15 सबसे प्रॉफिटेबल Option Trading Strategies – (अभी सीखें और पैसे कमाएं)

आज आप सीखेंगे सबसे पॉपुलर और सबसे ज्यादा प्रॉफिट देने वाली 15 बेस्ट ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीतियों के बारे में. इन सभी strategies को लाइव मार्केट में ट्रेड करके आप रोज मुनाफा कमा सकते हैं।

नमस्ते दोस्तो! आज के समय में, स्टॉक मार्केट और फाइनेंस में लोगों का इंटरेस्ट बढ़ा रहा है, और इसमें ऑप्शन ट्रेडिंग एक पॉपुलर तरीका है पैसा कमाने का। बहुत सारे ट्रेडर्स ऐसे हैं जो ऑप्शन ट्रेडिंग करके दिन का लाखों रुपए भी कमा रहे हैं।

लेकिन ऑप्शन ट्रेडिंग में सक्सेस पाने के लिए आपको तरह-तरह की option strategies का उपयोग करना पड़ता है तभी आप इससे रेगुलर प्रॉफिट कमा सकते हैं।

Option trading strategies in hindi for beginners

इसीलिये, आज हम आपके लिए लाए हैं कुछ बेहतरीन ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीतियां जो शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले हर व्यक्ति को पता होना चाहिए।

ये रणनीतियां आपको मार्केट आउटलुक और रिस्क टॉलरेंस के हिसाब से ट्रेडिंग करना सिखाती हैं, और अगर ये सही तरीके से इस्तेमाल की जाएं तो आपके पैसे को बहुत तेजी से मल्टिप्लाई कर सकती हैं और इन ऑप्शन strategies का उपयोग करके already बहुत सारे लोग ऑप्शन ट्रेडिंग की जरिये खूब पैसा कमा रहे हैं।

तो चलिये इन best option trading strategies in hindi के बारे में जान लेते हैं–

इस पोस्ट में आप जानेंगे-

(Most Profitable) Option Trading Strategies in Hindi

सबसे अच्छी ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीतियां (Best Option Trading Strategy in Hindi)

  1. लोंग स्ट्रेडल (Long Straddle)
  2. शॉर्ट स्ट्रेडल (Short Straddle)
  3. बुल कॉल स्प्रेड (Bull Call Spread)
  4. बियर पुट स्प्रेड (Bear Put Spread)
  5. लोंग कॉल बटरफ्लाई (Long Call Butterfly)
  6. आयरन कंडोर (Iron Condor)
  7. लोंग कॉल स्ट्रेटजी (Long Call)
  8. लॉन्ग पुट स्ट्रेटेजी (Long Put)
  9. कवर्ड कॉल (Covered Call)
  10. बैकस्प्रेड ऑप्शन स्ट्रेटजी (Backspread)
  11. आयरन कंडोर स्प्रेड (Iron Condor Spread)
  12. लॉन्ग पुट लैडर (Long Put Ladder)
  13. निफ़्टी ऑप्शन स्ट्रेटजी (Nifty Option Strategy)
  14. बैंकनिफ्टी ऑप्शन स्ट्रेटजी (BankNifty Option Strategy)

नीचे हमने एक-एक करके इन सभी ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रेटजीस के बारे में विस्तार से बताया है तो चलिए अब इनके बारे में जान लेते हैं–

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1. Long Straddle Option Trading Strategy in Hindi

लॉन्ग स्ट्रैडल वह ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी है जिसमें आप एक कॉल ऑप्शन और एक पुट ऑप्शन दोनो खरीदते हैं, एक ही स्ट्राइक प्राइस और एक्सपायरी डेट के साथ।

आप इस रणनीति (option strategy) को तब इस्तेमाल करते हैं जब आपको शेयर प्राइस के बारे में कुछ खास नहीं पता है, लेकिन आपको लगता है कि प्राइस कहीं ना कहीं बहुत तेजी से बढ़ने या घटने वाला है।

Example #1. मान लीजिए कि आप XYZ कंपनी के शेयर के बारे में कुछ खास नहीं जानते हैं और आपको लगता है कि शेयर की कीमत कहीं ना कहीं तेज से बढ़ने या घटने वाली है।

तो ऐसे में, आप एक कॉल ऑप्शन और एक पुट ऑप्शन खरीद सकते हैं, दोनो के लिए एक ही स्ट्राइक प्राइस और एक्सपायरी डेट फिक्स करके।

इसके बाद अगर शेयरों की कीमत option की Expiry date तक स्ट्राइक कीमत के ऊपर चली जाती है, तो आप कॉल ऑप्शन बेचकर फायदा उठा सकते हैं,

और अगर शेयरों की कीमत Expiry date तक स्ट्राइक कीमत से नीचे चली जाती है, तो आप पुट ऑप्शन से फायदा उठा सकते हैं .

लेकिन, अगर शेयर्स की कीमत एक्सपायरी डेट तक स्ट्राइक प्राइस के पास ही रहती है, तो दोनों ऑप्शन की कीमत घट जाएगी और आप नुकसान उठाएंगे।

उम्मीद करता हूं आप यह Option Trading Strategy स्ट्रेटजी समझ गए होंगे, लेकिन अगर नहीं समझे तो नीचे का दूसरा उदाहरण भी दिया गया है–

Example #2. मान लीजिए कि आप एक बाइक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के शेयर में इन्वेस्ट करना चाहते हैं, लेकिन आपको बाइक इंडस्ट्री के करेंट ट्रेंड्स के बारे में कुछ खास पता नहीं है।

आपको लगता है कि कंपनी के शेयरों की कीमत कहीं ना कहीं बहुत तेजी से बढ़ने या घटने वाली है।

तो इसमें, आप लॉन्ग स्ट्रैडल स्ट्रैटेजी को अपना सकते हैं।

इसके लिए आप एक कॉल ऑप्शन और एक पुट ऑप्शन एक ही स्ट्राइक प्राइस और एक्सपायरी डेट के साथ खरीद सकते हैं। मान लीजिए आपने रु. 500 के स्ट्राइक मूल्य पर दोनो ऑप्शन ख़रीद लिए हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट कुछ महीनों बाद है।

अब, अगर बाइक इंडस्ट्री में कोई बड़ी अनाउंसमेंट होती है और शेयर की कीमत एक्सपायरी डेट तक स्ट्राइक प्राइस के ऊपर चलती है, तो आप कॉल ऑप्शन से फायदा उठा सकते हैं।

और अगर कोई बड़ी नेगेटिव खबर आती है और शेयरों की कीमत expiry date तक स्ट्राइक कीमत से नीचे चली जाती है, तो आप पुट ऑप्शन से फायदा उठा सकते हैं।

लेकिन, अगर शेयर्स की कीमत एक्सपायरी डेट तक स्ट्राइक प्राइस के पास ही रहती है, तो दोनों ऑप्शन की कीमत घट जाएगी और आपको नुकसान उठाना पड़ेगा।

तो अब आप समझ गए होंगे कि long straddle strategy का उपयोग आपको तब करना चाहिए जब आपको लगता है कि market काफी volatile रहेगा मतलब या तो बाजार काफी नीचे जा सकता है या फिर काफी ऊपर, उस समय आपको इस option trading strategy का उपयोग करना चाहिए। आशा करता हूँ अब आपको Long straddle strategy अच्छे से समझ आ गई होगी।

2. Short Straddle Option Trading Strategy in Hindi

शॉर्ट स्ट्रैडल पिछली वाली strategy के विपरीत ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी है जिसमें आप एक कॉल ऑप्शन और एक पुट ऑप्शन बेचते हैं, एक ही स्ट्राइक प्राइस और एक्सपायरी डेट के साथ।

आप इस स्ट्रैटेजी को तभी इस्तेमाल करते हैं जब आपको शेयर प्राइस के बारे में कुछ खास नहीं पता है और आपको लगता है कि शेयर प्राइस एक्सपायरी डेट तक ठीक ठाक ही रहने वाली है मतलब शेयर की कीमत ना तो ज्यादा बढ़ने वाली है और ज्यादा गिरने वाली है मतलब एक ही रेंज में शेयर चलने वाला है।

मान लीजिए कि आप XYZ कंपनी के शेयर के बारे में कुछ खास नहीं जानते हैं और आपको लगता है कि शेयर की कीमत की समाप्ति तिथि तक ठीक ठाक ही रहने वाली है मतलब ना तो ज्यादा घटेगी और ना ज्यादा बढ़ेगी।

तो इसमें, आप एक कॉल ऑप्शन और एक पुट ऑप्शन बेच सकते हैं, दोनो के लिए एक ही स्ट्राइक प्राइस और एक्सपायरी डेट फिक्स करके।

अगर शेयरों की कीमत option की expiry date तक स्ट्राइक कीमत के ऊपर चली जाती है, तो आपको कॉल ऑप्शन की कीमत देनी पड़ेगी (मतलब जितने का आपने कॉल ऑप्शन खरीदा था उतने पैसे का आपको loss हो जाएगा)

और अगर शेयरों की कीमत की expiry date तक स्ट्राइक कीमत से नीचे चली जाती है, तो आपको पुट ऑप्शन की कीमत देनी पड़ेगी (मतलब जितने का आपने put ऑप्शन खरीदा था उतने amount का आपको loss हो जाएगा)

लेकिन, अगर शेयर्स की कीमत बहुत ज्यादा बड़े नहीं या बहुत ज्यादा घटने की बजाए एक्सपायरी डेट तक स्ट्राइक प्राइस के आसपास ही रहती है, तो दोनों ऑप्शन की कीमत घट जाएगी और इससे आपको फायदा होगा

क्योंकि आपने दोनों ऑप्शंस को बेचा था और ऑप्शंस को बेचने पर आपको फायदा तभी होता है जब शेयर प्राइस एक ही रेंज में घूमता रहता है।

जैसे कि मान लीजिए कि आपने XYZ कंपनी के शेयर के लिए short straddle strategy अपनाई है।

  • आपने 100 रुपये के स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ऑप्शन और पुट ऑप्शन दोनों बेच दिए हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट एक महीने बाद है।
  • अब, अगर शेयर्स की कीमत एक्सपायरी डेट तक स्ट्राइक प्राइस के ऊपर या नीचे चली जाती है, तो आपको ऑप्शन की कीमत देनी पड़ेगी,
  • लेकिन अगर शेयर की प्राइस एक्सपायरी डेट तक स्ट्राइक प्राइस के पास ही रहती है, तो दोनों ऑप्शन की कीमत घट जाएगी और आपको profit होगा।

उम्मीद करता हूं आप short straddle स्ट्रेटजी के बारे में जान गए होंगे।

3. Bull Call Spread Option Trading Strategy in Hindi

बुल कॉल स्प्रेड ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग बाजार में price में increase होने की उम्मीद के समय पर किया जाता है। इसमें, एक lower strike price पर कॉल ऑप्शन ख़रीदी जाती है और एक higher strike price पर कॉल ऑप्शन बेची जाती है।

मान लीजिए कि आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयरों की कीमत बढ़ने वाली है, लेकिन आपको उम्मीद है कि ये moderate वृद्धि होगी। तो इस सिचुएशन में आप बुल Bull Call Spread strategy का इस्तेमाल कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए,

आपने XYZ कंपनी के 100 शेयर खरीदे हैं और आपको लगता है कि शेयरों की कीमत बढ़ने वाली है। तो आपने 110 रुपये के स्ट्राइक प्राइस पर एक कॉल ऑप्शन खरीदा है और 120 रुपये के स्ट्राइक प्राइस पर एक कॉल ऑप्शन बेच दिया है।

अगर शेयरों की कीमत की expiry डेट तक 115 rs के ऊपर चली जाती है, तो आपकी इस रणनीति से फ़ायदा होगा। क्योंकि आप कॉल ऑप्शन का प्रीमियम उठा सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं।

लेकिन, अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 110 rs के नीचे चली जाती है, तो आपकी इस रणनीति से नुकसान होगा। मतलब आपके खरीदे हुए कॉल ऑप्शन का प्रीमियम जीरो हो जाएगा और आपको नुकसान होगा।

4. Bear Put Spread Option Trading Strategy in Hindi

बेयर पुट स्प्रेड ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग बाजार में price में कमी की उम्मीद के समय पर किया जाता है। इसमें एक higher strike price पर पुट ऑप्शन खरीदी जाती है और एक lower strike price पर पुट ऑप्शन बेची जाती है।

मान लीजिए कि आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयरों की कीमत घटने वाली है, लेकिन आपको उम्मीद है कि ये moderate decrease होगी। तो इस सिचुएशन में, आप बियर पुट स्प्रेड स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए,

आपने XYZ कंपनी के 100 शेयर खरीदे हैं और आपको लगता है कि शेयरों की कीमत घटने वाली है। आपने 120 rs के स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन खरीदा है और 110 rs के स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन बेच दिया है।

अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 115 rs के नीचे चली जाती है, तो आपको इस strategy से फ़ायदा होगा। मतलब आप पुट ऑप्शन का प्रीमियम उठा सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं।

लेकिन, अगर शेयरों की कीमत की expiry date तक 120 rs के ऊपर चली जाती है, तो आपको इस रणनीति से नुकसान होगा। मतलब आपके खरीदे हुए पुट ऑप्शन का प्रीमियम जीरो हो जाएगा और आपको नुकसान होगा।

5. Long Call Butterfly Option Trading Strategy in Hindi

लॉन्ग कॉल बटरफ्लाई ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति एक सीमित जोखिम (limited risk) और सीमित इनाम (limited reward) वाली रणनीति है जिसमें;

  • lower strike price पर एक call option खरीदना,
  • middle strike price पर दो call option बेचना
  • और higher strike price पर एक अन्य call option खरीदना शामिल है।

ये सभी options आपको एक ही expiry date पर खरीदना और बेचना पड़ता है

मान लीजिए कि आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयरों की कीमत समाप्ति की तारीख तक एक लिमिट के अंदर ही रहने वाली है। तो इसमें आप लॉन्ग कॉल बटरफ्लाई स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

आप एक कॉल ऑप्शन खरीद सकते हैं जो स्ट्राइक प्राइस के लिहाज से लो है, दो कॉल ऑप्शन बेच सकते हैं जो स्ट्राइक प्राइस के लिहाज से मिडिल है और एक और कॉल ऑप्शन खरीद सकते हैं जो स्ट्राइक प्राइस के लिहाज से हाई है।

उदाहरण के लिए, आपने Rs. 100 के स्ट्राइक प्राइस पर एक कॉल ऑप्शन खरीदा है, Rs. 110 के स्ट्राइक प्राइस पर दो कॉल ऑप्शन बेचे हैं, और Rs. 120 के स्ट्राइक प्राइस पर एक कॉल ऑप्शन खरीदा है। सभी विकल्पों की समाप्ति तिथि एक महीने बाद है।

अब, अगर शेयरों की कीमत समाप्ति तिथि तक 110 rs के बीच ही रहती है, तो आपको इस रणनीति से फ़ायदा होगा।

क्योंकि आपकी लो स्ट्राइक कीमत वाली कॉल ऑप्शन की कीमत बढ़ेगी, आपकी मिडिल स्ट्राइक कीमत वाली दोनों कॉल ऑप्शन की कीमत घट जाएगी, और आपकी हाई स्ट्राइक कीमत वाली कॉल ऑप्शन की कीमत फिर से बढ़ेगी।

लेकिन, अगर शेयरों की कीमत की expiry date तक 110 rs के बाहर चली जाती है, तो आपको इस strategy से नुकसान होगा।

क्योंकि आपकी लो स्ट्राइक प्राइस वाली कॉल ऑप्शन की कीमत तो बढ़ जाएगी, लेकिन आपकी मिडिल स्ट्राइक प्राइस वाली दोनों कॉल ऑप्शन की कीमत भी बढ़ेगी और आपकी हाई स्ट्राइक प्राइस वाली कॉल ऑप्शन की कीमत घट जाएगी। उम्मीद करता हूं आपको यह Long Call Butterfly ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रेटजी समझ आ गई होगी।

6. Iron Condor Option Trading Strategy in Hindi

आयरन कोंडोर ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति दो क्रेडिट स्प्रेड का एक combination है – एक बुलिश और एक बियरिश – जो एक ही expiry date के साथ एक ही underlying asset पर रखे जाते हैं।

यह रणनीति एक ऐसे स्टॉक से profit कमाने के लिए डिज़ाइन की गई है जो एक ही range के अंदर ट्रेड करने की उम्मीद रखता है।

मान लीजिए कि आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयरों की कीमत समाप्ति की तारीख तक एक लिमिट के अंदर ही रहने वाली है। तो इसमें, आप आयरन कोंडोर रणनीति का उपयोग कर सकते हैं।

इसमें, आप एक बुलिश क्रेडिट स्प्रेड और एक बियरिश क्रेडिट स्प्रेड का कॉम्बिनेशन क्रिएट करते हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट और अंडरलाइंग एसेट वही होता है।

उदाहरण के लिए,

मान लो आपने Rs. 100 के स्ट्राइक मूल्य पर कॉल ऑप्शन को खरीदे है और रु. 105 के स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ऑप्शन को sell किया है, इससे आपने एक बुलिश क्रेडिट स्प्रेड क्रिएट किया है।

इसके साथ ही, आपने रु. 95 के स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन को sell किया है और रु. 90 के स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन को खरीदा है, इससे आपने एक बियरिश क्रेडिट स्प्रेड क्रिएट किया है।

अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 95 rs और 105 rs के बीच ही रहती है, तो आपको इस रणनीति से फ़ायदा होगा। मतलब आप इस बुलिश क्रेडिट स्प्रेड और बियरिश क्रेडिट स्प्रेड दोनों से फ़ायदा उठा सकते हैं।

लेकिन, अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 90 rs के नीचे या 110 rs के ऊपर चली जाती है, तो आपको इस रणनीति से loss होगा।

यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें आपको दोनों क्रेडिट स्प्रेड से नुकसान तो हो सकता है लेकिन आपकी loss की मात्रा लिमिटेड है।

इस स्ट्रैटेजी से आप अपने रिस्क को कम कर सकते हैं और प्रॉफिट भी जेनरेट कर सकते हैं, लेकिन इसमें रिस्क है कि अगर शेयर्स की प्राइस एक्सपायरी डेट तक एक्सपेक्टेड प्राइस रेंज से बाहर चली जाती है, तो आपको इस स्ट्रैटेजी से नुक्सान हो जाएगा। उम्मीद करता हूं आपको Iron condor option trading strategy समझ आई होगी

7. Long Call Option Trading Strategy in Hindi

लॉन्ग कॉल ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति में इस उम्मीद के साथ कॉल ऑप्शन खरीदना शामिल है कि option की expiry होने से पहले underlying stock की कीमत बढ़ जाएगी।

मान लीजिए कि आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयरों की कीमत जल्दी बढ़ने वाली है। तो इसमें आप Long Call strategy का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप एक कॉल ऑप्शन खरीद सकते हैं, जिसकी एक्सपायरी डेट और स्ट्राइक प्राइस आपको सूट करते हैं।

उदाहरण के लिए,

आपने Rs. 100 के स्ट्राइक प्राइस पर एक कॉल ऑप्शन खरीदा है, जिनकी एक्सपायरी डेट एक महीने बाद है। अगर शेयरों की कीमत की expiry date तक 110 rs के ऊपर चली जाती है, तो आपको इस रणनीति से profit होगा क्योंकि आप कॉल ऑप्शन को बेचकर प्रॉफिट कमा सकते हैं।

लेकिन, अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 100 rs के नीचे ही रहती है, तो आपको इस रणनीति से नुकसान होगा। क्योंकि आपकी कॉल ऑप्शन की कीमत खत्म जो जाएगी और आपकी कुल investment भी बर्बाद हो जाएगी।

इस स्ट्रैटेजी से आप अपने रिस्क को बढ़ा सकते हैं, लेकिन इसमें भी एक रिस्क है कि अगर शेयर्स की कीमत एक्सपायरी डेट तक एक्सपेक्टेड प्राइस तक राइज नहीं होती है, तो आपको इस स्ट्रैटेजी से loss होगा।

8. Long Put Option Trading Strategy in Hindi

लॉन्ग पुट ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति में पुट ऑप्शन को इस उम्मीद के साथ खरीदना शामिल है कि option की expiry होने से पहले underlying स्टॉक की कीमत गिर जाएगी।

मान लीजिए कि आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयर की कीमत जल्दी ही घटने वाली है। इसमें, आप लॉन्ग पुट स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप एक पुट ऑप्शन खरीद सकते हैं, जिसके एक्सपायरी डेट और स्ट्राइक प्राइस आपको सूट करते हैं।

उदाहरण के लिए,

आपने Rs. 100 के स्ट्राइक प्राइस बराबर एक पुट ऑप्शन खरीदा है, जिनकी एक्सपायरी डेट एक महीने बाद है। आगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 90 रुपये के नीचे चली जाती है, तो आपको इस रणनीति से फ़ायदा होगा।

लेकिन, अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 100 rs के ऊपर ही रहती है, तो आपकी रणनीति से नुक्सान होगा। कययक़ी आपकी पुट ऑप्शन की कीमत खत्म हो जाएगी और आपकी टोटल इनवेस्टमेंट वेस्ट हो जाएगी।

इस स्ट्रैटेजी से आप अपने रिस्क को बढ़ा सकते हैं, लेकिन इसमें भी एक रिस्क है कि अगर शेयर्स की कीमत एक्सपायरी डेट तक एक्सपेक्टेड प्राइस तक fall नहीं होती है, तो आपकी इस स्ट्रैटेजी से आपको नुकसान होगा।

9. Covered Call Option Trading Strategy in Hindi

कवर्ड कॉल ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति में स्टॉक खरीदना और उस स्टॉक का कॉल ऑप्शन बेचना होता है, इस उम्मीद के साथ कि स्टॉक की कीमत स्थिर रहेगी या option अपनी एक्सपायरी डेट होने से पहले थोड़ा सा बढ़ जाएगा।

मान लीजिए कि आपने XYZ कंपनी के शेयर खरीदे हैं और आपको लगता है कि शेयरों की कीमत स्थिर रहेगी या थोड़ी सी बढ़ेगी। तो इसमें आप कवर्ड कॉल स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप एक कॉल ऑप्शन sell कर सकते हैं, जिस तरह की स्ट्राइक प्राइस और एक्सपायरी डेट आपको सूट करते हैं।

उदाहरण के लिए,

आपने XYZ कंपनी के 100 शेयर खरीदे हैं और आपने 110 rs के स्ट्राइक प्राइस पर एक कॉल ऑप्शन sell कर दिया है, जिसकी एक्सपायरी डेट एक महीने बाद है। अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 110 rs के ऊपर नहीं जाती है, तो आपको इस रणनीति से फ़ायदा होगा।

लेकिन, अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 110 rs के ऊपर चली जाती है, तो आपकी रणनीति से नुक्सान होगा। आपको शेयर को Rs. 110 पर sell करने के लिए मजबूर होंगे और ऐसे आपको एक्सपेक्टेड प्राइस से कम प्रॉफिट मिलेंगे।

इस स्ट्रैटेजी से आप अपने रिस्क को कम कर सकते हैं, लेकिन इसमें भी एक रिस्क है कि अगर शेयर्स की कीमत एक्सपायरी डेट तक एक्सपेक्टेड प्राइस राइज होती है, तो आपको इस ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी से नुकसान होगा।

10. Backspread Option Trading Strategy in Hindi

बैकस्प्रेड ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति में, एक ऑप्शन को खरीदा जाता है और दो या उससे ज्यादा ऑप्शन बेचे जाते हैं। इस स्ट्रैटेजी का यूज जब किया जाता है जब किसी स्पेशल स्टॉक में महत्वपूर्ण प्राइस मूवमेंट की उम्मीद हो।

उदाहरण के लिए,

अगर आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयर में महत्वपूर्ण प्राइस मूवमेंट होने वाला है, लेकिन आपको नहीं पता की कीमत ऊपर जाएगी या नीचे। इज सिचुएशन में, आप Backspread स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर आप price बढ़ने की उम्मीद रखते हैं, तो आप एक कॉल ऑप्शन ख़रीद सकते हैं और दो या उससे ज़्यादा स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ऑप्शन बेच सकते हैं। इससे आपका अधिकतम मुनाफा असीमित है, अगर शेयर की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

लेकिन अगर आप प्राइस घटने की उम्मीद रखते हैं, तो आप एक पुट ऑप्शन खरीद सकते हैं और दो या उससे ज्यादा लोअर स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन बेच सकते हैं। इससे आपका अधिकतम मुनाफा असीमित है, अगर शेयर की कीमत बहुत ज्यादा कम हो जाती है।

11. Iron Condor Spread Option Trading Strategy in Hindi

आयरन कोंडोर स्प्रेड ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग बाजार में कम अस्थिरता (low volatility) की उम्मीद के समय पर किया जाता है।

इसमें, एक हायर स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ऑप्शन और एक लोअर स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन बेची जाती है, साथ ही एक लोअर स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ऑप्शन और एक हायर स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन खरीदी जाती है।

उदाहरण के लिए,

अगर आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयरों की कीमत बहुत ज्यादा वोलेटाइल नहीं होगी और रेंज बाउंड रहने की उम्मीद है। तो इस सिचुएशन में आप आयरन कोंडोर स्प्रेड स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

आपने 110 rs के स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ऑप्शन और 100 rs के स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन बेची है, और 115 rs के स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ऑप्शन और 95 rs के स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन खरीदी है। अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 100 rs और 115 rs के बीच ही रहता है, तो आपको इस रणनीति से फ़ायदा होगा।

लेकिन, अगर शेयरों की कीमत की समाप्ति तिथि तक 95 rs के नीचे या 120 rs के ऊपर चली जाती है, तो आपको इस रणनीति से नुकसान होगा। क्योंकि आपके खरीदे हुए ऑप्शंस का प्रीमियम जीरो हो जाएगा और आपको नुकसान होगा।

12. Long Put Ladder Option Trading Strategy in Hindi

लॉन्ग पुट लैडर ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी में, एक पुट ऑप्शन खरीदा जाता है और एक हाई स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन बेचा जाता है, और फिर दो और हाई स्ट्राइक प्राइस पर पुट ऑप्शन खरीदे जाते हैं।

उदाहरण के लिए, आपको लगता है कि XYZ कंपनी के शेयरों की कीमत नीचे जाने की उम्मीद है और आप लॉन्ग पुट लैडर स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करना चाहते हैं।

आपने रु. 100 के स्ट्राइक प्राइस पर एक पुट ऑप्शन खरीदा है और रु. 105 के स्ट्राइक प्राइस पर एक पुट ऑप्शन बेचा है, फिर आपने रु. 110 के स्ट्राइक प्राइस पर एक पुट ऑप्शन खरीदा है और रु. 115 के स्ट्राइक प्राइस पर एक पुट ऑप्शन खरीदा है।

अगर शेयरों की कीमत की एक्सपायरी डेट तक 115 rs के नीचे रहती हैं, तो आपको इस रणनीति से फ़ायदा होगा। लेकिन, अगर शेयरों की कीमत 115 rs के ऊपर चली जाती है, तो आपको इस रणनीति से नुक्सान होगा। और आपको अधिकतम नुकसान रु. 400 (प्रीमियम के कुल खर्चे) होगा।

ये स्ट्रैटेजी हाई रिस्क वाली स्ट्रैटेजी है और इसमें प्रॉफिट बहुत कम और लॉस बहुत ज्यादा हो सकता है। इसलिए, इस रणनीति का उपयोग सिर्फ अनुभवी ट्रेडर्स ही करें।

13. Nifty Option Trading Strategy in Hindi

एक पॉपुलर निफ्टी ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति है “लॉन्ग स्ट्रैडल”, जिसमें ट्रेडर को निफ्टी के ऊपर और नीचे का प्राइस मूवमेंट का अनुमान लगाना होता है। इस रणनीति में ट्रेडर एक कॉल ऑप्शन और एक पुट ऑप्शन खरीदता है,

जिसके परिणाम में ट्रेडर के मुनाफे या तो कॉल ऑप्शन की कीमत में वृद्धि और पुट ऑप्शन की कीमत में कमी, या फिर फिर पुट ऑप्शन की कीमत में वृद्धि और कॉल ऑप्शन की कीमत में कमी के कारण होते हैं।

मान लीजिए, निफ्टी की करेंट प्राइस 15,000 है और आपको लगता है कि कुछ समय बाद निफ्टी के प्राइस में महत्वपूर्ण मूवमेंट होने वाला है। तो आप लॉन्ग स्ट्रैडल स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें आप एक कॉल ऑप्शन और एक पुट ऑप्शन दोनों 15,000 स्ट्राइक प्राइस के साथ खरीद सकते हैं।

अब इस सिचुएशन में, अगर निफ्टी का प्राइस 14,500 से नुचे जाता है, तो पुट ऑप्शन की कीमत में वृद्धि होगी और कॉल ऑप्शन की कीमत में कमी होगी।

लेकिन अगर निफ्टी की कीमत 15,500 से ऊपर जाती है, तो कॉल ऑप्शन की कीमत बढ़ेगी और पुट ऑप्शन की कीमत घटेगी। इस तरीके से ट्रेडर को प्रॉफिट का चांस बना रहता है, लेकिन याद रहे की इस स्ट्रैटेजी में मार्केट वोलैटिलिटी होना बहुत जरूरी है।

14. BankNifty Option Trading Strategy in Hindi

एक popular बैंकनिफ्टी ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति है “कवर्ड कॉल”, जिसमें ट्रेडर लॉन्ग पोजीशन होल्ड करता है बैंकनिफ्टी के शेयर में और साथ ही साथ कॉल ऑप्शन को sell करता है। इस स्ट्रैटेजी में ट्रेडर का लक्ष्य है एक्स्ट्रा प्रीमियम जनरेट करना जो कॉल ऑप्शन की बिक्री से मिलता है।

मान लीजिए, आपने 1000 बैंकनिफ्टी के शेयर खरीदे हैं और मौजूदा बाजार मूल्य है 36000 रुपये/शेयर। अब आप कवर्ड कॉल स्ट्रैटेजी का use कर सकते हैं, जिसमें आप बैंकनिफ्टी के शेयर को 36,000 रुपये/शेयर पर होल्ड करते हुए एक कॉल ऑप्शन भी बेच सकते हैं

जिसका स्ट्राइक प्राइस रु. 37,000 है। अगर आपकी कॉल ऑप्शन के प्रीमियम रु. 5000 है, तो आपको कुल प्रीमियम रु. 5,00,000 (5000 रुपये x 100 शेयर) मीलेगा।

इस सिचुएशन में, अगर बैंकनिफ्टी की कीमत रु. 35,000 से नीचे जाती है, तो आपका नुकसान कवर कॉल रणनीति की वजह से आंशिक रूप से हेज हो जाएगा क्योंकि आपको प्रीमियम के माध्यम से 5000 rs की इनकम मिल रही है।

लेकिन अगर बैंकनिफ्टी की कीमत रु. 37,000 से ऊपर जाता है, तो कॉल ऑप्शन की sell से आपको एक्स्ट्रा इनकम मिलती है और आपके शेयर प्राइस के ऊपर का प्रॉफिट जेनरेट होता है।

Option Trading Book in Hindi

ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में सबसे आसान भाषा में और उदाहरण के साथ सीखने के लिए आपको नीचे दी गई किताब जरूर पढ़नी चाहिए जो अब तक की ऑप्शन ट्रेडिंग पर लिखी गई सबसे बेस्ट किताब है. नीचे दिए इमेज पर क्लिक करके आप इस किताब को डाउनलोड कर सकते हैं–

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FAQ’s (Option Trading Strategies in Hindi)

ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति क्या है?

एक ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी एक पहले से तय किया गया एप्रोच है जिसमें ट्रेडर्स अपने मार्केट आउटलुक और रिस्क टॉलरेंस के आधार पर ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स खरीदते हैं और बेचने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

कुछ पॉपुलर ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीतियाँ कौन सी हैं?

सबसे अच्छी और पॉपुलर ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीतियों में लॉन्ग कॉल, शॉर्ट कॉल, लॉन्ग पुट, शॉर्ट पुट, स्ट्रैडल, स्ट्रैंगल, आयरन कोंडोर, बटरफ्लाई स्प्रेड, कैलेंडर स्प्रेड, और कवर्ड कॉल शामिल हैं।

ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग करने से क्या फायदा है?

ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग करने से आप अपनी ट्रेडिंग का दृष्टिकोण और रिस्क मैनेजमेंट में सुधार कर सकते हैं, और मुनाफा कमाने की संभावना बढ़ा सकते हैं।

ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग करने के लिए क्या ज्ञान और कौशल की जरूरत होती है?

ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति का उपयोग करने के लिए आपको ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स और मार्केट डायनामिक्स के बारे में बेसिक नॉलेज होनी चाहिए। इसके अलावा, तकनीकी विश्लेषण और जोखिम प्रबंधन कौशल भी होनी चाहिए।

ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति में नुकसान का जोखिम कैसे कम किया जा सकता है?

ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीति में नुकसान का जोखिम कम किया जा सकता है सही जोखिम प्रबंधन तकनीकों का उपयोग करके। ट्रेडर्स को अपनी ट्रेड्स के लिए स्टॉप लॉस ऑर्डर्स का इस्तेमाल करना चाहिए, और अपने ट्रेड्स के साइज और रिस्क को मैनेज करने के लिए डायवर्सिफिकेशन का इस्तेमाल करना चाहिए।

Conclusion (Best option trading strategies in hindi)

तो ये थीं कुछ बेहतरीन ऑप्शन ट्रेडिंग रणनीतियां (option trading strategies in hindi) जो आप अपनी ट्रेडिंग जर्नी को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी को सही तरीके से इस्‍तेमाल करने से आप अपना रिस्‍क को मैनेज कर सकते हैं और प्रॉफिट कमाने की संभावना को बढ़ा सकते हैं।

लेकिन याद रहे, हर ट्रेडर का रिस्क टॉलरेंस और मार्केट आउटलुक अलग होता है, इसे स्ट्रैटेजी में अपनी पर्सनल प्रिफरेंस और रिस्क मैनेजमेंट टेक्निक्स के हिसाब से कस्टमाइज करना जरूरी है।

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अगर आप सही नॉलेज और स्किल्स के साथ इन option trading strategies का सही तरीके से इस्‍तेमाल करेंगे, तो आप अपने ट्रेडिंग गेम को नेक्‍स्‍ट लेवल तक ले जा सकते हैं। आपकी ट्रेडिंग यात्रा के लिए शुभकामनाएँ!

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मेरा नाम दीपक सेन है और मैं इस वेबसाइट का Founder हूं। यहां पर मैं अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से शेयर मार्केट, निवेश और फाइनेंस से संबंधित उपयोगी जानकारी शेयर करता हूं। ❤️