहिए कि आखिर शेयर का प्राइस बढ़ता कैसे है, आपको PE Ratio का कांसेप्ट समझ आना चाहिए जिसके अनुसार अगर कंपनी प्रॉफिट कमाती है तो ही शेयर प्राइस ऊपर जाता है लेकिन अगर कंपनी लगातार नुकसान कर रही है तो शेयर प्राइस भी नीचे ही जाएगा।

इसलिए अगर आप शेयर मार्केट में नए हैं तो नुकसान से बचने के लिए पेनी स्टॉक्स वाली कंपनियों से थोड़ा दूरी बनाकर रखें और इसके बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर में पैसा इन्वेस्ट करें।

9. बिजनेस की लॉन्ग टर्म ग्रोथ देखें

जब आप किसी भी कंपनी का शेयर खरीदते हैं तो आपको short-term के बजाय long-term पर फोकस करना चाहिए. आप जिस सेक्टर में पैसा लगाएं उसकी लॉन्ग टर्म ग्रोथ को अच्छे से समझ ले इसका अंदाजा आपको कंपनी की Annual Report देखकर मिल जाएगा।

शेयर मार्केट में लिस्टेड हर कंपनी हर 3 महीने में अपने क्वार्टरली रिजल्ट पेश करती है जिनमें कंपनी अपने सेल्स और प्रॉफिट के बारे में बताती है. तिमाही रिजल्ट देखने से आपको पता चलता है कि कंपनी की ग्रोथ कैसी चल रही है।

लेकिन अगर आप उस कंपनी में फ्यूचर के लिए इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो आपको उसकी भविष्य की योजनाओं के बारे में जानना होगा इसके लिए आपको कंपनी की मैनेजमेंट डिस्कशन पढ़ना होगा जो आपको वार्षिक रिपोर्ट में मिलेंगे।

कुछ लोगों का सवाल होगा कि वार्षिक रिपोर्ट हमें कहां से मिलेगी तो मैं उन्हें बता दूं कि कंपनी अपनी ऑफिसियल वेबसाइट पर हर साल वार्षिक रिपोर्ट अपलोड करती है जिसे आप उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं या फिर NSE की official वेबसाइट पर भी आपको हर कंपनी की Annual Report मिल जाएगी।

10. शेयर बाजार के ऑपरेटर से बचने की कोशिश करें

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के लिए आपको शेयर मार्केट के operators से सावधान रहना होगा।

दोस्तों शेयर बाजार में ऑपरेटर वह लोग होते हैं जो किसी भी शेयर का प्राइस अचानक से ऊपर जाते हैं और अचानक से नीचे ले आते हैं।

ज्यादातर ऑपरेटर एक्टिविटी सस्ते पेनी स्टॉक्स में ही देखने को मिलती है क्योंकि उन्हें ऑपरेट करना बहुत आसान होता है। बड़ी लार्ज कैप कंपनियों को ऑपरेटर कभी भी उपर नीचे नहीं कर सकती क्योंकि उनमें लिक्विडिटी बहुत ज्यादा होती है।

छोटी कंपनियों में वॉल्यूम बहुत कम होता है मतलब उनमें buyers और sellers की संख्या बहुत कम होती है इसीलिए ऐसे स्टॉक्स में operator बहुत ज्यादा पैसा इन्वेस्ट कर देते हैं जिससे शेयर प्राइस धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।

फिर वह उस कंपनी में जबरदस्ती लोगों का पैसा इन्वेस्ट करवाते हैं जिसके लिए वह अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उस शेयर का fake प्रमोशन करते हैं ताकि लोग उसमें invest करने लगे और जब एक समय बाद शेयर का प्राइस काफी ज्यादा बढ़ जाए तो ऑपरेटर अपने सारे शेयर बेचकर निकल जाते हैं और छोटे निवेशक फंसे रह जाते हैं।

इस प्रकार की ऑपरेटर एक्टिविटी को pump and dump स्कीम कहा जाता है। तो अगर आप भी शेयर बाजार में नुकसान से बचना चाहते हैं तो इस प्रकार की ऑपरेटर एक्टिविटी से सावधान रहें।

11. सर्किट लगने वाले शेयरों में निवेश करने से बचें

दोस्त मैं आपको सलाह देना चाहता हूं कि कभी भी सर्किट लगने वाले शेयरों में निवेश मत करें. ऊपर जो मैंने आपको ऑपरेटर के बारे में बताया उन लोगों के कारण ही कुछ stocks में upper circuit पर lower circuit लगते रहते हैं।

जिन लोगों को शेयरों में circuit लगने के बारे में नहीं पता होना बता दूं कि जब किसी शेयर में सर्किट लगना शुरू होते हैं तो आप शेयर को खरीद और बेच नहीं पाते। सर्किट 5%, 10%, 15% या 20% के हो सकते हैं मतलब इतने प्रतिशत तक ही शेयर का प्राइस बढ़ या घट सकता है।

अगर किसी शेयर में 5% का अपर सर्किट लगता है तो ऐसा देखा जाता है कि उस शेयर की कीमत कुछ दिनों तक हर रोज 5% बढ़ती रहती है जिससे छोटे निवेशकों को लालच आ जाता है और उस शेयर में entry तो कर लेते हैं।

लेकिन लालच के चलते उसे समय रहते नहीं बेच पाते फिर जब वह शेयर गिरना शुरू होता है तो उसमें 5% के lower circuit लगना शुरू हो जाते हैं मतलब शेयर हर रोज 5% गिरता रहता है और कोई भी अपने खरीदे हुए शेयर नहीं बेच पाता है।

मतलब अगर आप ऐसे शेयर में फंस जाते हैं तो आप अपनी आंखों के सामने नुकसान देखते रहते हैं लेकिन कुछ नहीं कर पाते हैं।

12. सिर्फ शेयर का प्राइस बढ़ता हुआ देखकर मत खरीदें

शेयर बाजार में बहुत सारे नए लोग होते हैं जो केवल इसीलिए शेयर खरीद लेते हैं क्योंकि उसका प्राइस लगातार बढ़ रहा होता है. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो 1 दिन आपको शेयर मार्केट में बहुत बड़ा नुकसान होगा। इसीलिए अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आज से ही शेयर की बढ़ती कीमत देखकर निवेश करना बंद कर दीजिए।

ऊपर जो मैंने आपको अपर सर्किट के बारे में बताया उसे देखकर ही अधिकतर लोग बढ़ते शेयर में पैसा लगाते हैं लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि यह सब ऑपरेटर ने आपके लिए जाल बिछाया हुआ है इसलिए ऐसे किसी भी trap में फसने से बचें और सावधानीपूर्वक निवेश करें।

13. स्टॉक मार्केट के ट्रेंड को फॉलो करें

शेयर बाजार में आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी –” Trend is Your Friend” कहने का मतलब यह है कि आपको ट्रेंड के विपरीत नहीं जाना है. अगर आपको शेयर मार्केट का बहुत लंबा एक्सपीरियंस नहीं है और फिर भी आप ट्रेंड के विपरीत जाकर इन्वेस्टमेंट करते हैं तो गारंटी है कि आपको नुकसान ही होगा.

स्टॉक मार्केट में ट्रेंड तीन प्रकार के होते हैं–

  1. Uptrend,
  2. Downtrend
  3. Sideways.

जब मार्केट में तेजी होती है तो उसे अपट्रेंड बोला जाता है, जब मंदी होती है तो उसे डाउनट्रेंड और जब मार्केट flat चलता है मतलब एक ही रेंज में घूमता रहता है तो उसे sideways market कहते हैं।

अगर आप ट्रेडिंग से पैसा कमाना चाहते हैं तो आपको ट्रेंड के विपरीत कभी भी नहीं जाना है। चार्ट पर अलग-अलग टाइमफ्रेम में अलग-अलग ट्रेंड हो सकते हैं मतलब 1 minute के चार्ट पर uptrend हो सकता है तो उसी चार्ट के 1 घण्टे वाले timeframe पर downtrend भी हो सकता है।

इसलिए कोशिश करें कि आप मेजर ट्रेंड को फॉलो करें मतलब long term trend क्या बोलता है उस पर फोकस करें. अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं तो 15 मिनट का ट्रेंड फॉलो करें, swing trading करते हैं तो 1 week का trend फॉलो करना आपके लिए बेस्ट रहेगा।

14. शेयर की फंडामेंटल एनालिसिस करें

अगर आप फंडामेंटल एनालिसिस करके शेयर खरीदते हैं तो आपको शेयर बाजार में कभी भी नुकसान नहीं होगा। शेयर की फंडामेंटल एनालिसिस करने का मतलब होता है कि कंपनी का बिजनेस कैसा है और आने वाले समय में कैसा परफॉर्म कर सकता है।

फंडामेंटल एनालिसिस के अंतर्गत आपको तीन महत्वपूर्ण चीजें चेक करनी पड़ती हैं–

  1. बैलेंस शीट,
  2. प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट
  3. कैश फ्लो स्टेटमेंट

अगर आप किसी भी कंपनी में यह तीनों चीजें चेक कर लेते हैं तो आपको कंपनी की आर्थिक स्थिति के बारे में पता चल जाता है। इसके अलावा आपको फाइनेंसियल ratios, प्रमोटर होल्डिंग, शेयर की हिस्ट्री, पास्ट परफॉर्मेंस आदि भी देखना पड़ता है।

यह सब चीजें ट्रेडिंग में अप्लाई नहीं होती क्योंकि उसके लिए आपको चार्ट देखना पड़ता है और टेक्निकल एनालिसिस पर फोकस करना पड़ता है ना कि फंडामेंटल एनालिसिस पर अगर आप इन्वेस्टर हैं तो ही फंडामेंटल एनालिसिस आपके लिए है।

15. चार्ट पेटर्न्स देखना और टेक्निकल एनालिसिस करना सीखें

जैसा कि मैंने बताया अगर आप एक ट्रेडर हैं तो आपको टेक्निकल एनालिसिस सीखने की जरूरत पड़ेगी। जिस तरह फंडामेंटल एनालिसिस ना करने से किसी इन्वेस्टर को नुकसान हो सकता है उसी तरह टेक्निकल एनालिसिस फॉलो ना करने से ट्रेडर को भी शेयर बाजार में बहुत भारी नुकसान हो सकता है।

  • शेयर बाजार में आपको नुकसान से बचने के लिए अलग-अलग कैंडलेस्टिक पेटर्न के बारे में सीखना चाहिए
  • ऐसा करने से आपकी चार्ट पर entry और exit करने की accuracy बढ़ेगी।
  • चार्ट पेटर्न पर किसी कैंडल के बनने के साथ-साथ वॉल्यूम भी देखें जिससे आपको उस शेयर को buy या sell करने के लिए confirmation मिलेगा।

दोस्तों चाहे आप कितनी भी टेक्निकल एनालिसिस सीख ले लेकिन trading में आप कभी भी इस चीज पर 100% accuracy नहीं पा सकते कि यहां से शेयर ऊपर जाएगा या नीचे।

बस आप इतना कह सकते हैं कि टेक्निकल एनालिसिस को आप कितनी अच्छी तरह से सीखते चले जाएंगे उतनी ही ज्यादा आपकी accuracy बढ़ जाएगी। फिर जब आपकी 10 में से 7 ट्रेड भी प्रॉफिट करने लगे तो समझ जाएं कि आप सही डायरेक्शन में है।

16. दूसरे निवेशकों के पोर्टफोलियो को कॉपी मत करें

लोगों को शेयर बाजार में नुकसान इसलिए भी होता है क्योंकि वह बड़े इन्वेस्टर्स के पोर्टफोलियो को कॉपी करने की कोशिश करते हैं. लोग सोचते हैं कि अगर मैं बड़े इन्वेस्टर्स के द्वारा खरीदे गए सभी शेयर खुद खरीद लूंगा तो मैं भी उनकी तरह सफल इन्वेस्टर बन जाऊंगा.

लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि बड़े इन्वेस्टर्स का रिस्क मैनेजमेंट आपसे बिल्कुल अलग है और हो सकता है कि उन्होंने जो शेयर खरीदे हैं वह उन्होंने अपनी रिस्क कैपेसिटी के अनुसार खरीदे हो जबकि आपकी रिस्क लेने की क्षमता उनसे बिल्कुल ही अलग है.

तो अगर आप भी बिना कुछ सोचे समझे सिर्फ दूसरों के पोर्टफोलियो को कॉपी करते रहते हैं तो ऐसा करना बंद कर दीजिए। अगर आपको उनके पोर्टफोलियो के शेयर पसंद आ रहे हैं तो उस कंपनी के बिजनेस के बारे में अधिक से अधिक जानने की कोशिश करें.

अगर आपको कंपनी की फंडामेंटल एनालिसिस करने के बाद वाकई लगता है कि उस कंपनी का बिजनेस भविष्य में बढ़ने वाला है तो ही किसी कंपनी के शेयर में पैसा इन्वेस्ट कीजिए।

17. शेयर बाजार में रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखें

शेयर बाजार में नुकसान से बचने की अगले टिप्स है रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखना। नुकसान से बचने की यह टिप आपको ट्रेडिंग करते समय भी काम आएगी और इन्वेस्टिंग करते समय भी. रिस्क मैनेजमेंट करने का मतलब है कि आप कितना मैक्सिमम नुकसान उठाने को तैयार हैं।

मैं पहले ही बता चुका हूं कि आपको एक ही सहारा पूरा पैसा लगाने की बजाय अलग-अलग कंपनियों में अपनी इन्वेस्टमेंट को डायवर्सिफाई करना चाहिए और यही रिस्क मैनेजमेंट कहलाता है।

  • मान लीजिए आपके पास 1 लाख रुपये हैं तो एक या दो कंपनियों में इन्वेस्ट करने की बजाय अगर आप इसे 5 से 10 कंपनियों में invest कर देते हैं तो आपका जो Risk है वह काफी हद तक कम हो जाएगा।

दोस्तों यह कांसेप्ट पेनी स्टॉक्स खरीदने पर परफेक्ट अप्लाई होता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें किसी पेनी स्टॉक वाली कंपनी पर पूरा भरोसा होता है क्योंकि उन्होंने उसकी फंडामेंटल एनालिसिस की होती है

लेकिन मेरा मानना है कि आपको एक ही पेनी स्टॉक वाली Risky कंपनी में पूरा पैसा लगाने की वजह ऐसी ही चार से पांच पेनी स्टॉक वाली कंपनियां ढूंढना चाहिए और उनमें उन सभी में थोड़ा थोड़ा पैसा लगा देना चाहिए।

ऐसा करने से आपके पूरे पैसे के नुकसान होने के चांसेस बिल्कुल ना के बराबर होते हैं क्योंकि अगर आधी कंपनियां डूब दी जाती है या पूरी तरह से बर्बाद भी हो जाती है तो भी बाकी बची हुई कंपनियां आपके पैसे पर अच्छा खासा प्रॉफिट बना कर देगी।

18. ट्रेडिंग करते समय लालच और डर पर कंट्रोल करें

शेयर बाजार में नुकसान से बचने की आखिरी share market tip है लालच और डर पर नियंत्रण रखना. यह चीज अक्सर ट्रेडिंग में अप्लाई होती है अगर ट्रेडिंग में आपने अपने emotions को काबू में कर लिया तो समझ जाइए कि आप एक सफल ट्रेडर्स बन गए हैं।

अधिकतर लोग डर की वजह से ही प्रॉफिटेबल ट्रेड को नुकसान में निकाल देते हैं और loss वाली ट्रेड को लालच की वजह से hold करते रहते हैं।

आपने नए लोगों को अक्सर यह कहते सुना होगा कि जबकि वह किसी शेयर में एंट्री लेते हैं तो उसका शेयर प्राइस गिरने लगता है और जब वह उसे बेच देते हैं तो उसका प्राइस वापस बढ़ने लगता है…. यह सिर्फ और सिर्फ आपके डर और लालच की वजह से होता है।

क्योंकि एक नया निवेशक किसी भी शेयर में इन्वेस्ट उस समय करता है जब किसी वजह से उस शेयर का दाम पहले ही काफी बढ़ चुका होता है लेकिन आपको लगता है कि अभी और बढ़ेगा इसलिए आपको शेयर को buy कर लेते हैं।

लेकिन जैसे ही आप उसे खरीदते हैं वह नीचे गिरने लगता है और जब आपको अच्छा खासा नुकसान हो जाता है तो आप उसे और नुकसान ना सहन कर पाने की वजह से loss में बेच देते हैं।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपने लालच में आकर उस शेयर पर बिना रिसर्च किए उसे खरीद लिया और फिर डर की वजह से उसे होल्ड करने की वजह बिना कुछ सोचे समझे sell कर दिया।

इसीलिए शेयर मार्केट में नुकसान से बचने की यह टिप्स हमेशा याद रखिए कि कभी भी लालच (Greed) और डर (Fear) emotions के साथ ट्रेडिंग मत करें।

FAQs (शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स)

शेयर मार्केट में नुकसान कैसे होता है?

शेयर मार्केट को सीखे इन्वेस्ट करने की वजह आपका नुकसान होता है। अगर आप अपने शेयर बाजार में अपने अपने नुकसान को कम करना चाहते हैं और प्रॉफिट को बढ़ाना चाहते हैं तो इस पोस्ट में दी गई सभी टिप्स को जरूर फॉलो कीजिए।

आपको शेयरों को नुकसान पर कब बेचना चाहिए?

अगर आपको किसी शेयर में लगातार नुकसान हो रहा है तो आपको उस नुकसान के पीछे की वजह पता करना चाहिए। अगर किसी टेंपरेरी कारण की वजह से शेयर प्राइस गिर रहा है तो आपको उसे होल्ड करना चाहिए लेकिन अगर स्टॉक में वाकई में कोई प्रॉब्लम है तो उसे बेचकर बाहर निकल जाना चाहिए।

मैं शेयर बाजार में हमेशा पैसा क्यों खोता हूं?

अधिकतर लोग शेयर बाजार में लालच और डर की वजह से ही अपना पैसा खोते हैं। बहुत सारे लोग सिर्फ उन लोगों को देखकर ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग करने लगते हैं 6 सालों का अनुभव होता है जबकि वह खुद बनाना सीखे ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट की शुरुआत कर देते हैं और अंत में उन्हें नुकसान होता है।

क्या मुझे शेयर बाजार से बाहर निकल जाना चाहिए?

जो लोग शेयर बाजार में लगातार नुकसान करते हैं उन्हें अंत में लगता है कि क्या मुझे शेयर बाजार से सारा पैसा निकाल कर बाहर निकल जाना चाहिए लेकिन इससे पहले अपने आपसे एक बात पूछे कि दूसरे लोग पैसा क्यों बना रहे हैं और आप ऐसी क्या गलती कर रहे हैं जिसकी वजह से आपको नुकसान हो रहा है… जब आपको इस सवाल का जवाब मिल जाए तो उसके बाद ही शेयर बाजार से बाहर निकलने का निर्णय लें.

निष्कर्ष (शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स)

मैं आशा करता हूं आपको यह आर्टिकल शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स जरूर पसंद आया होगा. मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि शेयर बाजार से जुड़ी हर टॉपिक के बारे में आपको विस्तार से समझाया जाए भले ही पोस्ट थोड़ी लंबी हो जाए लेकिन उस टॉपिक के हर एक पहलू के बारे में सरल भाषा में समझाना हमारा काम होता है।

इस पोस्ट में मैंने शेयर मार्केट में नुकसान से बचने के टिप्स को विस्तार से समझाया है। आशा करता हूं आपको इन share market tips से बहुत कुछ सीखने को मिला होगा.

अगर आप शेयर बाजार में नुकसान से बचने के लिए यह सभी टिप्स फॉलो करते हैं तो मुझे पूरा विश्वास है कि आपको शेयर मार्केट में कभी नुकसान नहीं होगा बल्कि अगर आप इन सभी टिप्स को फॉलो करते हैं तो 1 दिन आपको शेयर बाजार में सफलता जरूर मिलेगी।

अगर आपका इस पोस्ट से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं।

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Deepak SenAbout Author
मेरा नाम दीपक सेन है और मैं इस ब्लॉग का Founder हूं। यहां पर मैं अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से शेयर मार्केट, निवेश और फाइनेंस से संबंधित उपयोगी जानकारी शेयर करता हूं। ❤️

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