ट्रेडिंग करने से पहले क्या करना चाहिए? | ट्रेडिंग करने से पहले क्या देखना चाहिए?

आज का टॉपिक है: ट्रेडिंग करने से पहले क्या करना चाहिए? मतलब जब आप शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं तो कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए, ट्रेडिंग करते समय क्या सोचना चाहिए, क्या-क्या देखना चाहिए, इसके बारे में आज हम विस्तार से चर्चा करने वाले हैं।

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ट्रेडिंग करने से पहले क्या ध्यान रखना चाहिए? | ट्रेडिंग करते समय क्या देखना चाहिए?

ट्रेडिंग करने से पहले क्या करना चाहिए, ट्रेडिंग करते समय क्या सोचना चाहिए?
ट्रेडिंग करने से पहले क्या ध्यान रखना चाहिए?

आइए एक-एक करके जान लेते हैं कि ट्रेडिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए;

1. ट्रेडिंग करते समय स्टॉप लॉस जरूर उपयोग करें

जी हां, ट्रेडिंग करते समय स्टॉप लॉस जरूर उपयोग करना चाहिए। स्टॉप लॉस का मतलब होता है अपने नुकसान को लिमिट कर देना। जब तक आप स्टॉप लॉस नहीं लगाते हैं तब तक असीमित नुकसान होने की संभावना होती है।

अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं तो स्टॉपलॉस आपके लिए और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। क्योंकि ऑप्शन ट्रेडिंग में प्रीमियम के प्राइस कुछ सेकंड में ही बहुत ज्यादा ऊपर नीचे हो जाते हैं इसीलिए कॉल या पुट ऑप्शन खरीदने के बाद स्टॉपलॉस जरूर लगाएं।

वैसे लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग में स्टॉप लॉस का उतना महत्व नहीं है जितना कि इंट्राडे या ऑप्शन ट्रेडिंग में है। स्टॉप लॉस के द्वारा आप बड़े नुकसान से बच सकते हैं। इसलिए टारगेट के साथ-साथ stop-loss लगाना मत भूलें।

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2. टेक्निकल एनालिसिस करना चाहिए

ट्रेडिंग करते समय टेक्निकल एनालिसिस सबसे ज्यादा जरूरी होती है। सभी प्रोफेशनल ट्रेडर्स टेक्निकल एनालिसिस करने के बाद ही ट्रेडिंग करते हैं। तकनीकी विश्लेषण करने से आपको पता चलता है कि स्टॉक को किस लेवल पर खरीदना चाहिए कब उस स्टॉक से बाहर निकलना चाहिए।

इसके अलावा भी टेक्निकल एनालिसिस बहुत सारी इंपॉर्टेंट जानकारी देता है जैसे मार्केट का ट्रेंड कैसा है, प्राइस कब ऊपर जाएगा और कब नीचे, सपोर्ट और रेसिस्टेंट क्या है आदि। इसलिए ट्रेडिंग में टेक्निकल एनालिसिस का अपना ही विशेष महत्व है। और अगर आप एक सफल ट्रेडर बनना चाहते हैं तो आपको टेक्निकल एनालिसिस करना जरूर आना चाहिए।

3. चार्ट पढ़ने का प्रयास करें

ट्रेडिंग करते समय चार्ट को पढ़ना बहुत आवश्यक है क्योंकि चार्ट आपको पहले ही बता देता है कि प्राइस ऊपर जाएगा या नीचे। चार्ट एनालिसिस करना हर किसी के बस की बात नहीं है क्योंकि उसी चार्ट पर एक ट्रेडर को कुछ और दिखेगा तो दूसरे को कुछ और।

चाट देखते समय सबसे पहले आपको ट्रेंड देखना चाहिए। उसके बाद देखना चाहिए कि क्या चार्ट पैटर्न बन रहे हैं जिसके द्वारा आप ट्रेड ले सकते हैं। जैसे-जैसे आप चार्ट पढ़ते जाएंगे तो आपको खुद ब खुद अनुभव होता जाएगा की प्राइस मूवमेंट किस प्रकार होती है।

और फिर आप आसानी से पता लगा पाएंगे कि प्राइस किस दिशा में move कर सकता है। अगर आप कैंडल्स के बारे में जानते हैं तो आपको कैंडलेस्टिक चार्ट पेटर्न देखना चाहिए क्योंकि उससे आपको एक ही चार्ट पर बहुत सारी जरूरी जानकारियां मिल जाएंगी।

4. चार्ट पर बहुत कम इंडिकेटर्स लगाना चाहिए

कुछ ट्रेडर्स चार्ट पर इतने सारे इंडिकेटर्स या तकनीकी संकेतक लगा देते हैं जिससे कुछ समझ ही नहीं आता है और हम उलझ कर रह जाते हैं। इसलिए जितना हो सके ट्रेडिंग में कम चीजों पर फोकस करना चाहिए।

कुछ लोग RSI, बोलिंगर बैंड, मूविंग एवरेज, VWAP और भी बहुत सारे इंडिकेटर्स एक साथ लगा देते हैं जिससे चार्ट पर हम किसी एक इंडिकेटर पर फोकस नहीं कर पाते हैं। अगर आप ट्रेडिंग में एक्सपर्ट नहीं है तो आपको अधिक इंडिकेटर्स उपयोग करने की जरूरत नहीं है।

इसलिए जितना हो सके किसी एक इंडिकेटर में mastery हासिल करें और उसी के द्वारा ट्रेड करें यह ज्यादा लाभदायक होगा।

5. ट्रेडिंग वॉल्यूम जरूर देखें

ट्रेडिंग करते समय वॉल्यूम देखना बहुत जरूरी है। वॉल्यूम आपको बताता है कि कितने खरीददार या विक्रेता उस ट्रेड को लेने के लिए उत्साहित हैं। मतलब buying साइड वॉल्यूम ज्यादा है तो इसका मतलब है कि मार्केट में तेजी आ सकती है और अगर selling साइड वॉल्यूम ज्यादा है तो इसका मतलब है कि मार्केट में गिरावट आ सकती है।

जब आप किसी स्टॉक में एंट्री लेते हैं तो उससे पहले एक बार volume जरूर चेक कर लेना चाहिए ताकि आपको पता चल सके कि आखिर जिस दिशा में आप एंट्री ले रहे हैं वहां पर पर्याप्त वॉल्यूम है भी या नहीं।

अगर आप ब्रेक आउट होने पर एंट्री लेते हैं और ऊपर या नीचे की ओर पर्याप्त वॉल्यूम नहीं है तो आपको एंट्री नहीं लेना चाहिए। अगर ट्रेडिंग वॉल्यूम स्ट्रांग है तो ही आपको उस ट्रेड से फायदा हो सकता है।

6. सही टाइम फ्रेम चुनें

ट्रेडिंग करते समय सही टाइम फ्रेम चुनना बहुत इंपोर्टेंट है। अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं तो चार्ट पर 5 मिनट टाइम फ्रेम का चार्ट देखना चाहिए। अगर 5 मिनट वाले चार्ट पर अच्छी ट्रेड नहीं मिलती है तो 15 मिनट का भी टाइम फ्रेम देख सकते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग करते वक्त 1 दिन का चार्ट देखना सबसे बेस्ट होता है। अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग में 1 घंटे या 5 घंटे का चार्ट देखेंगे, और स्विंग ट्रेडिंग में 1 मिनट या 5 मिनट का चार्ट देखेंगे तो आपको हमेशा नुकसान ही होगा।

कहने का मतलब यह है कि आप जितने लंबे समय के लिए ट्रेडिंग करते हैं उतना ही बड़ा टाइम फ्रेम का चार्ट देखना चाहिए और जितने short-term के लिए ट्रेडिंग करते हैं उतने ही कम समय अंतराल का चार्ट देखना चाहिए।

7. सपोर्ट और रेजिस्टेंस का पता करें

चार्ट पर टाइम फ्रेम कोई भी हो लेकिन सपोर्ट और रेजिस्टेंस जरूर पता कर लेना चाहिए। ट्रेडिंग करते समय सपोर्ट और रेजिस्टेंस देखना बहुत जरूरी होता है। सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल देखने से आपको पता चलता है कि स्टॉक कितने ऊपर या नीचे जा सकता है।

कुछ लोग तो सिर्फ सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल देखकर ही ट्रेड करते हैं और प्रॉफिट भी कमाते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि आपको इसके साथ-साथ वॉल्यूम, इंडिकेटर्स, कैंडल्स और चार्ट पेटर्न्स को भी देखना चाहिए।

8. इलिक्विड स्टॉक्स में ट्रेडिंग मत करें

किसी भी स्टॉक में ट्रेड करते वक्त उसकी लिक्विडिटी जरूर चेक कर लेना चाहिए। अगर किसी स्टॉक में खरीदार और विक्रेता बहुत कम है तो वह इलिक्विड स्टॉक्स की कैटेगरी में आता है। आपको ऐसे stocks कभी नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि इस प्रकार के stocks को अधिकतर ऑपरेटर्स ही ऊपर नीचे करते रहते हैं।

और जितने भी upper या lower सर्किट लगने वाले स्टॉक्स होते हैं वह illiquid होते हैं इसीलिए कोई भी उन्हें बड़ी क्वांटिटी में शेयर खरीदकर आसानी से आपको फंसा सकता है।

इसीलिए जितना हो सके इस प्रकार के स्टॉक से दूर रहें इसके बजाय निफ्टी या बैंकनिफ्टी इंडेक्स में ट्रेड करें क्योंकि इनमें सबसे ज्यादा लिक्विडिटी होती है।

9. SGX निफ्टी देखें

SGX या सिंगापुर निफ्टी आपको इंडियन शेयर मार्केट का हाल मार्केट खुलने से पहले ही बता देता है। यह सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड इंडियन निफ्टी का डेरिवेटिव है जिसे सिंगापुर एक्सचेंज पर ट्रेड किया जाता है।

इंडिया में शेयर मार्केट 9:30 बजे खुलता है जबकि सिंगापुर में यह ही पहले ही ग्लोबल मार्केट का हाल बता देता है जिसको देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आज मार्केट कैसा रहेगा।

अधिकतर बार देखा गया है कि SGX निफ्टी का लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस इंडियन निफ्टी की तरह ही होता है। यही कारण है कि सुबह मार्केट खुलने से पहले बहुत सारे ट्रेडर्स SGX निफ्टी पर नजर रखते हैं।

10. ट्रेडिंग के नियम फॉलो करें

ट्रेडिंग करते समय आपको कुछ नियमों को फॉलो करना चाहिए जो बड़े-बड़े ट्रेडर्स फॉलो करते हैं। अगर आप बिना किसी नियम को फॉलो किए ट्रेड करते हैं तो आप कभी भी एक सफल ट्रेडर नहीं बन सकते।

ट्रेडिंग के कुछ बेसिक नियम हैं- जैसे;

  • स्टॉप लॉस लगाएं,
  • बड़े ट्रेडर्स को फॉलो करें,
  • पूरे कैपिटल के साथ ट्रेड मत करें,
  • नुकसान करने से बचें, अपना माइंडसेट क्लियर रखें,
  • आज कितनी ट्रेड करना है पहले से ही क्लियर करें,
  • चार्ट और ट्रेंड को फॉलो करें
  • और biased होकर ट्रेडिंग मत करें।

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11. अपना ट्रेडिंग स्टाइल निर्धारित करें

प्रत्येक ट्रेडर का ट्रेडिंग स्टाइल अलग होता है। कुछ लोग इंडिकेटर्स के साथ ट्रेड करने से ज्यादा प्रॉफिट कमाते हैं तो कुछ लोग सपोर्ट और रेजिस्टेंस के द्वारा ट्रेड करने से अधिक मुनाफा करते हैं। वहीं कुछ ट्रेडर्स सिर्फ प्राइस एक्शन देखकर ट्रेडिंग करते हैं उन्हें चार्ट से कोई मतलब नहीं होता।

ट्रेडिंग करते समय आपको अपना ट्रेडिंग स्टाइल निर्धारित करना होगा। कहने का मतलब है कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि कभी आप इंडिकेटर्स के साथ ट्रेडिंग करते हैं तो कभी प्राइस एक्शन को देखकर। आपका माइंडसेट पहले से ही क्लियर होना चाहिए कि इस प्रकार की ट्रेडिंग आप पर शूट करती है और उसी ट्रेडिंग पर आपको अधिक फोकस करना चाहिए।

मतलब अगर आप इंट्राडे ट्रेडिंग में हमेशा नुकसान करते हैं और स्विंग ट्रेडिंग में अधिकतर प्रॉफिट कमाते हैं तो आपको पूरा फोकस swing ट्रेडिंग पर करना चाहिए ना कि इंट्राडे ट्रेडिंग पर।

ठीक इसी प्रकार अगर आप option selling की बजाए option buying में अच्छा मुनाफा कमाते हैं तो आपको option buyer बनने पर फोकस करना चाहिए ना कि option seller बनने पर।

12. ट्रेडिंग साइकोलॉजी पर कंट्रोल करें

ट्रेडिंग साइकोलॉजी का मतलब है अपने माइंडसेट को कंट्रोल करना। अधिकतम ट्रेडर्स साइकोलॉजी के सही ना होने के कारण ही trading में नुकसान करते हैं। ट्रेडिंग साइकोलॉजी में सिर्फ दो ही चीजें आती हैं- डर और लालच।

अगर आप ट्रेडिंग करते समय प्रॉफिट के लालच और नुकसान के डर पर कंट्रोल कर लेते हैं तो आपको सफल ट्रेडर बनने से कोई नहीं रोक सकता।

अगर आपको लग रहा है कि किसी ट्रेड में बहुत अधिक नुकसान हो रहा है तो उसका मतलब है कि आपने अपना माइंडसेट नुकसान के लिए पहले से prepare करके नहीं रखा है। आप को नुकसान के लिए तैयार रहना चाहिए और अधिक प्रॉफिट की आशा नहीं करनी चाहिए।

ट्रेडिंग करते समय ये बातें ध्यान रखें–

  • जितना प्रॉफिट हो उसे बुक कर लेना चाहिए, चाहे वह कम ही क्यों ना हो।
  • आपका कल का प्रॉफिट आज के नुकसान से अधिक होना चाहिए।
  • थोड़ा सा नुकसान होने के चक्कर में अधिक नुकसान मत करें।
  • अगर बार-बार loss हो रहा है तो उस दिन ट्रेडिंग मत करें।
  • अगर आपको प्रॉफिट हो चुका है तो यह नियम बना लें कि आज उस प्रॉफिट में से 80% बचाना है और सिर्फ 20% से ही ट्रेड करना है।

13. लोन लेकर ट्रेडिंग कभी मत करें

यह पॉइंट सबसे महत्वपूर्ण है कि लोन लेकर कभी भी ट्रेडिंग नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आप बहुत बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। जब आप उधार लेकर ट्रेडिंग करते हैं तो आपका मकसद सिर्फ और सिर्फ प्रॉफिट कमाना होता है।

और जब आपको loss होता है तो आप अपने इमोशंस को कंट्रोल नहीं कर पाते और बार-बार stop loss फिर होता रहता है जिससे आपका नुकसान बढ़ता जाता है और आप उधर नहीं चुका पाते हैं। इसीलिए जिंदगी में कभी भी किसी से भी लोन लेकर ट्रेडिंग मत करें।

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ट्रेडिंग करते समय क्या सोचना चाहिए?

ट्रेडिंग करते समय आपको खरीदार और विक्रेता की साइकोलॉजी के बारे में सोचना चाहिए। मतलब अगर बाजार में डर का माहौल है तो अधिकतर लोग पैनिक में आकर अपने शेयर बेचेंगे और वह आपके लिए खरीदने का एक अच्छा मौका होगा। मतलब आपको ट्रेडिंग साइकोलॉजी पर फोकस करना है इस प्रकार आप एक एक्सपर्ट ट्रेडर की तरह सोच पाएंगे।

ट्रेडिंग करने से पहले क्या देखना चाहिए?

ट्रेडिंग करने से पहले बाजार का ट्रेंड, प्राइस हिस्ट्री, सपोर्ट और रेजिस्टेंस, चार्ट पेटर्न और वॉल्यूम जरूर देखना चाहिए। याद रखिए बाजार का ट्रेंड जिस ओर है उसी और आपको ट्रेडिंग करनी चाहिए मतलब अगर आज मार्केट में तेजी है तो आपको भी बुलिश होना चाहिए। और अगर मार्केट में downtrend चल रहा है तो आपको भी उसी के अनुसार ट्रेड करना चाहिए।

ट्रेडिंग करते समय क्या नहीं करना चाहिए?

ट्रेडिंग करते समय अधिक इंडिकेटर्स नहीं लगाना चाहिए, इलिक्विड स्टॉक्स में ट्रेडिंग करने से बचना चाहिए और कभी भी biased होकर ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए। मतलब आपका मार्केट व्यू बुलिश या बेरिश पहले से ही नहीं होना चाहिए बल्कि यह बाजार को तय करने देना चाहिए। उसी के अनुसार आपको अपना view निर्धारित करना चाहिए।

आज आपने क्या सीखा?

इस पोस्ट में मैंने आपको बताया है कि ट्रेडिंग करने से पहले क्या करना चाहिए और शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उम्मीद करता हूं आपको ऊपर बताई गई बातें उपयोगी लगी होगी।

अगर आपका ट्रेडिंग से संबंधित कोई भी सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पहुंचे और अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे सोशल मीडिया पर भी जरूर शेयर करें।

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Deepak SenAbout Author
मेरा नाम दीपक सेन है और मैं इस ब्लॉग का Founder हूं। यहां पर मैं अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से शेयर मार्केट, निवेश और फाइनेंस से संबंधित उपयोगी जानकारी शेयर करता हूं। ❤️

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